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<title> &#45; : मध्य प्रदेश</title>
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<description> &#45; : मध्य प्रदेश</description>
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<title>एक्सप्रेस&#45;वे पर ब्रिज से नीचे गिरी कार, गुजरात के अधिकारी सहित परिवार के चार सदस्य घायल; 54.50 लाख कैश मिला</title>
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<description><![CDATA[ रतलाम। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर गुरुवार शाम जावरा औद्योगिक क्षेत्र में नीमन-नागदी के बीच एक कार ब्रिज से नीचे गिरकर पलट गई। हादसे में कार सवार गुजरात के जीएसटी विभाग के अधिकारी प्रवीण पूंजीलाल (40), उनकी पत्नी संतोष (37) और दोनों बेटे आदित्य (10) व अथर्व (8) गंभीर रूप से घायल हो गए। चारों को पहले जावरा अस्पताल, फिर रतलाम मेडिकल कॉलेज और बाद में इंदौर रेफर किया गया।
प्रवीण मूल रूप से राजस्थान के गंगानगर के रहने वाले हैं और गुजरात के वापी में जीएसटी विभाग में अधिकारी हैं। दीपावली की छुट्टियों में वे परिवार के साथ कार से सूरत से गंगानगर जा रहे थे। इसी दौरान गुरुवार शाम करीब 5.15 बजे उनकी कार हादसे का शिकार हो गई।
कार से मिले 54.50 लाख रुपए और आभूषण
हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कार में फंसे चारों लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें दो बैग में रखे 54.50 लाख रुपए नकद और आभूषण मिले। बैग में 500 रुपए के नोट की 92 गड्डियां और 200 रुपए के नोट की 10 गड्डियां थीं। पुलिस ने नकदी और आभूषण अपनी कस्टडी में रखे हैं।
एक करोड़ रुपए होने की शुरुआती जानकारी
शुरुआती जानकारी में कार में करीब एक करोड़ रुपए होने की बात सामने आई थी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, कार से करीब 50 लाख रुपए नकद और आभूषण मिले हैं। नकदी की वास्तविक मात्रा और उसके स्रोत को लेकर स्थिति घायलों के बयान और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। चोटें गंभीर होने के कारण पुलिस अभी उनके बयान दर्ज नहीं कर पाई है। फिलहाल चारों का उपचार प्राथमिकता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Nov 2026 09:46:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>news</dc:creator>
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<title>नशे के कारोबार पर पुलिस का आर्थिक प्रहार, डोडाचूरा तस्कर की 1.20 करोड़ की संपत्ति फ्रीज</title>
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<description><![CDATA[ रतलाम। मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ अभियान के तहत रतलाम पुलिस ने बड़ी वैधानिक कार्रवाई की है। 256 किलो 800 ग्राम डोडाचूरा तस्करी के मामले में आरोपी रमजानी खान पिता गुलाब खान की तीन संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं। इनकी कुल कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए है। सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक (सफेमा/एनडीपीएसए), मुंबई ने 2 नवंबर 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ (2) के तहत संपत्तियां फ्रीज करने की कार्रवाई की पुष्टि की है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन में मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा पुलिस ने वर्ष 2019 के डोडाचूरा तस्करी प्रकरण में आरोपी रमजानी खान की संपत्तियां फ्रीज कराने के लिए प्रकरण भेजा था।
पुलिस के अनुसार, फ्रीज की गई संपत्तियों में ग्राम उमटपालिया स्थित सर्वे नंबर 202/1 की 0.28 हेक्टेयर कृषि भूमि, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपए है, शामिल है। इसके अलावा इसी गांव में भूमि क्रमांक 31, जिसकी कीमत 20 लाख रुपए है, तथा सर्वे नंबर 202/2 की 0.28 हेक्टेयर कृषि भूमि, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपए है, फ्रीज की गई है। सर्वे नंबर 202/2 की भूमि आरोपी की पत्नी के नाम पर दर्ज है। तीनों संपत्तियों का कुल मूल्य 1.20 करोड़ रुपए आंका गया है।
यह कार्रवाई थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा के अपराध क्रमांक 545/2019 में की गई है। इस प्रकरण में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 15, 25, 27, 29 और 31 के तहत मामला दर्ज है। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुमित मिश्रा, उप निरीक्षक दिनेश नागर, प्रधान आरक्षक मनीषा पाटीदार और आरक्षक सुनीता जाट की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस के अनुसार, मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों को फ्रीज कराने के लिए अब तक 100 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की संपत्तियों के प्रकरण सफेमा न्यायालय भेजे जा चुके हैं। इनमें से करीब 39 करोड़ 24 लाख रुपए मूल्य की संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश जारी हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में लिप्त आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के साथ उनकी अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों पर भी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 04 Nov 2026 22:36:50 +0530</pubDate>
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<title>एमडी ड्रग्स तस्करी में ज्वैलरी कारोबारी गिरफ्तार, दलौदा से जुड़ा कनेक्शन रतलाम के माणक चौक निवासी अक्षय चपड़ोद को जावरा पुलिस ने पकड़ा, पूछताछ के बाद जेल भेजा; एक अन्य आरोपी फरार</title>
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<description><![CDATA[ रतलाम। एमडी ड्रग्स की तस्करी के मामले में अब कारोबारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। जावरा सिटी थाना पुलिस ने रतलाम के माणक चौक निवासी ज्वैलरी कारोबारी अक्षय चपड़ोद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद भी नशा करता था और कथित तौर पर अपने ठिकाने से दूसरों को मादक पदार्थ बेचता था। इस मामले में मादक पदार्थ की कड़ी मंदसौर जिले के दलौदा से जुड़ी है। एक अन्य आरोपी एजाज की तलाश की जा रही है।
सिटी थाना प्रभारी मनोज कटारिया के मुताबिक, 6-7 मई 2025 को पुलिस ने जावरा में महू-नीमच हाईवे पर नाकाबंदी के दौरान एक कार से ट्रांसपोर्ट व्यवसायी कमलेश जैन और उसके साथी साबिर खान को पकड़ा था। उनके कब्जे से करीब 20 लाख रुपए कीमत की 200 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की गई थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि रतलाम के सुनील सूर्या ने दलौदा के जरिए यह खेप मंगवाई थी। इसके बाद पुलिस ने सूर्या सहित नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जांच के दौरान सामने आए नामों में अक्षय चपड़ोद भी शामिल था। पुलिस ने उसे गुरुवार शाम गिरफ्तार किया और पूछताछ के बाद शुक्रवार को जेल भेज दिया।
सुनील सूर्या पर 40 से अधिक मामले
पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में नामजद सुनील सूर्या के खिलाफ मारपीट, धमकी और एनडीपीएस एक्ट सहित 40 से अधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2019 में उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई भी की गई थी। वह पुलिस की गुंडा सूची में शामिल बताया गया है।
2024 में भी सामने आया था नेटवर्क
17 मार्च 2024 की रात भक्तन की बावड़ी मुक्तिधाम के पास पुलिस ने आशीष पिता सुशील सोनी (32) को पकड़ा था। उसके पास से 30 ग्राम एमडी ड्रग्स मिली थी। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने बताया था कि 10-10 ग्राम एमडी सईद पिता फजल हुसैन निवासी हाकिमवाड़ा, हनी पिता जफर शेख निवासी नाहरपुरा और सुनील सूर्या पिता इंदरमल जैन निवासी शास्त्री नगर को देने की तैयारी थी। पुलिस का कहना है कि इस मामले में सामने आए कुछ लोग खुद नशा करने के साथ मादक पदार्थ की बिक्री में भी शामिल थे। ताजा गिरफ्तारी के बाद पुलिस फरार आरोपी की तलाश और नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 25 Oct 2026 08:46:03 +0530</pubDate>
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<title>एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, भोपाल&#45;बैतूल के 8 लोगों की मौत; 17 घायल खाटूश्यामजी दर्शन के लिए जा रहा टैंपो ट्रैवलर पुलिया से 15 फीट नीचे गिरा, मृतकों में महिलाएं और युवा भी शामिल</title>
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<description><![CDATA[ कोटा। राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में मध्यप्रदेश के आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 यात्री घायल हो गए। यात्रियों से भरा टैंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पुलिया से करीब 15 फीट नीचे गिर गया। वाहन में सवार लोग भोपाल से खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे। मृतकों में बैतूल जिले के विभिन्न क्षेत्रों और भोपाल के निवासी शामिल हैं।
हादसा कोटा शहर से करीब 35 किलोमीटर दूर सिमलिया थाना क्षेत्र में कराड़िया टोल के पास सुबह करीब 6 बजे हुआ। सिमलिया थाना प्रभारी नंद सिंह के अनुसार, दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। सुबह अंधेरा होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में कुछ देरी हुई।
सीटों के बीच फंसे थे शव, खिड़कियां तोड़कर निकाले घायल
हादसे के बाद ट्रैवलर में सवार कई यात्री अंदर फंस गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ मृतकों के शव सीटों के बीच फंसे हुए थे, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। घायलों को निकालने के लिए वाहन की खिड़कियां तोड़नी पड़ीं। दुर्घटना में घायल 17 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
मृतकों में महिलाएं और युवा भी शामिल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों में वैष्णवी गावंडे (25), त्रिशा गोडकी (22), सचिन गिरी (27), कृष्णाराव गोडके (55), अनिता (50), ओम सूर्यवंशी (26), अरुणा और राजुराम उर्फ राजकुमार (करीब 50) शामिल हैं। मृतकों की पहचान के अनुसार, इनमें बैतूल जिले के मुलताई, साईंखेड़ा और पाटन क्षेत्र के निवासियों के साथ भोपाल के लोग भी शामिल हैं।
पुलिस ने जारी की मृतकों की सूची
सिमलिया थाना प्रभारी नंद सिंह के अनुसार, मृतकों में अरुणा, पत्नी कमलेश, निवासी मुलताई; वैष्णवी गावंडे, पुत्री यादुराव गावंडे, निवासी मीरापुर, साईंखेड़ा; त्रिशा गोडकी, पुत्री कृष्णाराव गोडकी, निवासी पाटन; कृष्णाराव गोडके, पुत्र बिट्टुभाई गोडके, निवासी पाटन; अनिता, पत्नी राजकुमार, निवासी सेक्टर-ए, राजीव नगर, भोपाल; सचिन गिरी, निवासी भोपाल; ओम सूर्यवंशी, पुत्र रामकिशोर, निवासी सरा, मुलताई; और राजुराम उर्फ राजकुमार, पुत्र गेंदाराव, शामिल हैं। राजुराम के पते की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
भोपाल और बैतूल में शोक
हादसे में आठ लोगों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। भोपाल और बैतूल में शोक का माहौल है। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 18 Oct 2026 08:37:40 +0530</pubDate>
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<title>पुरानी कृषि उपज मंडी में तीन दुकानों को बनाया निशाना, 65 हजार रुपए चोरी दो दुकानों के ताले टूटे, व्यापारियों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की</title>
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<description><![CDATA[ नीमच। शहर के स्टेशन रोड स्थित पुरानी कृषि उपज मंडी (औषधि मंडी) में चोरों ने गुरुवार रात तीन दुकानों को निशाना बनाया। राकेश ट्रेडर्स के गल्ले से करीब 65 हजार रुपए चोरी होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, कौशिक इंटरप्राइजेज के शटर के ताले और ओसवाल किराना के गोदाम का ताला टूटा मिला। घटना के बाद व्यापारियों ने मंडी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और रात में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
सुबह दुकान पहुंचने पर खुला मिला मुख्य चैनल
राकेश ट्रेडर्स के संचालक और पूर्व पार्षद राकेश गर्ग ने बताया कि वे गुरुवार रात करीब 9 बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे दुकान पहुंचे तो मुख्य चैनल खुला मिला। दुकान के अंदर गल्ले और अलमारी के हैंडल टूटे हुए थे तथा सामान बिखरा पड़ा था। गर्ग के अनुसार, गल्ले में करीब 65 हजार रुपए रखे थे, जो गायब मिले। उन्होंने घटना की सूचना डायल 112 और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी।
दो अन्य दुकानों के ताले भी टूटे
चोरों ने कौशिक इंटरप्राइजेज को भी निशाना बनाया। दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे का कनेक्शन कटा मिला और शटर के दो ताले टूटे हुए थे। तीसरा ताला नहीं टूटने के कारण चोर दुकान के भीतर प्रवेश नहीं कर सके। पास स्थित ओसवाल किराना के गोदाम का ताला भी टूटा मिला।
व्यापारियों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद व्यापारियों ने मंडी क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने और रात्रि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। उनका कहना है कि मंडी में बड़ी मात्रा में कारोबार और नकदी का लेन-देन होता है, इसलिए रात में सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
मंडी निरीक्षक राहुल अस्थाना ने बताया कि मंडी कर्मचारी रात 10 से 12 बजे तक गश्त करते हैं। मूंगफली की आवक और अन्य व्यवस्थाओं के कारण कर्मचारी अन्य कार्यों में भी व्यस्त रहते हैं। उनके अनुसार, सुबह सूचना मिलने पर मंडी की टीम मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 17 Oct 2026 08:11:15 +0530</pubDate>
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<title>चंबल एक्सप्रेस&#45;वे के आसपास विकसित होंगे नए औद्योगिक क्षेत्र, दीपावली से पहले होगा संभागीय सम्मेलन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यमियों से किया संवाद, ग्लास उद्योग में 1500 करोड़ के निवेश से 2000 रोजगार की संभावना</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक विकास और निवेश को गति देने के लिए राज्य सरकार नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर जोर दे रही है। चंबल एक्सप्रेस-वे के आसपास नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि दीपावली से पहले चंबल संभाग स्तरीय औद्योगिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इससे क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को विस्तार देने और नए उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनविश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित उद्यम संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों से निवेश, रोजगार सृजन, निर्यात और उद्योगों के विस्तार पर चर्चा की। संवाद में करीब 20 उद्यमियों ने हिस्सा लिया और शासन से मिले सहयोग, उपलब्ध सुविधाओं तथा विभागीय समन्वय के अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इनका लाभ लेने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने, औद्योगिक क्लस्टर स्थापित करने और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
ग्लास विनिर्माण इकाई में 1500 करोड़ का निवेश प्रस्तावित
मुख्यमंत्री ने एजीआई ग्रीन पैक की ग्लास विनिर्माण इकाई की सराहना करते हुए कहा कि ग्लास उद्योग को प्रोत्साहित कर प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने और उद्योगों में इनके इस्तेमाल की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।
कंपनी को करीब 27 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है और इकाई का निर्माण कार्य जारी है। परियोजना में लगभग 1500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे करीब 2000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। कंपनी का मुख्यालय हैदराबाद में है।
कृषि अपशिष्ट से तैयार होंगे उपयोगी उत्पाद
मुख्यमंत्री ने बायोरा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की पहल की भी सराहना की। कंपनी बायोमास पैलेट्स का निर्माण करती है। उन्होंने कहा कि ऐसी इकाइयां फसल अवशेषों के बेहतर उपयोग और पराली प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। कृषि अपशिष्ट से बायोमास पैलेट्स और बायोचार तैयार कर उसे उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास को एक साथ प्रोत्साहन मिलेगा।
दीपावली तक शुरू हो सकता है चिकित्सा उपकरणों का उत्पादन
