66.80 लाख नशीली गोलियों से भरा ट्रक पकड़ा, अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क पर सीबीएन का वार ऑपरेशन वज्र 2.0 में बड़ी कार्रवाई; अल्प्राजोलम, ट्रामाडोल, नाइट्राजेपम और क्लोनाजेपम की गोलियां जब्त, चालक गिरफ्तार
मंदसौर। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 66.80 लाख नशीली गोलियां जब्त की हैं। सीबीएन नीमच यूनिट से मिली गुप्त सूचना के आधार पर ऑपरेशन वज्र 2.0 के तहत चंडीगढ़-बद्दी अंतरराज्यीय मार्ग पर संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान ट्रक और उसके चालक को कब्जे में लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार पंजाब-हिमाचल प्रदेश कॉरिडोर के जरिए नशीली दवाओं की आपूर्ति किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद सीबीएन की विशेष टीम ने बद्दी मार्ग पर रातभर निगरानी रखी। संदिग्ध ट्रक के पहुंचते ही टीम ने घेराबंदी कर उसे रोक लिया। सुरक्षा कारणों से ट्रक को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उसकी तलाशी ली गई। जब्ती और पंचनामा तैयार करने की कार्रवाई में अधिकारियों को 14 घंटे से अधिक समय लगा। तलाशी के दौरान ट्रक में रखे 120 बड़े मास्टर कार्टन मिले। इनमें अल्प्राजोलम की 59.08 लाख, ट्रामाडोल की 7.47 लाख, नाइट्राजेपम की 23.7 हजार और क्लोनाजेपम की 400 गोलियां बरामद हुईं। जांच में सामने आया कि तस्करी के नेटवर्क को छिपाने के लिए गोलियों की स्ट्रिप्स और बॉक्स से बैच नंबर, निर्माण तिथि तथा एक्सपायरी डेट जानबूझकर मिटाई गई थी। अधिकारियों के मुताबिक दवाओं की बिक्री के संबंध में आवश्यक प्रतिबंध दर्ज होने के बावजूद इन्हें बिना किसी वैध बिल या ई-वे बिल के क्षेत्र में लाया जा रहा था। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। सीबीएन की टीम अब इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के मुख्य सप्लायरों, दवाओं की निर्माण इकाइयों और वितरण तंत्र का पता लगाने में जुटी है। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सीबीएन ने इस वर्ष अब तक 197 मामले दर्ज किए हैं और 272 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इस दौरान छह अवैध गुप्त लैब का भी भंडाफोड़ किया गया है। कार्रवाई में अब तक करीब 51 हजार किलो ड्रग्स तथा 12.72 करोड़ से अधिक नशीली गोलियां और कैप्सूल जब्त किए जा चुके हैं।
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