उद्यम संवाद में सिनोरिया फार्मा के कपिल सत्यवानी ने बताया कि उनकी इकाई का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2024 में वर्चुअल माध्यम से किया था। इकाई में चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा संबंधी उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और दीपावली तक उत्पादन शुरू करने की तैयारी है। इस इकाई में करीब 6 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। मुख्यमंत्री ने इकाई की स्थापना और उत्पादन शुरू करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए उद्यमी को बधाई दी।
पोरसा और सबलगढ़ में भी औद्योगिक विस्तार की संभावनाएं
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पोरसा और सबलगढ़ सहित क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं हैं। उद्योगों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। औद्योगिक विकास का लाभ सभी क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए, ताकि युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर मिल सकें।
संवाद में शामिल उद्यमियों ने बताया कि शासन के सहयोग और विभागीय समन्वय से औद्योगिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। उनकी इकाइयों में स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जा रहा है और कुछ इकाइयों के उत्पादों का निर्यात भी किया जा रहा है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बटेश्वर इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, योगराज हेल्थकेयर, एजीआई ग्रीन पैक, फ्यूमा लैब्स, अन्नपूर्णा दाल मिल, बायोरा एनर्जी, सिंघसा मेडीकेयर और सिनोरिया फार्मा सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 17 Oct 2026 08:09:08 +0530</pubDate>
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<title>कैबिनेट के फैसले: मंदसौर की सिंचाई परियोजना के लिए 750.83 करोड़ मंजूर सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना का लाभ, जबलपुर&#45;इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए बनेगी विशेष कंपनी</title>
<link>https://jansarangi.com/bhopal-317</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के औद्योगिक विकास, किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने और अधोसंरचना विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी के गठन और खरीफ वर्ष 2026 में सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू करने को मंजूरी दी। इसके साथ ही मंदसौर सहित चार जिलों की सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल 3,076.37 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।
मंदसौर जिले की कयामपुर-सीतामऊ दाबयुक्त सूक्ष्म वृहद सिंचाई परियोजना के संचालन की निरंतरता के लिए 750.83 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए स्वीकृत इस राशि से जिले में 1 लाख 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना
कैबिनेट ने खरीफ वर्ष 2026 में सोयाबीन उत्पादक किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के अंतर्गत भावांतर भुगतान योजना लागू करने की स्वीकृति दी है। योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी औसत गुणवत्ता वाली सोयाबीन उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित कराना है।
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ई-उपार्जन पोर्टल पर 17 अक्टूबर 2026 तक पंजीयन कराना होगा। अधिसूचित मंडियों में सोयाबीन विक्रय की अवधि 22 अक्टूबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक निर्धारित की गई है। योजना के तहत पात्र किसानों को भावांतर राशि सीधे उनके पंजीकृत बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी।
जबलपुर-इंदौर कॉरिडोर के लिए बनेगी कंपनी
प्रदेश में औद्योगिक निवेश और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने पूर्णतः शासकीय स्वामित्व वाली जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी है। कंपनी को प्रारंभिक चुकता पूंजी के रूप में 100 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
विशेष कंपनी औद्योगिक एवं आर्थिक हबों के विकास, भूमि प्रबंधन, मास्टर प्लानिंग और आंतरिक अधोसंरचना के निर्माण पर काम करेगी। इसके माध्यम से औद्योगिक पार्क, फूड पार्क, एग्री-प्रोसेसिंग पार्क, लॉजिस्टिक्स पार्क और आईटी पार्क जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी। मुख्य सड़क या कॉरिडोर का निर्माण कंपनी के कार्यक्षेत्र में शामिल नहीं होगा।
चार जिलों की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने बुरहानपुर, रायसेन, मंदसौर और सिंगरौली की सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल 3,076.37 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इसमें बुरहानपुर की झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 922.91 करोड़, रायसेन की बारना वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 82.49 करोड़, मंदसौर की कयामपुर-सीतामऊ परियोजना के लिए 750.83 करोड़ और सिंगरौली की चितरंगी दाबयुक्त सूक्ष्म वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,320.14 करोड़ रुपए शामिल हैं।
झिरमिटी परियोजना से बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के 42 गांवों में लगभग 17,700 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। बारना परियोजना के तहत नहरों का विस्तार, सुदृढ़ीकरण और आधुनिकीकरण किया जाएगा। वहीं चितरंगी परियोजना से 32,125 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
सांदीपनि विद्यालयों के परिवहन बजट में बढ़ोतरी
जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित 94 सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थियों के परिवहन के लिए 241.88 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत प्रति विद्यार्थी परिवहन दर 10 हजार रुपए सालाना से बढ़ाकर 21 हजार रुपए की जाएगी। इसमें प्रतिवर्ष पांच प्रतिशत की वृद्धि भी होगी। परिवहन व्यवस्था आईटी आधारित प्लेटफॉर्म और निगरानी प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाएगी।
नए जिलों में महिला एवं बाल विकास कार्यालय
निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालयों के लिए 24 नए पदों के सृजन और 12 पदों के प्रतिस्थापन की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही संबंधित केंद्रीय योजनाओं के तहत आउटसोर्स आधार पर मानव संसाधन की व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई।
शिक्षा, आयुष और न्यायिक व्यवस्था के लिए भी राशि मंजूर
कैबिनेट ने शासकीय स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों और आवासीय खेलकूद भवनों के निर्माण एवं विस्तार के लिए 2,875.20 करोड़ रुपए स्वीकृत किए। आयुष महाविद्यालयों और चिकित्सालयों से संबंधित अम्ब्रेला योजना के लिए 3,535 करोड़ रुपए तथा राष्ट्रीय आयुष मिशन के संचालन के लिए 1,697.62 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई।
विधि एवं विधायी कार्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को 16वें वित्त आयोग की अवधि, 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 15,557.35 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। इसमें न्यायालयीन कर्मचारियों के वेतन-भत्तों, अधीनस्थ न्यायालयों के संचालन और न्यायालय भवनों के निर्माण से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
राज्य सूचना आयोग की स्थापना और विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए भी 71.81 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 16 Oct 2026 08:16:53 +0530</pubDate>
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<title>रेलवे समिति ने 2026&#45;27 के लिए परीक्षण के विषयों को दी मंजूरी सुधीर गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक, ओम बिरला और अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर रेल सुविधाओं के विस्तार व आधुनिकीकरण पर की चर्चा</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली। रेलवे संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने वर्ष 2026-27 के दौरान परीक्षण के लिए विषयों के चयन से जुड़े मेमोरेंडम संख्या-1 को मंजूरी दे दी है। नई दिल्ली में आयोजित बैठक की अध्यक्षता सांसद सुधीर गुप्ता ने की। बैठक में प्रस्तावित विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही समिति के आगामी कार्यों, प्राथमिकताओं और भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर सुधीर गुप्ता ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस दौरान रेलवे से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ देश में रेल सुविधाओं के विस्तार, आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं में सुधार से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे में आधारभूत ढांचे के विकास और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। बीते वर्षों में रेल नेटवर्क का विस्तार, विद्युतीकरण, नई रेल सेवाओं की शुरुआत, वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों का संचालन, रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम किया गया है। इन प्रयासों का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर बनाना है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने, रेल पटरियों की क्षमता बढ़ाने और माल परिवहन को अधिक प्रभावी बनाने पर भी काम किया जा रहा है। रेलवे के आधुनिकीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को देश की आर्थिक प्रगति तथा विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है।
रेलवे संबंधी संसदीय स्थायी समिति रेलवे से जुड़े विभिन्न विषयों का परीक्षण करने, नीतिगत पहलुओं पर विचार-विमर्श करने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सुझाव देने का कार्य करती है। वर्ष 2026-27 के लिए परीक्षण योग्य विषयों को मंजूरी मिलने के साथ समिति की आगामी कार्ययोजना को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
सुधीर गुप्ता ने रेलवे संबंधी संसदीय स्थायी समिति का अध्यक्ष मनोनीत किए जाने पर केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए विश्वास जताने पर धन्यवाद देते हुए कहा कि समिति के माध्यम से रेलवे के विकास, आधुनिकीकरण और जनहित से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 15 Oct 2026 08:24:33 +0530</pubDate>
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<title>मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर मंत्रि&#45;परिषद ने पारित किया संकल्प 2047 तक आत्मनिर्भर भारत और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण की प्रतिबद्धता दोहराई, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई विशेष बैठक</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद ने विशेष बैठक में अभिनंदन प्रस्ताव पारित कर वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर भारत और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बैठक में प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ से अधिक जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया गया। मंत्रि-परिषद ने संकल्प लिया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कदम से कदम मिलाकर चलेगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानसेवक तक विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बुनियादी ढांचे, डिजिटल तकनीक, विनिर्माण, गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण के क्षेत्र में कई पहल हुई हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘वी विल डू इट’ मंत्र ने देश की सामूहिक शक्ति को जागृत किया है। वर्ष 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ मध्यप्रदेश भी विकसित राज्य बनने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के सिद्धांत के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कल्याणकारी योजनाओं और तकनीकी विकास का उल्लेख
मंत्रि-परिषद के संकल्प में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतिगत निर्णयों का उल्लेख किया गया। इनमें 80 करोड़ से अधिक लोगों को निशुल्क खाद्यान्न, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, स्वामित्व, पीएम स्वनिधि और उज्ज्वला योजना शामिल हैं। संकल्प में जीएसटी, नीति आयोग, पीएम गति शक्ति, जन-विश्वास अधिनियम और नई न्याय संहिताओं का भी उल्लेख किया गया।
डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में यूपीआई की बढ़ती पहचान, सेमीकंडक्टर मिशन, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और इंडिया एआई मिशन को तकनीकी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया। संकल्प के अनुसार, देश में दो लाख से अधिक स्टार्टअप युवाओं को उद्यमिता के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, जन औषधि केंद्रों और आयुष्मान वय वंदना योजना का भी उल्लेख किया गया। महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महत्वपूर्ण बताया गया।
सुरक्षा, विरासत और अंतरिक्ष अभियानों का उल्लेख
संकल्प में अनुच्छेद 370 हटाने, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कदमों को रेखांकित किया गया। आदित्य मिशन, चंद्रयान अभियान, श्रीराम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और एकात्म धाम के विकास को भी इसमें शामिल किया गया। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इससे जुड़े निर्णय का भी उल्लेख किया गया।
मध्यप्रदेश में सिंचाई और अधोसंरचना परियोजनाओं को गति
मंत्रि-परिषद के संकल्प में प्रदेश की विकास परियोजनाओं को प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के प्रयासों का परिणाम बताया गया। केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल और तापी-बेसिन परियोजनाओं से सिंचाई क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम का उल्लेख किया गया। कूनो, गांधीसागर और वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों के रहवास तथा प्रदेश में चीतों की संख्या 60 होने का दावा भी संकल्प में किया गया।
भोपाल और इंदौर में लगभग 23 हजार करोड़ रुपए की मेट्रो परियोजनाओं, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और धार जिले को रेल लाइन से जोड़ने का उल्लेख किया गया। धार के पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटन की प्रक्रिया 24 दिनों में पूरी करने को भी उपलब्धि बताया गया। मुरैना में सोलर प्लस बैटरी स्टोरेज परियोजना, प्रदेश की 30 हजार मेगावाट से अधिक ऊर्जा क्षमता और उसमें 30 प्रतिशत स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी का जिक्र किया गया। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा को भी प्रदेश में परिवहन सुविधाओं के विस्तार से जोड़ा गया।
युवाओं के रोजगार और कौशल विकास पर जोर
संकल्प में प्रदेश में दो लाख से अधिक नई सरकारी नौकरियों के सृजन के लक्ष्य का उल्लेख किया गया। अगले वर्ष 12 नए मेडिकल कॉलेज और 12 स्किल यूनिवर्सिटी शुरू करने, एक लाख युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देने तथा महाविद्यालयों में एआई और एडवांस कंप्यूटिंग लैब स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं को वर्ष में दो बार आयोजित करने की बात भी संकल्प में कही गई है। इसके अलावा पांच वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय का उल्लेख किया गया।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के संदर्भ में बताया गया कि स्व-सहायता समूहों से जुड़कर लगभग 65 लाख महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। लखपति दीदी और ड्रोन दीदी कार्यक्रमों को आत्मनिर्भरता के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया। बालिकाओं के स्वास्थ्य और छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन के लिए आर्थिक सहायता देने संबंधी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया।
निवेश प्रस्तावों और सिंहस्थ की तैयारियों का जिक्र
संकल्प के अनुसार, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में 30.77 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 10 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। उद्योगों की स्थापना को सुगम बनाने के लिए राज्य में 25 नई नीतियां लागू करने और ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना की पहल का भी उल्लेख किया गया।
संकल्प में सेवा-संकल्प अभियान-2026 के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में 3 करोड़ 87 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित करने तथा उज्जैन में 33 लाख से अधिक दीप प्रज्वलन से विश्व रिकॉर्ड बनने का दावा किया गया। वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ की तैयारियां मिशन मोड में जारी होने और वर्ष 2027 की दीपावली तक सभी कार्य पूरे करने का लक्ष्य भी बताया गया। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 13 Oct 2026 08:17:16 +0530</pubDate>
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<title>अघोषित बिजली कटौती पर सड़कों पर उतरे ग्रामीण, तीन जगह प्रदर्शन &#45;झालावाड़ रोड पर चक्काजाम, 33 केवी ग्रिड पर भी नारेबाजी; दो दिन में सुधार के आश्वासन पर माने ग्रामीण</title>
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<description><![CDATA[ नीमच। अघोषित बिजली कटौती को लेकर मंदसौर के साथ नीमच जिले में भी विरोध तेज हो गया है। बिजली आपूर्ति में बार-बार बाधा से परेशान ग्रामीणों और किसानों का गुस्सा शनिवार रात फूट पड़ा। रतनगढ़ में ग्रामीण 33 केवी विद्युत ग्रिड पहुंच गए, जबकि कुकड़ेश्वर क्षेत्र में किसानों ने धंधेरी पुलिया के पास नीमच-झालावाड़ रोड पर चक्काजाम कर दिया। वहीं नाहरगढ़ क्षेत्र की कचनारा चौपाटी पर भी ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों की मांग थी कि रात में अघोषित कटौती बंद कर नियमित बिजली आपूर्ति की जाए। अधिकारियों और पुलिस की समझाइश तथा व्यवस्था में सुधार के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुए।
रतनगढ़ क्षेत्र के ग्राम गुंजालिया, बधावा, कस्मारिया, देवरिया सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण शनिवार रात जाट रोड स्थित 33 केवी विद्युत ग्रिड पहुंचे। यहां उन्होंने बिजली कटौती के विरोध में नारेबाजी की। ग्रामीण करीब एक घंटे तक ग्रिड परिसर में डटे रहे और संबंधित अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की। उनका कहना था कि रात में बिजली नहीं मिलने से रोजमर्रा के कामकाज के साथ खेती भी प्रभावित हो रही है।
सूचना मिलने पर बिजली विभाग के सहायक अभियंता ओंकार प्रसाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाते हुए बताया कि बिजली कटौती भोपाल स्तर से की जा रही है। उन्होंने दो दिन के भीतर विद्युत व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और अपने गांवों के लिए रवाना हो गए।
इधर, कुकड़ेश्वर और मनासा मार्ग से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली कटौती को लेकर नाराजगी सामने आई। किसानों का कहना है कि रात में बिजली नहीं मिलने से खेतों में फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। इसी के विरोध में शनिवार रात धंधेरी पुलिया स्थित बालाजी मंदिर के पास ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और नीमच-झालावाड़ रोड पर चक्काजाम कर दिया।
नाहरगढ़ क्षेत्र के कचनारा चौपाटी पर भी ग्रामीणों ने अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों की मांग थी कि रात के समय बिजली आपूर्ति नियमित की जाए, ताकि किसानों को सिंचाई में परेशानी न हो। अधिकारियों और पुलिस की समझाइश के बाद यहां भी प्रदर्शन समाप्त हुआ। लगातार हो रहे इन प्रदर्शनों से बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों और किसानों की नाराजगी सामने आई है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 12 Oct 2026 08:11:05 +0530</pubDate>
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<title>नीमच से लौट रहे कांग्रेस जिला महामंत्री की सड़क हादसे में मौत तेज रफ्तार मारुति वैन ने स्कूटी को मारी टक्कर, साथी गंभीर घायल</title>
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<description><![CDATA[ नीमच। नीमच जिले के मालाखेड़ा-जावी मार्ग पर शुक्रवार रात हुए सड़क हादसे में कांग्रेस जिला महामंत्री अभिषेक मालू (40) की मौत हो गई, जबकि उनके साथी लक्ष्मी नारायण उर्फ पप्पू पाल (48) गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों नीमच से सरवानिया महाराज लौट रहे थे, तभी जावी और बोरखेड़ी कला के बीच तेज रफ्तार मारुति वैन ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी।
जानकारी के अनुसार, नीमच-सिंगोली सड़क निर्माण कार्य के चलते अभिषेक मालू और पप्पू पाल स्कूटी (एमपी 44 एमएच 7998) से मालाखेड़ा-जावी मार्ग होते हुए लौट रहे थे। इसी दौरान जावी और बोरखेड़ी कला के बीच मारुति वैन ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में अभिषेक मालू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पप्पू पाल गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस से दोनों को नीमच जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने अभिषेक मालू को मृत घोषित कर दिया। घायल पप्पू पाल का उपचार जारी है। घटना की जानकारी मिलने पर किसान नेता राजकुमार अहीर सहित परिजन और कांग्रेस कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचे।
शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद अभिषेक मालू का शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद सरवानिया महाराज में उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने मारुति वैन जब्त कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 11 Oct 2026 08:33:51 +0530</pubDate>
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<title>अंधे मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलटी तूफान, 10 घायल अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे 14 लोग; ग्रामीणों और डायल 112 टीम ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, तीन नीमच रेफर</title>
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<description><![CDATA[ मंदसौर। मनासा थाना क्षेत्र में चपलाना-बड़कुआ मार्ग पर सोमवार को रामदेवजी मंदिर के पास तेज रफ्तार तूफान गाड़ी अंधे मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में गाड़ी में सवार 14 लोगों में से 10 घायल हो गए। हालांकि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
बताया गया कि मंदसौर जिले के रतन पिपलिया निवासी मालवीय समाज के लोग भमेसर गांव में अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान चपलाना-बड़कुआ मार्ग पर रामदेवजी मंदिर के पास अंधे मोड़ पर चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया। तेज रफ्तार होने के कारण गाड़ी सड़क पर पलट गई।
हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय ग्रामीणों और डायल 112 की टीम ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। डायल 112 के पायलट राहुल भट्ट और अजय प्रताप सिंह ने घायलों को मनासा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। हादसे में संपतबाई, राहुल, गोपाल और दिनेश सहित 10 लोग घायल हुए हैं। इनमें तीन घायलों को गंभीर चोटें आने पर प्राथमिक उपचार के बाद नीमच जिला अस्पताल रेफर किया गया।
हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना की जानकारी लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 06 Oct 2026 08:21:47 +0530</pubDate>
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<title>फर्जी नारकोटिक्स टीआई बनकर ठगी के आरोप में जेल गई सपना ठाकुर के विवादित मकान पर लगी नेम प्लेट रिमांड खत्म होने पर मंगलवार को भेजा गया था जेल, नेम प्लेट किसने लगाई पुलिस जांच में जुटी; एक अन्य महिला ने लोन दिलाने के नाम पर मंगलसूत्र और 18 हजार रुपए लेने की शिकायत की</title>
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<description><![CDATA[ रतलाम। मंदसौर की फर्जी नारकोटिक्स टीआई बनकर प्रॉपर्टी ब्रोकर से ठगी के आरोप में जेल भेजी गई सपना ठाकुर के तेजानगर स्थित विवादित मकान पर उसके नाम की नेम प्लेट लगा दी गई। मंगलवार को कोर्ट ने रिमांड खत्म होने के बाद सपना ठाकुर को जेल भेजा था। मकान पर नेम प्लेट किसने लगाई, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
धोखाधड़ी का केस दर्ज कराने वाले प्रॉपर्टी ब्रोकर रूपेश चपरोट ने विवादित मकान पर लगी नेम प्लेट का वीडियो बनवाया है। ब्रोकर की शिकायत में नकदी के साथ तेजानगर स्थित मकान को भी कथित तौर पर झांसे में लेकर अपने नाम कराने का आरोप लगाया गया है।
4.75 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप
प्रॉपर्टी ब्रोकर ने माणकचौक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, सपना ठाकुर ने खुद को मंदसौर की नारकोटिक्स टीआई बताकर हुंडी दलाल विजय लोढ़ा से बकाया राशि रिकवर कराने के नाम पर कथित तौर पर 4.75 करोड़ रुपए की ठगी की। इसमें नकदी के साथ तेजानगर स्थित करीब 1.30 करोड़ रुपए कीमत का मकान भी शामिल बताया गया है।
वहीं, कोर्ट में पेशी के दौरान सपना ठाकुर ने मीडिया से कहा था कि उसने यह मकान 20 लाख रुपए ऑनलाइन और 1.10 करोड़ रुपए नकद देकर खरीदा है। फिलहाल माणकचौक पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
लोन दिलाने के नाम पर मंगलसूत्र और 18 हजार रुपए लेने की शिकायत
सपना ठाकुर के खिलाफ औद्योगिक क्षेत्र थाने में एक अन्य शिकायत भी सामने आई है। मुखर्जीनगर निवासी गीताबाई पति स्व. सुरेशचंद्र चंदेल ने शिकायत में बताया कि उनकी 22 वर्षीय बेटी नीतू शादीशुदा है और कपड़े बेचने का काम करती है। उसे लोन की जरूरत थी। इसी दौरान उनकी पहचान सपना ठाकुर से हुई।
गीताबाई के अनुसार, सपना ने लोन दिलाने के नाम पर 20 हजार रुपए मांगे। रुपए नहीं होने पर उन्होंने करीब 50 हजार रुपए कीमत का सोने का मंगलसूत्र उसे दे दिया। बाद में मंगलसूत्र वापस करने के नाम पर भी 20 हजार रुपए मांगे गए, जिसके बाद उन्होंने 18 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद न तो लोन दिलाया गया और न ही रुपए या मंगलसूत्र वापस किया गया। यह घटनाक्रम 2025 की शुरुआत से अब तक का बताया गया है।
औद्योगिक क्षेत्र थाने के सब इंस्पेक्टर ध्यानसिंह सोलंकी ने बताया कि महिला का आवेदन मिला है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद केस दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 02 Oct 2026 08:24:01 +0530</pubDate>
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<title>सोसाइटी में गेट बनाने को लेकर विवाद, जिला कांग्रेस नेता पर लाठी&#45;डंडों से हमला बालकृष्ण और राधेश्याम सहित 6&#45;7 लोगों पर मारपीट का आरोप, गंभीर घायल ओम शर्मा को उदयपुर रेफर किया</title>
<link>https://jansarangi.com/neemuch-244</link>
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<description><![CDATA[ नीमच। बरूखेड़ा स्थित परशुराम गृह निर्माण सोसाइटी में गेट निर्माण को लेकर हुए विवाद में जिला कांग्रेस नेता ओम शर्मा पर लाठी-डंडों और हथियारों से हमला कर दिया गया। हमले में ओम शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उदयपुर रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार, सोसाइटी में नई कॉलोनी विकसित की जा रही है। गुरुवार को गेट निर्माण का काम चल रहा था। इसी दौरान ओम शर्मा मौके पर पहुंचे। वहां बालकृष्ण, राधेश्याम सहित अन्य लोगों से उनकी बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर बालकृष्ण सहित 6-7 लोगों ने ओम शर्मा पर हमला कर दिया।
हमले में ओम शर्मा के सिर, मुंह, हाथ सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। वे लहूलुहान होकर मौके पर गिर पड़े। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उदयपुर रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 02 Oct 2026 08:22:54 +0530</pubDate>
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<title>गांधीसागर के बैकवाटर में रेत का अवैध उत्खनन, चार नावें जब्त खनिज विभाग की देर रात कार्रवाई, सेमली चंद्रावत में अवैध गिट्टी परिवहन करता डंपर भी पकड़ा</title>
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<description><![CDATA[ मनासा। मनासा क्षेत्र में गांधीसागर डेम के डूब क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन की शिकायतों पर जिला प्रशासन और खनिज विभाग ने बुधवार रात कार्रवाई की। ग्राम खनाखेड़ी स्थित जीरो पॉइंट पर छापामार कार्रवाई के दौरान गांधीसागर डेम के बैकवाटर से रेत का अवैध उत्खनन करते हुए चार नावें जब्त की गईं। नावों को रखने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें मौके पर ही पानी में डुबो दिया गया।
जिला खनिज अधिकारी जगनसिंह भिड़े, प्रभारी खनिज निरीक्षक सुनील जाधव और टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। टीम ने ग्राम खनाखेड़ी के पास बैकवाटर क्षेत्र में जांच के दौरान अवैध रेत उत्खनन में लगी नावों को जब्त किया।
इसी क्रम में ग्राम सेमली चंद्रावत में जांच के दौरान खनिज गिट्टी का अवैध परिवहन करते हुए डंपर क्रमांक आरजे09 जीई 9605 पकड़ा गया। डंपर को जब्त कर पुलिस चौकी सरवानिया महाराज की अभिरक्षा में रखा गया है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 08:41:07 +0530</pubDate>
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<title>युवक ने फंदा लगाकर की आत्महत्या, परिजन बोले&#45; वीडियो में बताई थी परेशानी; पुलिस को नहीं मिला वीडियो</title>
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<description><![CDATA[ नीमच। जावद थाना क्षेत्र के अठाना गांव में रविवार शाम 28 वर्षीय युवक चेतन पिता जमनालाल सुथार का शव घर में फंदे से लटका मिला। घटना के समय वह घर पर अकेला था। परिजनों ने मोबाइल और वॉट्सऐप चैट के आधार पर एक युवती पर पिछले 5-7 दिनों से चेतन को मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने पुलिस से मामले की जांच कर युवती की भूमिका की जांच करने और दोष पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि उसे किसी वीडियो की जानकारी नहीं मिली है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
परिजनों के अनुसार रविवार शाम करीब 6 बजे चेतन की मां खेत से घर लौटीं। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पड़ोसियों और परिजनों की मदद से दरवाजा खोला गया तो चेतन फंदे से लटका मिला। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भाई और अन्य परिजनों का कहना है कि चेतन ने घटना से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें उसने अपनी स्थिति के बारे में बात की थी। हालांकि जावद थाना प्रभारी मनोज जादौन ने बताया कि पुलिस को अभी ऐसा कोई वीडियो नहीं मिला है।
परिजनों ने चेतन के मोबाइल और वॉट्सऐप चैट के आधार पर आरोप लगाया है कि एक युवती उसे पिछले 5-7 दिनों से मानसिक रूप से परेशान कर रही थी। उनका दावा है कि इसी वजह से चेतन ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मोबाइल और चैट की जांच कर युवती की भूमिका स्पष्ट करने तथा जांच में दोष सामने आने पर कार्रवाई की मांग की है।
थाना प्रभारी मनोज जादौन ने बताया कि युवक की आत्महत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वीडियो के संबंध में पुलिस को अभी कोई जानकारी नहीं है। मामले में हर एंगल से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 07:50:42 +0530</pubDate>
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<title>मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प अभियान की प्रदर्शनी का किया अवलोकन विद्यार्थियों की रचनात्मकता और स्थानीय उत्पादों की सराहना, विभिन्न योजनाओं की ली जानकारी</title>
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<description><![CDATA[ नीमच । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नीमच प्रवास के दौरान अग्रोहा भवन में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं, विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा और स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली तथा नवाचारों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले गांधीसागर समूह जल प्रदाय योजना-2 का अवलोकन कर इसकी प्रगति की जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना के तहत विद्यार्थियों को प्रदान की गई स्कूटियों का अवलोकन किया और विद्यार्थियों की सराहना की।
उन्होंने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई चित्रकला प्रदर्शनी देखी। बच्चों की रचनात्मकता और सुंदर चित्रों की मुख्यमंत्री ने प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम से संबंधित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर को किलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 50 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए थे।
इसके बाद उन्होंने पुलिस विभाग की ‘जीवन संजीवनी अभियान’, ‘नशे से दूरी है जरूरी’ और साइबर अपराध जागरूकता संबंधी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति और साइबर अपराधों से बचाव के लिए चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियानों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने बंबू फार्म द्वारा बाँस से तैयार किए जा रहे ब्रश, कंघी, बाँसुरी सहित अन्य उत्पादों की सराहना की। साथ ही जैविक कृषक भागीरथ नागदा द्वारा जैविक पद्धति से तैयार किए जा रहे उत्पादों की जानकारी लेकर उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
इस अवसर पर विधायक नीमच दिलीप सिंह परिहार, विधायक मनासा अनिरुद्ध माधव मारू, जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान, आयुक्त उज्जैन संभाग आशीष सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास, वंदना खंडेलवाल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 21 Sep 2026 07:57:41 +0530</pubDate>
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<title>गांधीसागर में चीता संरक्षण को नई रफ्तार, राधा के आने से बढ़ा कुनबा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मादा चीता को किया रिलीज; पर्यटन के साथ रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद</title>
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<description><![CDATA[ नीमच। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को एक दिवसीय दौरे पर नीमच पहुंचे। निर्धारित समय से करीब दो घंटे देरी से दोपहर लगभग दो बजे नीमच पहुंचे मुख्यमंत्री का सीआरपी परिसर स्थित हेलीपैड पर स्थानीय नेताओं और अधिकारियों ने स्वागत किया। इसके बाद वे रोड शो करते हुए कामा बाई रोड स्थित अग्रोहा भवन पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सहायता प्रदान की गई तथा स्कूली विद्यार्थियों को स्कूटी सहित अन्य सामग्री वितरित की गई।
नीमच में मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने नीमच में धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बोत्सवाना से लाई गई मादा चीता को गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ना पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना है। इससे पहले उन्होंने उज्जैन में निर्माणाधीन आईटी पार्क और विकास कार्यों का जायजा भी लिया।
गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में रविवार को चीता पुनर्स्थापन एवं संरक्षण परियोजना को नया विस्तार मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सॉफ्ट रिलीज बाड़े में कूनो राष्ट्रीय उद्यान से लाई गई मादा चीता को रिलीज किया। इस अवसर पर उसका नाम ‘राधा’ रखा गया। राधा के आने के बाद गांधीसागर में दो नर और दो मादा सहित कुल चार चीते हो गए हैं। यहां पहले से प्रभास और पावक नामक दो नर तथा धीरा नामक मादा चीता मौजूद है।
अप्रैल 2025 में नर चीते प्रभास और पावक को गांधीसागर लाया गया था। इसके बाद चीता संरक्षण और प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया। चीतों के लिए करीब 64 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में संरक्षित आवास तैयार किया गया है। इसमें सॉफ्ट रिलीज बाड़े के साथ निगरानी और अन्य आवश्यक प्रबंधन सुविधाएं विकसित की गई हैं। सुरक्षित पुनर्स्थापन के लिए वन विभाग के कर्मचारियों और वन्यजीव गाइडों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।
चीता पुनर्स्थापन परियोजना के तहत आवास प्रबंधन, वन्यजीव निगरानी और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप संरक्षण व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। गांधीसागर में भी चीतों के अनुकूल वातावरण तैयार करने और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का काम जारी है।
गांधीसागर में चीता परियोजना के विस्तार से वन्यजीव पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। चीतों की मौजूदगी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकती है। इससे स्थानीय स्तर पर गाइड, होमस्टे, परिवहन और अन्य पर्यटन आधारित सेवाओं के विकास के अवसर बढ़ सकते हैं। मंदसौर और नीमच क्षेत्र के लिए गांधीसागर का विकास पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, 18 सितंबर 2026 तक देश में चीतों की कुल संख्या 56 थी। गांधीसागर में मादा चीता राधा का पुनर्स्थापन चीता परियोजना के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में चीता संरक्षण, वैज्ञानिक निगरानी और आवास प्रबंधन के माध्यम से गांधीसागर को प्रमुख वन्यजीव संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास जारी रहने की उम्मीद है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 21 Sep 2026 07:56:09 +0530</pubDate>
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<title>कूनो में चार नन्हे शावकों की किलकारी, देश में चीतों का कुनबा 56 हुआ भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार शावकों को दिया जन्म; मुख्यमंत्री ने कहा&#45; चीता संरक्षण की यात्रा में नई उपलब्धि</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल। मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में शुक्रवार को चार नन्हे चीता शावकों के जन्म के साथ ही देश में चीतों की संख्या बढ़कर 56 हो गई। भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार शावकों को जन्म दिया है। प्रोजेक्ट चीता के चार वर्ष पूरे होने के अगले ही दिन हुई इस नई आमद को चीता संरक्षण और प्राकृतिक प्रजनन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शावकों के जन्म पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन अपना रास्ता खुद ढूंढ लेता है और जीवन की यही प्रकृति इसे रोमांचक बनाती है। उन्होंने कहा कि एक समय मध्यप्रदेश में चीतों की संख्या गिनती में थी, लेकिन आज प्रदेश में चीतों का संरक्षण और संवर्धन लगातार आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 17 सितंबर 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से शुरू हुई चीता पुनर्स्थापना की यात्रा अब नए मुकाम पर पहुंच गई है। कूनो में जन्मे चार शावक चीता संरक्षण की यात्रा में आशा, जीवटता और सफलता का प्रतीक हैं। उन्होंने प्रोजेक्ट चीता से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।
52 से बढ़कर 56 हुई संख्या
चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारत में 52 जीवित चीते थे। KGP12 द्वारा 18 सितंबर 2026 को चार शावकों को जन्म देने के बाद यह संख्या बढ़कर 56 हो गई है। इनमें भारत में जन्मे चीतों की संख्या 36 हो गई है। नए शावकों के जन्म से देश में भारत में जन्मी चीता पीढ़ी का विस्तार हुआ है।
2022 से शुरू हुई पुनर्स्थापना यात्रा
भारत में प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों के साथ हुई थी। इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत लाए गए। फरवरी 2026 में बोत्सवाना से नौ चीतों को भारत लाया गया। इन पुनर्स्थापना प्रयासों और देश में हुए प्रजनन के परिणामस्वरूप अब भारत में 56 जीवित चीते हैं।
कूनो में 53, गांधीसागर में तीन चीते
मध्यप्रदेश वर्तमान में प्रोजेक्ट चीता का प्रमुख केंद्र है। चार शावकों के जन्म से पहले कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 49 और गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में तीन चीते थे। शावकों के जन्म के बाद कूनो में चीतों की संख्या 53 और मध्यप्रदेश में कुल संख्या 56 हो गई है। कूनो के साथ गांधीसागर में भी चीता संरक्षण का विस्तार किया गया है।
पुनर्स्थापना से प्रजनन तक पहुंचा प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत भारत में चीतों की पुनर्स्थापना से हुई थी। अब देश में चीतों का प्रजनन होने के साथ संरक्षण की दिशा में नई पीढ़ी के संरक्षण का चरण भी शुरू हो गया है। भारत में जन्मी मादा चीता द्वारा चार शावकों को जन्म देना इसी क्रम में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रोजेक्ट चीता को आगे बढ़ाया जा रहा है। वन विभाग, वन्यजीव विशेषज्ञ, पशु चिकित्सक और मैदानी अमला चीतों की सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, निगरानी और आवास प्रबंधन में जुटा है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Sep 2026 08:00:04 +0530</pubDate>
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<title>सवारियां बिठाने की होड़ में राजस्थान रोडवेज और निजी बस भिड़ीं, तीन यात्री घायल</title>
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<description><![CDATA[ नीमच। नीमच-मंदसौर मार्ग पर सवारियां बिठाने की होड़ यात्रियों की जान पर भारी पड़ गई। राजस्थानी ढाबे के बाहर राजस्थान रोडवेज और एक निजी बस की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बसों में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में तीन यात्रियों को चोटें आने पर जिला अस्पताल ले जाया गया, जबकि करीब तीन से चार यात्रियों को मामूली चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों बसें नीमच-मंदसौर मार्ग पर सवारियां बिठाने के लिए आगे निकलने की कोशिश कर रही थीं। इसी दौरान राजस्थानी ढाबे के बाहर दोनों बसें आपस में टकरा गईं। भिड़ंत के बाद बसों में बैठे यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसे में तीन यात्रियों को गंभीर चोटें आने की बात सामने आने पर उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, तीन से चार अन्य यात्रियों को भी मामूली चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।
घटना के बाद मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह दोनों बसों के बीच सवारियां लेने के लिए आगे निकलने की होड़ को माना जा रहा है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 15 Sep 2026 08:08:49 +0530</pubDate>
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<title>सांप ने डसा तो युवक ने उसी को मार डाला, इलाज के दौरान मौत</title>
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<description><![CDATA[ नीमच। रतनगढ़ थाना क्षेत्र के आबा जाट गांव में रविवार देर रात जहरीले सांप के डसने से 23 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक घर में सो रहा था, तभी सांप ने उसे डस लिया। घटना के तुरंत बाद युवक ने सांप को मार दिया, लेकिन उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। गंभीर हालत में नीमच जिला अस्पताल में उपचार के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार आबा जाट निवासी राजू पिता लखमीचंद्र भील (23) रविवार रात करीब 12 बजे घर में सो रहा था। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने उसे डस लिया। सांप के काटने के बाद राजू की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। घटना के तुरंत बाद उसने सांप को मार दिया। परिजन उसे गंभीर हालत में रतनगढ़ स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए नीमच जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
परिजन राजू को उपचार के लिए नीमच जिला अस्पताल लाने के साथ मरे हुए सांप को भी अपने साथ ले आए। उनका उद्देश्य डॉक्टरों को सांप दिखाकर यह पता लगाने में मदद करना था कि युवक को किस प्रजाति के जहरीले सांप ने डसा है। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान सोमवार को राजू ने दम तोड़ दिया।
युवक की मौत के बाद शव के साथ मरे हुए सांप को देखकर अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलने पर जिला अस्पताल पुलिस चौकी ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इधर, रतनगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 15 Sep 2026 08:07:33 +0530</pubDate>
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<title>50 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप, नीमच के सीबीएन निरीक्षक को पटना सीबीआई ने पकड़ा मादक पदार्थ मामले में आरोपी नहीं बनाने के एवज में 20 लाख में सौदा तय होने का दावा, 4 लाख रुपए रिश्तेदार के खाते में जमा कराने की बात; 14 सितंबर तक अभिरक्षा</title>
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<description><![CDATA[ नीमच। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) के नीमच में पदस्थ निरीक्षक सिद्धार्थ श्रीवास्तव को कथित रिश्वतखोरी के मामले में पटना सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एक मादक पदार्थ मामले में पटना निवासी आलोक सिन्हा को आरोपी नहीं बनाने के एवज में निरीक्षक ने 50 लाख रुपए की मांग की थी। बातचीत के बाद कथित तौर पर 20 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। इसमें 10 लाख रुपए अग्रिम देने की बात सामने आई है।
शिकायतकर्ता आलोक सिन्हा ने कथित तौर पर 4 लाख रुपए ऑनलाइन एक खाते में जमा किए। यह खाता निरीक्षक के रिश्तेदार संतोष कुमार सुमन का बताया जा रहा है। रकम जमा करने के बाद आलोक सिन्हा ने मामले की शिकायत पटना सीबीआई से की। शिकायत मिलने पर सीबीआई ने जांच शुरू की और जांच के बाद 10 सितंबर को प्रकरण दर्ज किया।
प्रकरण दर्ज करने के बाद पटना से सीबीआई की टीम नीमच पहुंची। गुरुवार देर शाम टीम ने केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कार्यालय परिसर में कार्रवाई करते हुए निरीक्षक सिद्धार्थ श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी निरीक्षक को न्यायालय में पेश किया।
जांच दल ने मामले में पूछताछ के लिए निरीक्षक को पटना ले जाने की अनुमति मांगी। न्यायालय ने सीबीआई की स्थानांतरण अभिरक्षा की मांग मंजूर करते हुए 14 सितंबर तक की अभिरक्षा दी। इसके बाद सीबीआई टीम निरीक्षक को अपने साथ पटना ले गई।
सीबीआई अब कथित रिश्वत की रकम के लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। विशेष रूप से यह पता लगाया जा रहा है कि शिकायतकर्ता से 4 लाख रुपए निरीक्षक के बजाय उसके रिश्तेदार के खाते में क्यों जमा कराए गए और इस लेन-देन में निरीक्षक की क्या भूमिका थी। मामले में सीबीएन के किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
पटना सीबीआई की कार्रवाई के बाद नीमच स्थित केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कार्यालय में हलचल है। फिलहाल सीबीआई की पूछताछ और जांच जारी है। आगे की कार्रवाई में कथित रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट होने की संभावना है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 12 Sep 2026 07:57:46 +0530</pubDate>
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<title>राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 37 शिक्षकों का सम्मान, वरिष्ठ शिक्षकों के लिए ऑफलाइन टीईटी का ऐलान</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल। शिक्षक बच्चों के भविष्य के शिल्पकार हैं। वे केवल पाठ नहीं पढ़ाते, बल्कि ज्ञान, संस्कार और नैतिक मूल्यों से भावी पीढ़ी को तैयार करते हैं। शिक्षक दिवस पर शनिवार को आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह-2026 में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शिक्षकों से बच्चों को आत्मीयता और धैर्य के साथ पढ़ाने का आह्वान किया। समारोह में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान-2026 और गत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्राप्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला घर होती है, जहां माता-पिता उन्हें प्रारंभिक शिक्षा और संस्कार देते हैं। शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व को दिशा देकर उन्हें आदर्श नागरिक बनाने का कार्य करते हैं। बच्चे विकसित भारत के कर्णधार हैं और शिक्षक इन कर्णधारों के शिल्पकार हैं। इसलिए शिक्षकों को पहले स्वयं ज्ञान और नैतिक गुणों का आदर्श बनना चाहिए तथा बच्चों में ईमानदारी, सहनशीलता और जुझारूपन जैसे गुण विकसित करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक आवश्यकताओं और रोजगार के नए अवसरों के अनुरूप शिक्षा में निरंतर सुधार और नवाचार जरूरी है। भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़कर शिक्षा को नई शक्ति देनी होगी। विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुसार कला, विज्ञान, खेल, कौशल और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र चुनने का अवसर मिलना चाहिए। शिक्षक अब केवल पाठ पढ़ाने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानकर उन्हें सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक बनें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की अनुपम धरोहर है। देश की किस्मत कक्षाओं में शिक्षक बनाते हैं। शिक्षक एक दीपक की तरह स्वयं प्रकाश देते हुए विद्यार्थियों का जीवन रोशन करते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार शिक्षकों की मेहनत का सम्मान करती है और उनकी बेहतरी के लिए आवश्यक निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के जिन वरिष्ठ शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देनी है और जिन्हें इसकी आवश्यकता है, उनके लिए ऑफलाइन टीईटी परीक्षा कराने के प्रयास और प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार प्रयासरत है और प्रदेश के शासकीय विद्यालयों को निजी विद्यालयों से बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की थी। उन्होंने कहा कि महर्षि सांदीपनि ने श्रीकृष्ण में भविष्य का पुरुषार्थ और पराक्रम पहचान लिया था। इसी प्रकार महर्षि विश्वामित्र ने बाल्यकाल में श्रीराम और उनके भाइयों की प्रतिभा को पहचाना और श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनने की दिशा दी।
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षक दिवस गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। देश की भावी पीढ़ी को आगे बढ़ाने में अभिभावकों के साथ शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का प्रत्येक शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की अहम कड़ी है। विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होगा।
समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मां सरस्वती और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। राज्यपाल का मुख्यमंत्री ने पौधा भेंट कर स्वागत किया, जबकि स्कूल शिक्षा मंत्री ने स्मृति चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया।
समारोह में सुसनेर के शिवलाल दांगी, बालाघाट के धन्नालाल बिसेन, बैतूल के रीतेश कुमार पथाड़े, दमोह के सुखनंदन साहू, गुना के नरेंद्र कुमार भारद्वाज, नर्मदापुरम के ओम प्रकाश विश्वकर्मा, कटनी के महेंद्र सिंह ठाकुर, मंदसौर के राकेश कुमार गुप्ता, नरसिंहपुर की शिखा शर्मा, नीमच के लोकेंद्र सिंह पंवार, निवाड़ी की ज्योति पाठक, रायसेन के राकेश कुमार वर्मा, राजगढ़ के सुरेश चंद्र सोनी, रतलाम की शर्मिला उपाध्याय, सिवनी की रीनादेवी कटरे, शाजापुर के हेमंत कुमार वैद्य, सीधी के राकेश द्विवेदी, उज्जैन की सीमा परमार सहित अन्य शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया। राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्राप्त शिक्षकों शीला पटेल और भैरूलाल ओसारा को भी सम्मानित किया गया।
सम्मानित शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और 25 हजार रुपए की नगद सम्मान राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, विधायक भगवानदास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, सम्मानित शिक्षक और उनके परिजन उपस्थित रहे। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 06 Sep 2026 09:33:10 +0530</pubDate>
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<title>बारिश में कर्व टर्न पर बेकाबू हुई स्लीपर बस, पलटते ही मची चीख&#45;पुकार  रतलाम&#45;इंदौर फोरलेन पर सातरुंडा के पास हादसा; 28 यात्री थे सवार, कुछ को फ्रैक्चर</title>
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<description><![CDATA[ रतलाम। रतलाम-इंदौर फोरलेन पर गुरुवार रात करीब डेढ़ बजे स्लीपर बस कर्व टर्न पर अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा सातरुंडा के पास रत्तागिरी चौराहे से पहले हुआ। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। हादसे में बस सवार कुछ यात्रियों को फ्रैक्चर हुआ है, हालांकि किसी की हालत गंभीर नहीं बताई गई है।
सूचना मिलते ही बिलपांक थाना प्रभारी अयूब खान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। रतलाम और बदनावर से 3-4 एंबुलेंस बुलवाई गईं। घायलों और यात्रियों को रात करीब 2 से 2.30 बजे के बीच रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। बस में कुल 28 यात्री सवार थे।
हादसे के समय बारिश हो रही थी। जिस स्थान पर बस पलटी, वहां सड़क पर कर्व टर्न है। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि तेज गति में होने के कारण बस मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गई। इस स्थान पर पहले भी सड़क हादसे हो चुके हैं। हालांकि दुर्घटना की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार हादसे में किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है। कुछ यात्रियों को फ्रैक्चर हुआ है, जिन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हादसे के बाद मौके पर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से पलटी बस को सीधा कराने की कार्रवाई शुरू की।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद रतलाम के पुलिस अधिकारी भी रात में घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस बल सुबह करीब 4.30 बजे तक मौके पर मौजूद रहा। क्रेन की मदद से बस को सीधा कराने के साथ ही मौके पर यातायात व्यवस्था भी संभाली गई।
हादसे में मंदसौर जिले के यात्री भी शामिल थे। इनमें पिलियामंडी निवासी मुन्नी (50), कोसर (18), नाजिया (12), साजिया (12), साकिब (55), साबिर (28), वली मोहम्मद (55), हमजा (23), मल्हारगढ़ निवासी अरबा (12) और मंदसौर निवासी फिरोज (42) शामिल हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 05 Sep 2026 08:36:55 +0530</pubDate>
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<title>तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को रौंदा, युवक की मौत; दो गंभीर  कुकड़ेश्वर में सेंट्रल बैंक के सामने हादसा, सिर पहिए की चपेट में आने से मौके पर ही दम तोड़ा; दोनों घायल अस्पताल में भर्ती</title>
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<description><![CDATA[ नीमच। जिले के कुकड़ेश्वर में सेंट्रल बैंक के सामने तेज रफ्तार रेत से भरे डंपर ने बाइक सवार तीन युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार ग्राम मगरदार, थाना रामपुरा निवासी कैलाश पिता केशुराम रावत अपने दो साथियों के साथ मोटरसाइकिल से काम पर जा रहा था। तीनों कुकड़ेश्वर में सेंट्रल बैंक के पास पहुंचे ही थे कि सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कैलाश सड़क पर गिर गया और उसका सिर डंपर के पहिए की चपेट में आ गया। गंभीर चोट लगने से उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
हादसे में बाइक सवार कैलाश के दोनों साथी टक्कर के बाद दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। 108 एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटना में शामिल डंपर को जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए डंपर चालक के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 08:02:02 +0530</pubDate>
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<title>रामदेवरा जा रहे श्रद्धालुओं की बाइक भिड़ी, तीन गंभीर घायल  भादवा माता दर्शन के लिए मुड़ते समय बरखेड़ा हाड़ा चौराहे पर हादसा</title>
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<description><![CDATA[ नीमच। नीमच सिटी थाना क्षेत्र में फोरलेन पर बरखेड़ा हाड़ा चौराहे के पास दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद तत्काल नीमच जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है।
पुलिस के अनुसार शाजापुर जिले के दो श्रद्धालु बाइक से राजस्थान के रामदेवरा जा रहे थे। यात्रा के दौरान वे भादवा माता मंदिर में दर्शन के लिए मुड़े थे। इसी दौरान बरखेड़ा हाड़ा चौराहे के पास उनकी बाइक सामने से आ रहे एक बुजुर्ग बाइक सवार से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों बाइक सवार घायल हो गए।
घायलों की पहचान लक्ष्मण (60) पिता ताराचंद, निवासी बरखेड़ा हाड़ा, नीमच, लक्ष्मण (28) पिता बहादुर सिंह और अखिलेश (42) पिता बहादुर सिंह, दोनों निवासी बड़ी पिलाई, जिला शाजापुर के रूप में हुई है।
हादसे की सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस के पायलट भैरूलाल राठौर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को प्राथमिक सहायता दी और तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम घायलों के उपचार में जुटी हुई है। नीमच सिटी थाना पुलिस ने घटना का संज्ञान लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 08:00:42 +0530</pubDate>
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<title>10,630 करोड़ के विकास प्रस्तावों पर मुहर, सड़क, स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को मिलेगी नई रफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के अधोसंरचना विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, साइबर सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 10 हजार 630 करोड़ रुपए के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इसमें मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को 12 प्रमुख मार्गों के निर्माण के लिए 4,600 करोड़ रुपए के ऋण की शासकीय गारंटी, सिवनी-बालाघाट मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए 3,960 करोड़ रुपए तथा निर्धन और कमजोर वर्गों से जुड़ी 19 योजनाओं के लिए 1,740 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रमुख है।
सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एमपीआरडीसी को नाबार्ड इंफ्रॉस्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंस के माध्यम से 4,600 करोड़ रुपए का ऋण लेने के लिए राज्य सरकार की गारंटी देने का निर्णय लिया गया। इस राशि से भोपाल-विदिशा, खलघाट-मनावर-मांगोद, मंदसौर-सीतामऊ, सीतामऊ-बसई-सुवासरा, पूर्वी भोपाल बायपास, नीमच-मनासा-रामपुरा-झालावाड़, इंदौर-देपालपुर, चापड़ा-नेवरी-देवास, दिनारा-दतिया-सेवढ़ा, आगर-सारंगपुर, सोयत-माचलपुर-जीरापुर, राहतगढ़-खुरई-खिमलासा सहित 12 मार्गों का निर्माण और उन्नयन किया जाएगा। इन परियोजनाओं से प्रदेश के कई हिस्सों में आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
22 प्रमुख सड़कें एमपीआरडीसी को
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश की 22 प्रमुख सड़कों का स्वामित्व नाममात्र मूल्य पर एमपीआरडीसी को हस्तांतरित करने का निर्णय भी लिया। इसके बदले निगम राज्य सरकार के पक्ष में अंश पूंजी जारी करेगा। इन मार्गों से प्राप्त टोल और अन्य आय का उपयोग ऋण एवं ब्याज के भुगतान में किया जाएगा। इसके लिए मध्यप्रदेश राजमार्ग निधि अधिनियम, 2012 में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। परियोजनाओं में राशि का आहरण आवश्यकता के अनुसार &#039;जस्ट इन टाइम&#039; सिद्धांत पर किया जाएगा।
सिवनी-बालाघाट मार्ग होगा फोरलेन
सिवनी-बालाघाट के 91.64 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन विद पेव्ड शोल्डर के रूप में विकसित करने के लिए 3,960 करोड़ 9 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई। परियोजना को हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। निर्माण लागत की 40 प्रतिशत राशि 704 करोड़ 38 लाख रुपए राज्य बजट से और शेष 60 प्रतिशत राशि 2,253 करोड़ 39 लाख रुपए 15 वर्षों की संचालन अवधि में छमाही एन्यूटी के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। भू-अर्जन, निर्माण से पहले के कार्य और सुपरविजन के लिए 501 करोड़ 16 लाख रुपए भी स्वीकृत किए गए हैं।
सिवनी और बालाघाट को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र के लिए आर्थिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़ता है तथा मलाजखंड तांबा परियोजना, भरवेली मैंगनीज खदान, कान्हा और पेंच टाइगर रिजर्व सहित आसपास के क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करता है। सरकार के अनुसार इससे करीब 8 से 10 लाख आबादी को बेहतर संपर्क सुविधा मिलने के साथ क्षेत्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
19 जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए 1,740 करोड़
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की 19 योजनाओं के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 1,740 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। इन योजनाओं का लाभ गरीब, कमजोर, निराश्रित, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, कन्या विवाह एवं निकाह सहायता प्राप्त करने वाले परिवारों, नशा पीड़ितों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों सहित विभिन्न वर्गों को मिलेगा।
इनमें पेंशन, राष्ट्रीय परिवार सहायता, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन, दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति, अंत्येष्टि सहायता, मुख्यमंत्री निकाह योजना, कृत्रिम अंग एवं उपकरण वितरण, बाधारहित वातावरण, वरिष्ठ नागरिक कल्याण, नशा मुक्ति और अन्य सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय में 244 पद मंजूर
उज्जैन स्थित मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के प्रभावी संचालन के लिए कुल 244 पदों को मंजूरी दी गई है। इनमें 154 नियमित, एक संविदा और 89 आउटसोर्स पद शामिल हैं। विश्वविद्यालय के संचालन से स्वास्थ्य विज्ञान से जुड़े शिक्षण संस्थानों की संबद्धता, निरीक्षण, परीक्षा और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए अलग व्यवस्था उपलब्ध होगी। सरकार का कहना है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया, परिणाम, प्रमाण-पत्र और अकादमिक निरीक्षण में समयबद्धता बढ़ेगी तथा स्वास्थ्य शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूती मिलेगी।
साइबर सुरक्षा के लिए 80 करोड़
प्रदेश में साइबर सुरक्षा घटनाओं से निपटने, त्वरित प्रतिक्रिया और महत्वपूर्ण सरकारी सूचना तंत्र की सुरक्षा के लिए मध्यप्रदेश कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम यानी एमपी-सीईआरटी के संचालन को लेकर 80 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि के लिए होगी। साइबर सुरक्षा, फॉरेंसिक, इंसीडेंट रिस्पांस और सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर से जुड़े कार्यों के लिए 25 नए पदों सहित मानव संसाधन और तकनीकी व्यवस्था विकसित की जाएगी।
कमजोर वर्गों के लिए भूमि क्रय नीति में बदलाव
मंत्रि-परिषद ने आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति, 2014 में संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र की निजी कृषि भूमि के लिए निर्धारित मुआवजा और पुनर्वास अनुदान की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। संशोधन का उद्देश्य सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना तथा भू-धारकों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उचित प्रतिफल उपलब्ध कराना है। सरकार के अनुसार इससे अधोसंरचना और विकास परियोजनाओं के लिए भूमि प्राप्त करने में लगने वाला समय कम होगा।
नई दिल्ली में मध्यप्रदेश भवन के लिए 250.67 करोड़
नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन, अतिथि गृह और संबंधित कार्यालयों के उन्नयन एवं संचालन के लिए 250 करोड़ 67 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई। इसमें मध्यप्रदेश भवन के राजस्व एवं पूंजीगत कार्यों, विशेष आयुक्त कार्यालय, मुंबई स्थित मध्यालोक कार्यालय, विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण तथा नई दिल्ली में प्रस्तावित मध्यांचल भवन के विस्तार निर्माण सहित अन्य कार्य शामिल हैं।
दृष्टिबाधित क्रिकेट खिलाड़ियों को 78 लाख की प्रोत्साहन राशि
महिला टी-20 विश्वकप क्रिकेट 2025 की दृष्टिबाधित भारतीय विजेता टीम में शामिल मध्यप्रदेश की तीन खिलाड़ियों को कुल 75 लाख रुपए और उनके तीन प्रशिक्षकों को 3 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। मध्यप्रदेश की सुनीता सराठे, दुर्गा येबले और सुषमा पटेल को 25-25 लाख रुपए दिए जाएंगे। इनमें 10-10 लाख रुपए नकद और 15-15 लाख रुपए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में होंगे। तीनों प्रशिक्षकों को एक-एक लाख रुपए दिए जाएंगे।
ईओडब्ल्यू को नई धाराओं में कार्रवाई का अधिकार
मंत्रि-परिषद ने भारतीय दंड संहिता की जगह लागू भारतीय न्याय संहिता, 2023 में परिवर्तित धाराओं के तहत कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को अधिकृत करने संबंधी गृह विभाग की वर्ष 1977 की अधिसूचना में संशोधन को भी मंजूरी दी। इससे भारतीय न्याय संहिता में हुए बदलाव के अनुरूप आर्थिक अपराधों से संबंधित मामलों में कार्रवाई का वैधानिक ढांचा अद्यतन होगा। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 26 Aug 2026 08:41:30 +0530</pubDate>
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<title>पैराडाइज वैली में पिकनिक के दौरान हादसा, डूबने से 2 शिक्षकों और छात्र की मौत बच्चों को डूबता देख बचाने पानी में उतरे थे शिक्षक, एक छात्रा को ग्रामीणों ने बचाया</title>
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<description><![CDATA[ रतलाम। शहर से करीब 11 किमी दूर पैराडाइज वैली पिकनिक स्पॉट पर रविवार दोपहर पिकनिक मनाने पहुंचे विद्यार्थियों के साथ हादसा हो गया। पानी में डूबने से दो शिक्षकों और कक्षा 7वीं के एक छात्र की मौत हो गई, जबकि एक छात्रा को बचा लिया गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में जावरा के त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल के शिक्षक प्रिंस मोदी (22), विजय सिंह राठौर (42) और कक्षा 7वीं के छात्र हर्षित पाटीदार (12) शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल के कक्षा 7वीं और 9वीं के करीब 17 विद्यार्थी रविवार सुबह करीब 10.30 बजे स्कूल स्टाफ के साथ बस से जावरा से पैराडाइज वैली पहुंचे थे। सभी विद्यार्थी स्कूल के म्यूजिक ग्रुप से जुड़े बताए गए हैं। विद्यार्थियों के साथ प्रिंसिपल संदीप सक्सेना, शिक्षक शिवम राठौर, विजय सिंह राठौर, परवेज खान, प्रिंस मोदी और लेखापाल विजेंद्र सिंह भी मौजूद थे।
दोपहर करीब 2.30 से 3 बजे के बीच कुछ विद्यार्थी पानी के पास पहुंचे। इसी दौरान कक्षा 7वीं के छात्र हर्षित पाटीदार और कक्षा 9वीं की छात्रा खुशी पिता नंदलाल रायकवार (15) का पैर फिसल गया और दोनों पानी में चले गए। बच्चों को डूबता देखकर शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर उन्हें बचाने के लिए पानी में उतर गए।
बचाव के दौरान खुशी को पानी से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन हर्षित को बचाने की कोशिश में दोनों शिक्षक गहरे पानी में चले गए। बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण और आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर पुलिसकर्मी और परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए।
स्थानीय लोगों ने हर्षित और दोनों शिक्षकों को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद तीनों को सीपीआर दिया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। एसडीईआरएफ की टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने तीनों को पानी से बाहर निकाल लिया था।
हादसे के बाद तीनों शवों को रतलाम मेडिकल कॉलेज लाया गया। बाद में स्कूल बस से शवों को जावरा भेजा गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतकों के परिजन भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल रहा।
हादसे में बचाई गई छात्रा खुशी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीम घटना की जानकारी जुटा रही है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Aug 2026 08:05:37 +0530</pubDate>
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<title>चुनौतियों को अवसर में बदला, अब सबसे तेज गति से बढ़ रहा मध्यप्रदेश : डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने निवेशकों से कहा&#45; मध्यप्रदेश आइए, उद्योग लगाइए और अपना कारोबार चार गुना बढ़ाइए; ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग से सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर तक निवेश के अवसर</title>
<link>https://jansarangi.com/bhopal-74</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश के साथ मध्यप्रदेश भी तेजी से बदल रहा है। कभी बीमारू प्रदेश का टैग झेल चुके मध्यप्रदेश ने अपनी चुनौतियों को अवसरों में बदलकर विकास की नई गति हासिल की है। आज प्रदेश देश में सबसे तेज गति से प्रगति करने वाले राज्यों में आगे है। कृषि के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पहले से मजबूत रहा है, अब औद्योगिक विकास में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री शनिवार को नई दिल्ली के एक निजी होटल में आयोजित ‘द इकॉनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम-2026’ में ‘मध्यप्रदेश सत्र’ को संबोधित कर रहे थे। सत्र का विषय ‘फायरसाइड चैट ऑन एमपी : अनलॉकिंग द हार्ट ऑफ इंडिया’ था। मुख्यमंत्री ने फोरम की प्रस्तोता के मध्यप्रदेश से जुड़े विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए प्रदेश में निवेश की संभावनाओं, उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और सरकार की नीतियों की जानकारी दी।
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश असीम संभावनाओं और अनंत अवसरों वाला प्रदेश है। राज्य सरकार स्थानीय उद्यमियों के साथ देश-विदेश के निवेशकों को भी उद्योग स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रही है। उन्होंने निवेशकों से आह्वान किया कि मध्यप्रदेश आएं, सरकार की उद्योग-मित्र नीतियों का लाभ उठाएं और अपने व्यापार-व्यवसाय को चार गुना बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गई। इसके साथ ही प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर निवेशकों से संवाद किया गया। इन आयोजनों से प्रदेश में निवेश का वातावरण मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि देश अमृतकाल से गुजर रहा है और सभी राज्य मिलकर देश की प्रगति में योगदान दे रहे हैं। राष्ट्रीय नदी जोड़ो अभियान और सिंचाई परियोजनाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर चुनौतियों का समाधान निकाला जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में सौर और पवन ऊर्जा की व्यापक संभावनाओं का उपयोग कर स्वच्छ ऊर्जा आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। पर्याप्त और स्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता से पर्यावरण-अनुकूल और प्रतिस्पर्धी विनिर्माण को गति मिलेगी। सरकार उद्योगों के लिए ऊर्जा, भूमि और अधोसंरचना उपलब्ध कराने के साथ स्वच्छ ऊर्जा आधारित निवेश को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल एवं गारमेंट, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, खाद्य प्रसंस्करण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। आधुनिक औद्योगिक पार्कों के माध्यम से निवेशकों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। एमएसएमई, स्टार्टअप और बड़े उद्योगों के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सिंगल विंडो व्यवस्था, डिजिटल प्रक्रियाओं, संस्थागत सुधार और समयबद्ध अनुमोदन को प्राथमिकता दे रही है। निवेश प्रस्तावों के त्वरित निराकरण और परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के लिए प्रक्रियाओं को लगातार सरल बनाया जा रहा है। सरकार चाहती है कि निवेशक मध्यप्रदेश को केवल निवेश स्थल नहीं, बल्कि अपने विकास के दीर्घकालिक साझेदार के रूप में देखें।
उन्होंने मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति को भी औद्योगिक विकास की बड़ी ताकत बताया। सड़क, रेल और हवाई संपर्क के विस्तार के साथ लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी से प्रदेश में निर्मित उत्पादों को देश के साथ वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे मध्यप्रदेश वैश्विक कंपनियों की सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विनिर्माण के साथ निर्यात क्षमता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि आधारित उत्पाद, इंजीनियरिंग और अन्य निर्मित वस्तुओं के लिए वैश्विक बाजारों में नए अवसर तलाशे जा रहे हैं। ‘समृद्ध मध्यप्रदेश 2047’ और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्यों को हासिल करने में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, निर्यात वृद्धि और निजी निवेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान अब केवल प्राकृतिक संसाधनों और कृषि प्रधान राज्य के रूप में नहीं, बल्कि आधुनिक उद्योग, ग्रीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और वैश्विक निवेश के नए केंद्र के रूप में भी बन रही है। सरकार का लक्ष्य ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार करना है, जहां निवेश आए, उद्योग स्थापित हों, युवाओं को रोजगार मिले और प्रदेश की अर्थव्यवस्था नई ऊंचाइयों पर पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के निवेशकों का मध्यप्रदेश में निवेश के लिए स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश निवेश, उद्योग और नए उद्यमों के लिए तैयार है। उन्होंने निवेशकों से मध्यप्रदेश के साथ मिलकर औद्योगिक विकास, रोजगार और समृद्धि के नए अवसरों का निर्माण करने का आह्वान किया। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 08:19:32 +0530</pubDate>
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<title>उद्यमियों को सुविधाएं और सब्सिडी देगी सरकार, टीकमगढ़ में उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तारमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा&#45; स्थानीय कारोबार और उद्योगों को बढ़ावा देना प्राथमिकता, कुंडेश्वर धाम को महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। टीकमगढ़ जिले में औद्योगिक विकास की पर्याप्त संभावनाएं और संसाधन मौजूद हैं। जरूरत उन्हें अवसर में बदलने की है। स्थानीय उद्यमियों के व्यापार और उद्योगों को प्रोत्साहित करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत उद्यमियों से संवाद कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और अधोसंरचना विकास सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। झांसी-जतारा-टीकमगढ़ की कनेक्टिविटी बेहतर होने से जिले को दूसरे राज्यों से जोड़ने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने उद्यमियों से होटल और होम स्टे विकसित करने के साथ इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन गतिविधियों के लिए राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका उद्यमियों को लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ जिले में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। कुंडेश्वर धाम का विकास महाकाल लोक की तर्ज पर कराया जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग के अधिकारियों की टीम जल्द टीकमगढ़ भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कुंडेश्वर के आसपास होम स्टे विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे तीर्थ यात्रियों को ठहरने की सुविधा मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए आय का नया जरिया भी बनेगा।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि टीकमगढ़ जिले के धरमपुर की प्रसिद्ध पारंपरिक बेल मेटल पीतल शिल्प कला के विकास के लिए 1 करोड़ 99 लाख रुपए की योजना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकमगढ़ की पारंपरिक बेल मेटल शिल्प कला को केवल परंपरा तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि इसे आधुनिक अधोसंरचना, कारीगरों के सशक्तीकरण, रोजगार और बाजार विस्तार से जोड़ा जाए। बताया गया कि पीतल शिल्प कला के विकास के लिए धरमपुर में करीब 6.99 हेक्टेयर भूमि एमएसएमई विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है।
संवाद के दौरान उद्यमियों ने जिले में उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपने सुझाव भी रखे। उद्यमी गौरव जैन ने कहा कि बुंदेलखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। ओरछा, खजुराहो और टीकमगढ़ को तीन प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर एंट्री गेट टूरिस्ट सर्किट बनाया जा सकता है। उन्होंने टीकमगढ़ को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने तथा महाकाल लोक की तर्ज पर कुंडेश्वर लोक विकसित करने का सुझाव दिया। साथ ही टीकमगढ़, मोहनगढ़ और बल्देवगढ़ के किलों के विकास की बात भी रखी।
उद्यमी राजेश साहू ने बताया कि उनकी मूंगफली प्रसंस्करण इकाई संचालित हो रही है और व्यवसाय अच्छा चल रहा है। उन्हें सरकार से 4 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई है। स्वस्तिक मसाला विनिर्माण इकाई संचालित करने वाली सृष्टि मिश्रा ने बताया कि उनकी इकाई का काम अच्छा चल रहा है और सरकार से 4 लाख रुपए की सब्सिडी मिली है।
उद्यमी राज परमार ने विभागीय सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें विभागों से किसी तरह की परेशानी नहीं है। जतारा में नई यूनिट शुरू करने के लिए हाईवे से कनेक्टिविटी की मांग रखी गई। इस पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को सड़क संबंधी मांग पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उद्यमी सुनीता राज बुंदेला ने बताया कि वह बीज उत्पादन का काम कर रही हैं और काम अच्छा चल रहा है। किसानों के माध्यम से शहद उत्पादन भी किया जा रहा है, जिससे एक किसान को औसतन 50 हजार रुपए तक का लाभ हो रहा है। उन्होंने ऑयल मिल शुरू करने की योजना भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी। स्वस्तिक एंटरप्राइजेस की फूड प्रोसेसिंग यूनिट के संचालक आशीष शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था पिछले सात वर्षों से फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में काम कर रही है। इस दौरान मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बड़े क्षेत्र में कारोबार का विस्तार किया गया है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर में खाद्य उत्पादों की डिलीवरी भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक कला, पर्यटन और उद्यमिता को एक साथ जोड़कर रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएं। टीकमगढ़ में उद्योगों के विस्तार के साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है।
कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़ कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, सरोज राजपूत, जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ. शिशुपाल सिंह यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े, जनसंपर्क आयुक्त मनीष सिंह सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 09:13:30 +0530</pubDate>
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<title>पुलिस थाने से 200 मीटर दूर किराना मार्ट में चोरी, शटर उचकाकर घुसे बदमाश; 7 हजार नकद और सामान ले गए</title>
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<description><![CDATA[ नीमच। नीमच सिटी थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित जीआर किराना मार्ट में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात चोरी की वारदात से पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। रात करीब 3 बजे दो बदमाश दुकान का शटर उचकाकर अंदर दाखिल हुए और करीब आधे घंटे तक दुकान में तलाशी लेते रहे। बदमाश गल्ले में रखे करीब 7 हजार रुपए नकद, चॉकलेट का एक डिब्बा और सोडे की दो बोतलें लेकर फरार हो गए। चोरी की पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है।
सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि रात करीब 3 बजे टोपी पहने एक बदमाश पहले दुकान के गेट के आसपास रेकी करता है। इसके बाद बदमाशों ने बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे का मुंह छत की ओर घुमा दिया, ताकि उनकी गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड न हों। इसके बाद दोनों बदमाशों ने शटर उचकाया और दुकान के अंदर प्रवेश कर गए।
मार्ट संचालक विकास पुरोहित के अनुसार दोनों चोर करीब आधे घंटे तक दुकान के भीतर रहे। उन्होंने कैश काउंटर, गुल्लक, दुकान मालिक का पर्स और नकदी रखने वाला बैग तक खंगाला। गल्ले में रखे करीब 7 हजार रुपए मिलने के बाद बदमाशों ने काउंटर पर रखा चॉकलेट का डिब्बा और सोडे की दो बोतलें भी उठा लीं। इसके बाद दोनों दुकान से बाहर निकलकर फरार हो गए।
चोरी की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मार्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त की है। फुटेज में दोनों बदमाश दुकान के भीतर सामान और नकदी की तलाश करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि बदमाशों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Aug 2026 09:18:08 +0530</pubDate>
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<title>48 घंटे में डोडाचूरा तस्करी के दो मामले, 5 आरोपी गिरफ्तार; 117.54 किलो मादक पदार्थ जब्त</title>
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<description><![CDATA[ मनासा। मनासा पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार दो कार्रवाई करते हुए महज 48 घंटे में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों के कब्जे से कुल 117.54 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद किया है। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 3.10 लाख रुपए बताई गई है। कार्रवाई के दौरान चार एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत 84,100 रुपए बताई गई है। कुल जब्त माल की कीमत 3,94,100 रुपए आंकी गई है। मामले में एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश अवस्थी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर से मिली सूचनाओं के आधार पर दोनों कार्रवाई की। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से डोडाचूरा के स्रोत, खरीद-फरोख्त, परिवहन और तस्करी के नेटवर्क से जुड़े लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
पहली कार्रवाई 18 अगस्त को की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर सोमदत्त उर्फ सोमू पिता सुखजीत कुमार नायक और सरबजीत सिंह उर्फ बबु पिता जगसीर सिंह को पकड़ा। आरोपियों के पास मौजूद बैगों की तलाशी लेने पर 59.740 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद हुआ। दोनों के खिलाफ धारा 8/15, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कार्रवाई के दौरान सुरजी सिंह निवासी जलालाबाद, पंजाब फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
दूसरी कार्रवाई 19 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर की गई। पुलिस ने सतनाम सिंह पिता शेरसिंह, राजबिंदर सिंह पिता लालसिंह और राजप्रीत सिंह उर्फ टिनू पिता जरनेल सिंह को हिरासत में लिया। आरोपियों के कब्जे वाले बैगों से 57.800 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद हुआ। तीनों के खिलाफ धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी डोडाचूरा अपने उपयोग के लिए ले जा रहे थे। हालांकि मादक पदार्थ के स्रोत और इसके नेटवर्क के संबंध में उनसे पूछताछ जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों में सोमदत्त उर्फ सोमू निवासी शतीर वाला, थाना खुईखेड़ा, जिला फाजिल्का पंजाब, सरबजीत सिंह उर्फ बबु निवासी हीरावली, थाना खुईखेड़ा, जिला फाजिल्का पंजाब, सतनाम सिंह निवासी अहालपुर, थाना सतूरगर, जिला मानसा पंजाब, राजबिंदर सिंह निवासी अहालपुर, थाना सतूरगर, जिला मानसा पंजाब और राजप्रीत सिंह उर्फ टिनू निवासी 10 एमडी, तहसील अनूपगढ़, जिला श्रीगंगानगर राजस्थान शामिल हैं। फरार सुरजी सिंह निवासी जलालाबाद पंजाब की तलाश जारी है।
मनासा पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश अवस्थी के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा की गई। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Aug 2026 09:16:00 +0530</pubDate>
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<title>मां शारदा के दरबार से 1.25 करोड़ बहनों को 1750 रुपए की सौगात, लाड़ली बहना की 39वीं किस्त के 2148 करोड़ खाते में</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल। रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मैहर से प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 13 हजार से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त और रक्षाबंधन के 250 रुपए के शगुन की राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री ने मैहर के उस्ताद अलाउद्दीन खां स्टेडियम में आयोजित राज्यस्तरीय लाड़ली बहना सम्मेलन में सिंगल क्लिक से कुल 2 हजार 148 करोड़ रुपए बहनों के खातों में भेजे। प्रत्येक पात्र बहन के खाते में कुल 1750 रुपए पहुंचे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मां शारदा भवानी के दर्शन कर प्रदेश की बहनों के सुख-समृद्धि की कामना भी की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियां घर-आंगन की रौनक हैं और उनका मान-सम्मान तथा आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रक्षाबंधन साल में एक बार आता है, लेकिन सरकार हर महीने बहनों से उनकी रक्षा और सम्मान का वादा पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाड़ली बहनों को हर महीने आर्थिक संबल मिल रहा है। मैहर से प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को नैहर की नेग के रूप में यह राशि दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जून 2023 में योजना शुरू होने से अगस्त 2026 तक 39 किस्तों में लाड़ली बहनों के खातों में 63 हजार 248 करोड़ रुपए की सहायता राशि अंतरित की जा चुकी है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में योजना के लिए 23,882.81 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों तक योजना जारी रखने का निर्णय लिया है। इस अवधि में बहनों को 1 लाख 14 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि दी जाएगी।
डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में रिश्तों के सम्मान और उदारता की परंपरा रही है। बहनें माता-पिता के घर को संवारने के बाद विवाह के पश्चात पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभालती हैं। उनका यह त्याग वंदनीय है। सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों और रोजगार के अवसरों से जोड़ रही है। रोजगारपरक उद्योगों में काम करने वाली महिलाओं को वेतन में 5 हजार रुपए का अतिरिक्त लाभ देने की व्यवस्था भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना बहनों के मान-सम्मान की रक्षा के लिए मजबूत हुई है। रक्षाबंधन का धागा भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान से कभी समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए संकल्प पारित किया है।
मैहर में 256 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने मैहर जिले में करीब 256 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 25 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 48 करोड़ 24 लाख रुपए की लागत से सांदीपनि विद्यालय, 7 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत से ताला में शासकीय महाविद्यालय भवन, 3 करोड़ 44 लाख रुपए की लागत से अमरपाटन में 30 सीटर बालक छात्रावास एवं आवास, 2 करोड़ 51 लाख रुपए की लागत से पुलिस नियंत्रण कक्ष, 1 करोड़ 47 लाख रुपए की लागत से जूरा में नवीन शासकीय हाईस्कूल भवन और 59 लाख रुपए की लागत से परशुराम धर्मशाला भवन शामिल हैं।
इसके अलावा 21 करोड़ 11 लाख रुपए की लागत से विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों तथा 19 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से मैहर, अमरपाटन और रामनगर में जल गंगा संवर्धन अभियान से जुड़े 1 हजार 69 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने 151 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इसमें करीब 54 करोड़ रुपए की धनवाही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना शामिल है, जिससे 3500 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। रामनगर में 41 करोड़ रुपए की लागत से सांदीपनि विद्यालय और करीब 9 करोड़ रुपए की लागत से मां शारदा लोक के प्रथम चरण के विकास कार्यों का भी भूमिपूजन किया गया।
मैहर में बनेंगे आधुनिक स्टेडियम और बड़ा अस्पताल
मुख्यमंत्री ने मैहर जिले के विकास के लिए कई घोषणाएं भी कीं। बदेरा पहाड़ में 132 केवी का विद्युत उपकेंद्र बनाया जाएगा। मैहर में 25 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक स्टेडियम और बड़ा सर्वसुविधायुक्त अस्पताल बनाया जाएगा। लिलजी जलाशय का 50 करोड़ रुपए की लागत से नवीनीकरण होगा। मैहर में 5 हजार गौवंश क्षमता की बड़ी गौशाला बनाई जाएगी। घुनवारा में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने और स्कूल के उन्नयन की घोषणा भी की गई।
लाड़ली बहना सम्मेलन में शामिल आल्हा गायकों की सभी समितियों को 25-25 हजार रुपए का नगद पुरस्कार देने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की।
नशे के खिलाफ अभियान चलाने की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। राज्य सरकार ने 19 धार्मिक स्थलों पर शराब की दुकानें बंद की हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नशे से दूर रखने और उनके बेहतर भविष्य के लिए उनसे लगातार संवाद बनाए रखने की अपील की।
किसानों को दिन में भी मिलेगी सिंचाई की बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में सरकार सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ा रही है। विंध्य क्षेत्र के किसानों को बरगी नहर के पानी का लाभ मिलेगा। किसानों को रात के साथ दिन में भी सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए गौपालन और पशुपालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री तथा मैहर जिले की प्रभारी मंत्री राधा सिंह, क्षेत्रीय सांसद गणेश सिंह, विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित रहीं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 20 Aug 2026 08:02:26 +0530</pubDate>
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<title>नर्मदा संरक्षण से लाड़ली बहना तक, मंत्रिमंडल के बड़े फैसले; 1.46 लाख करोड़ की योजनाओं को मंजूरी</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और जल संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं के आगामी वर्षों में निर्बाध संचालन के लिए करीब 1 लाख 46 हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई। वहीं जीवनदायिनी नर्मदा नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन और दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन यानी नमन मिशन के गठन को मंजूरी दी गई। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक क्षमता निर्माण के लिए भी 734 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। वर्तमान में योजना से करीब 1.27 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। योजना के तहत पात्र महिलाओं के खाते में हर माह 1500 रुपए की आर्थिक सहायता सीधे अंतरित की जा रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन बढ़ाने के साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण और परिवार के निर्णयों में भूमिका को मजबूत करना है।
लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए भी वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 16 हजार 326.47 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। योजना के तहत अब तक करीब 50.99 लाख बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। योजना में कक्षा छठवीं में प्रवेश पर 2 हजार, कक्षा नौवीं में 4 हजार, कक्षा 11वीं में 6 हजार और कक्षा 12वीं में 6 हजार रुपए की राशि दी जाती है। महाविद्यालय में प्रवेश पर प्रथम और अंतिम वर्ष में 12,500-12,500 रुपए तथा 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 1 लाख रुपए का भुगतान किया जाता है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक संचालन के लिए 2,137 करोड़ 65 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में आर्थिक सहायता देना और दूसरे प्रसव में बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना है। प्रथम प्रसव वाली पात्र महिला को निर्धारित शर्तें पूरी करने पर कुल 5 हजार रुपए तथा दूसरे प्रसव में बालिका जन्म होने पर 6 हजार रुपए की सहायता दी जाती है।
नर्मदा संरक्षण के लिए गठित होगा नमन मिशन
मंत्रि-परिषद ने नर्मदा नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन और दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन के गठन को मंजूरी दी है। प्रदेश की करीब 33 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नर्मदा नदी और उसके जलग्रहण क्षेत्र पर निर्भर है। इसी को ध्यान में रखते हुए मिशन को एकीकृत, वैज्ञानिक और बहु-विभागीय संस्थागत व्यवस्था के रूप में विकसित किया जाएगा।
नमन मिशन को मध्यप्रदेश सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1973 के तहत स्वायत्त संस्था के रूप में पंजीकृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री मिशन की सर्वोच्च साधारण सभा के अध्यक्ष होंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री उपाध्यक्ष और 19 सहभागी विभागों के मंत्री सदस्य होंगे। नदी विज्ञान, जल विज्ञान, पर्यावरण, जैव विविधता और सामुदायिक प्रबंधन के क्षेत्र के अधिकतम 10 विशेषज्ञों को भी साधारण सभा में शामिल किया जाएगा। मिशन की प्रशासनिक कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे।
नर्मदा संरक्षण के लिए हर साल 200 करोड़
मिशन के तहत नर्मदा संरक्षण और विकास कार्यों के लिए राज्य अनुदान से प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा वन विभाग की कैंपा निधि से प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपए का उपयोग किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में पांच वर्षों में राज्य बजट से 100 करोड़ रुपए की राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही सामाजिक दायित्व निधि, केंद्र सरकार की सहायता और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से भी संसाधन जुटाए जाएंगे।
नदी के स्वास्थ्य का वैज्ञानिक मूल्यांकन करने के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई बनाई जाएगी। यह इकाई कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आंकड़ा विश्लेषण, भौगोलिक सूचना प्रणाली, दूरसंवेदी तकनीक, निर्णय सहायता प्रणाली और जलवायु परिवर्तन के वैज्ञानिक मॉडलों का उपयोग करेगी। आईआईएसईआर, आईआईटी, आईआरएमए, एनआईएच, आईआईएफएम, आईसीएआर और एनईईआरआई जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों को भी मिशन से जोड़ा जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 11,835.35 करोड़ रुपए
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन और अधोसंरचना विस्तार के लिए कुल 11 हजार 835.35 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसमें उप स्वास्थ्य केंद्र योजना के लिए 4,742 करोड़ 45 लाख रुपए, स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 518 करोड़ 93 लाख रुपए और अस्पताल एवं औषधालय भवन निर्माण के लिए 3,219 करोड़ 22 लाख रुपए शामिल हैं।
आशा कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की योजना के लिए 3,354 करोड़ 75 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कुल 71 हजार आशा कार्यकर्ता तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 5,200 आशा पर्यवेक्षक कार्यरत हैं। आशा कार्यकर्ता मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए 870.16 करोड़
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की तीन योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 870 करोड़ 16 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर की स्ववित्तीय पेंशन योजना के लिए 310 करोड़ 23 लाख रुपए, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर की ब्लॉक अनुदान योजना के लिए 469 करोड़ 93 लाख रुपए और कृषि क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के लिए 90 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के लिए 734 करोड़
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि के लिए 734 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। पिछले 20 वर्षों में वैज्ञानिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए राज्य के बजट में करीब 150 गुना वृद्धि की गई है।
अनुसंधान और विकास गतिविधियों के लिए 201 करोड़ 28 लाख रुपए, निर्देशन एवं प्रशासन के लिए 119 करोड़ 4 लाख रुपए, विज्ञान को लोकप्रिय बनाने और विज्ञान प्रसार के लिए 172 करोड़ 52 लाख रुपए तथा मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम की गतिविधियों के लिए 241 करोड़ 16 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं के माध्यम से अनुसंधान, नवाचार, जैव प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन अध्ययन, दूरसंवेदी तकनीक, भौगोलिक सूचना प्रणाली, ग्रामीण प्रौद्योगिकी और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम, चलित विज्ञान प्रयोगशालाएं, विज्ञान शिक्षा एवं नवाचार कार्यशालाएं तथा विज्ञान मेलों का आयोजन भी किया जाएगा।
सड़क विकास निगम में 35 नए पदों को मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में पूर्व स्वीकृत 288 पदों के अतिरिक्त 35 नए पदों को मंजूरी दी है। पहले से स्वीकृत 7 पदों की निरंतरता भी 18 सितंबर 2031 तक रखी जाएगी। इससे निगम पर करीब 4 करोड़ 12 लाख रुपए का वार्षिक वित्तीय भार आएगा, जिसकी पूर्ति निगम अपने स्रोतों से करेगा। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Aug 2026 22:16:49 +0530</pubDate>
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<title>बस में 5.5 करोड़ की सराफा लूट का 48 घंटे में खुलासा, छह बदमाश गिरफ्तार; 4.167 किलो सोना और 4.047 किलो चांदी बरामद</title>
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<description><![CDATA[ रतलाम। बिलपांक थाना क्षेत्र में बस के अंदर सराफा व्यापारी से हुई करीब 5.5 करोड़ रुपए की लूट का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटे गए 4.167 किलोग्राम सोने के 238 नग और 4.047 किलोग्राम चांदी के 183 नग आभूषण डिब्बों सहित बरामद किए हैं। बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 5.5 करोड़ रुपए बताई गई है। वारदात में शामिल दो आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हैं।
पुलिस ने वारदात के बाद बड़नगर से लेकर घटनास्थल तक 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। साइबर तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल इनपुट और मैदानी जांच को जोड़कर संदिग्धों की पहचान की गई। 15 अगस्त को सूचना मिलने के बाद पुलिस ने हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में घेराबंदी कर छह संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे से लूटा गया सोना-चांदी बरामद कर लिया गया।
फरियादी अर्पित चोरड़िया रतलाम के गणेश मार्केट और चांदनी चौक में सोने-चांदी के आभूषणों का व्यवसाय करते हैं। 13 अगस्त को वे व्यापारिक काम से बड़नगर गए थे। अलग-अलग व्यापारियों को आभूषण बेचने के बाद रात करीब 8.20 बजे बीके यादव बस से रतलाम के लिए रवाना हुए। रात करीब 9.15 से 9.30 बजे के बीच बस हनुमान चौकी-उमरथाना फंटा क्षेत्र में पहुंची। इसी दौरान बड़नगर से बस में सवार हुए दो व्यक्ति व्यापारी के पास पहुंचे और बैग छीनने का प्रयास किया। व्यापारी ने विरोध करते हुए बैग पकड़ लिया और शोर मचाया। इसके बाद तीन अन्य आरोपियों ने व्यापारी के साथ मारपीट की और बैग छीनकर पांचों आरोपी मौके से फरार हो गए।
बैग में सोने-चांदी के आभूषणों के साथ नकदी और जरूरी दस्तावेज भी रखे थे। घटना के बाद फरियादी की रिपोर्ट पर बिलपांक थाने में अपराध क्रमांक 534/2026, धारा 309(6) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश और नेतृत्व में अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गईं। टीमों ने घटनास्थल से लेकर बड़नगर तक विभिन्न मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज जुटाए और उनका विश्लेषण किया। बस चालक, परिचालक, क्लीनर और फरियादी के बयान लिए गए। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों से भौतिक साक्ष्य भी जुटाए गए। साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल इनपुट का विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपियों की पहचान की।
15 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि वारदात में शामिल आरोपी हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं और लूट का सामान भी उनके पास है। सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने क्षेत्र की घेराबंदी कर छह संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए।
पुलिस के अनुसार बरामद माल में सोने के 238 नग आभूषण हैं, जिनका वजन 4.167 किलोग्राम और अनुमानित कीमत करीब 5.32 करोड़ रुपए है। इसके अलावा चांदी के 183 नग आभूषण बरामद हुए हैं, जिनका वजन 4.047 किलोग्राम और अनुमानित कीमत करीब 9 लाख रुपए बताई गई है। दोनों की कुल कीमत करीब 5.5 करोड़ रुपए आंकी गई है।
पुलिस ने मामले में राहुल गुर्जर (24), अभिजीत उर्फ अभय गुर्जर (22), यशवंत गुर्जर (28), राहुल उर्फ वीर गुर्जर (25), रवि उर्फ बबला गुर्जर (27) और मोहम्मद उमर उर्फ पप्पु (42) को गिरफ्तार किया है। आरोपी रतलाम, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं। मामले में रोहित नायक निवासी रामरहिम नगर, रतलाम और गौरव गुर्जर निवासी हरसोला, इंदौर फरार हैं। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है।
पुलिस की जांच अब इस बात पर भी केंद्रित है कि लूट की पूरी साजिश कैसे रची गई, व्यापारी के पास इतनी बड़ी मात्रा में सोना-चांदी होने की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची और फरार दोनों आरोपियों की वारदात में क्या भूमिका थी। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Aug 2026 08:24:51 +0530</pubDate>
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<title>देश के पहले वर्चुअल चिड़ियाघर का लोकार्पण, इंदौर में 14&#45;डी सिनेमा और वर्चुअल जंगल सफारी भी शुरू</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को देश के पहले वर्चुअल चिड़ियाघर का लोकार्पण किया। इसके साथ ही इंदौर प्राणी संग्रहालय में पीपीपी मॉडल पर करीब साढ़े 4 करोड़ रुपए की लागत से तैयार 14-डी सिनेमा थियेटर और वर्चुअल जंगल सफारी का भी शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि इंदौर जो भी करता है, सबसे अच्छा करता है। शहर निरंतर नवाचार और विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्चुअल जंगल सफारी आमजन के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। इसके माध्यम से लोगों को जंगल और वन्यजीवों का आभासी अनुभव प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से विकसित यह सुविधा बच्चों, शहरवासियों और पर्यटकों के लिए मनोरंजन के साथ ज्ञानवर्धक अनुभव भी देगी। इससे नगर निगम को आय का एक नया स्रोत भी प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और स्कूली बच्चों के साथ 14-डी सिनेमा थियेटर में बैठकर फिल्म का आनंद लिया। फिल्म देखने के बाद उन्होंने इसे अद्भुत अनुभव बताया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने वर्चुअल जंगल सफारी का अवलोकन किया और वहां की व्यवस्थाओं तथा तकनीकी विशेषताओं की जानकारी ली।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट दबाकर फव्वारे का शुभारंभ किया और एक्वेरियम में मौजूद रंग-बिरंगी मछलियों का अवलोकन भी किया। उन्होंने प्राणी संग्रहालय में विकसित की गई नवीन सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि इनके माध्यम से शहरवासियों, बच्चों और पर्यटकों को वन्यजीवों एवं प्रकृति को आधुनिक तकनीक के माध्यम से समझने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, सावन सोनकर, सुमित मिश्रा, गौरव रणदिवे, एमआईसी सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Aug 2026 08:20:19 +0530</pubDate>
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<title>बाल सुधार गृह में रात को हंगामा: होमगार्ड से मारपीट कर सात बाल अपचारी फरार, छह रेलवे ट्रैक से पकड़े रतलाम के बिरियाखेड़ी सुधार गृह में चादर ओढ़कर सो रहे सैनिक पर किया हमला, चाबी निकालकर खोला गेट; मंदसौर के दो समेत सात बाल अपचारी थे शामिल, एक अब भी फरार</title>
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<description><![CDATA[ रतलाम। बिरियाखेड़ी स्थित शासकीय बाल सुधार गृह में शनिवार रात सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए सात बाल अपचारी होमगार्ड सैनिक से मारपीट कर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने रातभर सर्चिंग अभियान चलाया। रविवार तड़के छह बाल अपचारियों को रतलाम से करीब 15 किलोमीटर दूर नामली के पास दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक से पकड़ लिया गया, जबकि एक अब भी फरार है। फरार बाल अपचारी की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
घटना रात करीब 3 बजे सामने आई। बताया गया कि सुधार गृह के चैनल गेट के पास होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत (55) पिता जानकी बल्लभ शर्मा चादर ओढ़कर सो रहे थे। इसी दौरान सात बाल अपचारियों ने कथित तौर पर पहले से योजना बनाकर उन्हें घेर लिया। इनमें से एक के हाथ में डंडा था। बाल अपचारियों ने पहले डंडे से सैनिक पर हमला किया और इसके बाद सभी ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। सैनिक का गला कपड़े से दबाने की कोशिश भी की गई।
हमले के दौरान बाल अपचारियों ने सैनिक की पेंट की जेब से मेन शटर गेट की चाबी निकाल ली। इसके बाद चैनल गेट का ताला खोला और मुख्य द्वार से बाहर निकलकर फरार हो गए। भागने से पहले उन्होंने चौकीदार के कमरे के चैनल गेट की कुंडी भी लगा दी थी। घटना के बाद सुधार गृह में हड़कंप मच गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही औद्योगिक थाना प्रभारी गायत्री सोनी ने पुलिस टीमों को सक्रिय किया। जिले के सभी थानों को अलर्ट किया गया और बाल अपचारियों की तलाश शुरू कर दी गई। पुलिस ने सुधार गृह के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और बाल अपचारियों की पहचान के आधार पर संभावित रास्तों पर सर्चिंग शुरू की।
पुलिस के अनुसार बाल अपचारी सुधार गृह से कुछ दूरी पर गुजरने वाले दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक के रास्ते मंदसौर की ओर भागे थे। इसी दौरान नामली क्षेत्र में कुछ संदिग्ध लड़कों के दिखाई देने की सूचना 112 डायल पर मिली। सूचना पर 112 के आरक्षक भगवान सिंह और पायलट मौके पर पहुंचे। आसपास तलाश करने पर छह बाल अपचारी दिखाई दिए, जिन्हें पुलिस ने पकड़कर कस्टडी में ले लिया।
पुलिस ने रातभर की तलाश के बाद छह बाल अपचारियों को पकड़ लिया, लेकिन एक बाल अपचारी अब भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों और आसपास के क्षेत्रों में सर्चिंग कर रही है। अधिकारियों के अनुसार फरार बाल अपचारी करीब दो से ढाई माह पहले सुधार गृह में आया था। उसके खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में मारपीट के चार से पांच मामले दर्ज बताए गए हैं।
सुधार गृह से भागने वाले सात बाल अपचारियों में चार रतलाम, दो मंदसौर और एक नीमच का है। सभी की उम्र 15, 16 और 17 वर्ष के बीच बताई गई है। इन पर गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। दो बाल अपचारियों के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी, दो के खिलाफ दुष्कर्म, एक के खिलाफ रंगदारी, एक के खिलाफ हत्या और एक के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है।
हमले में घायल होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद रविवार सुबह एसपी अमित कुमार, एएसपी राकेश पंद्रो और एसडीएम तरुण जैन सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे और सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही है। सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो। उन्होंने कहा कि फरार बाल अपचारी को तलाशना पुलिस की प्राथमिकता है और उसकी सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है।
वर्तमान में बाल सुधार गृह में 22 बाल अपचारी हैं। यहां सुरक्षा के लिए दो सैनिकों की ड्यूटी रहती है। इनमें एक सैनिक बाहर और दूसरा अंदर तैनात रहता है। घटना के समय एक सैनिक तबीयत खराब होने के कारण अवकाश पर था। घटना के बाद सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं पुलिस फरार बाल अपचारी की तलाश के साथ घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच में जुटी है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 08:13:22 +0530</pubDate>
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<title>जावरा में जुए की फड़ पर पुलिस का छापा, 9 आरोपी गिरफ्तार; 31,300 रुपए और 52 ताश के पत्ते जब्त मुखबिर की सूचना पर देर रात दबिश, जुआ एक्ट में प्रकरण दर्ज; सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई</title>
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<description><![CDATA[ रतलाम। जिले में अवैध गतिविधियों और जुआ-सट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जावरा शहर पुलिस ने जुआ खेल रहे 9 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 31 हजार 300 रुपए नकद और 52 ताश के पत्ते जब्त किए हैं। कार्रवाई के बाद थाना जावरा शहर में जुआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक जावरा युवराजसिंह चौहान और थाना प्रभारी जावरा शहर निरीक्षक दीपक मंडलोई के मार्गदर्शन में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में गत रात्रि जावरा शहर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग ताश के पत्तों से हार-जीत का जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस कार्रवाई के दौरान 9 व्यक्ति जुआ खेलते मिले, जिन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी और मौके की कार्रवाई में उनके पास से 31 हजार 300 रुपए नकद और 52 ताश के पत्ते बरामद हुए।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना जावरा शहर में अपराध क्रमांक 279/2026, धारा 13 जुआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में अबरार पिता अख्तर हुसैन, उम्र 19 वर्ष, निवासी मुगलपुरा जावरा; अल्ताफ पिता अफाक खान, उम्र 32 वर्ष, निवासी बहादुरपुर रोड जावरा; असलम पिता अहमद अली, उम्र 26 वर्ष, निवासी पठान टोली जावरा; हैदर पिता प्यारे मियां, उम्र 34 वर्ष, निवासी मुगलपुरा जावरा; मोहम्मद हयात पिता मोहम्मद मुशर्रफ, उम्र 40 वर्ष, निवासी जुना कबाड़ा जावरा; तैय्यब अली पिता कुतुबुद्दीन अली, उम्र 33 वर्ष, निवासी जनता कॉलोनी जावरा; फिरोज पिता लालू खां, उम्र 40 वर्ष, निवासी सागर पेशा जावरा; जफर पिता मेहमूद मेवाती, उम्र 43 वर्ष, निवासी मेवातीपुरा जावरा और जाकिर पिता अल्ला नूर, उम्र 41 वर्ष, निवासी पिपली बाजार जावरा शामिल हैं।
कार्रवाई में निरीक्षक दीपक कुमार मंडलोई, उप निरीक्षक ओमप्रकाश राठौर, प्रधान आरक्षक राहुल उपाध्याय, चीता आरक्षक अमित जाट, आरक्षक दीपक माली, चन्द्रपाल सिंह, सुगड़सिंह और संदीप जाधव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 09 Aug 2026 08:47:53 +0530</pubDate>
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<title>मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: 32 हजार करोड़ से अधिक की योजनाओं को मंजूरी, 5 हजार किसानों को मिलेगी राहत</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल, 4 अगस्त।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के किसानों, स्वास्थ्य, खेल, डिजिटल गवर्नेंस और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने कुल 32,070 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें सहकारिता विभाग की &#039;कवच योजना&#039; सबसे अहम निर्णय माना जा रहा है, जिसके माध्यम से ऋण खातों में गड़बड़ी के कारण सरकारी योजनाओं से वंचित करीब 5 हजार किसानों को राहत मिलेगी।
कैबिनेट ने सहकारिता विभाग की &#039;कवच योजना&#039; को मंजूरी देते हुए ऐसे किसानों को मुख्यधारा में लाने का निर्णय लिया है, जिनके ऋण खाते जांच लंबित रहने के कारण प्रभावित हैं। योजना के तहत पात्र किसानों को नया ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए अपैक्स बैंक और जिला सहकारी बैंक अपने स्तर पर 50 करोड़ रुपये का कोष बनाएंगे, जबकि राज्य सरकार किसान हित में 25 करोड़ रुपये की अंशपूंजी एकमुश्त उपलब्ध कराएगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जिला एवं सिविल अस्पतालों तथा औषधालयों के संचालन के लिए 12,517.99 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए 11,812.02 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई।
प्रदेश में स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-अभीम) के लिए 2,448.79 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके तहत जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक, एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं तथा विकासखंड स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।
मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए 1,704.81 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी मिली है। इसके माध्यम से रोग नियंत्रण, आधुनिक कीटनाशकों के उपयोग और जांच व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से प्रदेश में खेल स्टेडियम एवं खेल अधोसंरचना निर्माण के लिए 2,460.57 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से नए स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र और आधुनिक खेल उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे तथा मौजूदा खेल परिसरों का उन्नयन किया जाएगा।
डिजिटल गवर्नेंस को सशक्त बनाने के लिए स्टेट डाटा सेंटर (एसडीसी) के उन्नयन, संचालन और रखरखाव हेतु 1,099.58 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इससे विभिन्न विभागों की ऑनलाइन सेवाओं, डेटा सुरक्षा और ई-गवर्नेंस व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
कैबिनेट ने जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों को भी बड़ी राहत दी है। निर्णय के अनुसार 35 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले पात्र शिक्षकों को 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद से चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ प्रदान किया जाएगा।
मंत्रि-परिषद के इन निर्णयों को प्रदेश में किसान कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, खेल अधोसंरचना के विकास, डिजिटल प्रशासन को मजबूती और कर्मचारियों के हित संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 12:51:13 +0530</pubDate>
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