कृष्ण जन्माष्टमी पर भक्तिरस में डूबा मंदसौर, सड़कों पर उमड़ा आस्था का सैलाब विहिप के चल समारोह में 26 अखाड़े और कृष्ण लीलाओं की जीवंत झांकियां रहीं आकर्षण; ग्वाला गवली समाज ने भी निकाला भव्य जुलूस
मंदसौर। पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व जन्माष्टमी मंदसौर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। प्राचीन शिवनगरी में सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। दिनभर धार्मिक आयोजन हुए और शाम होते ही शहर की सड़कों पर चल समारोहों के रूप में आस्था का सैलाब दिखाई दिया। भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं पर आधारित झांकियां, अखाड़ों के हैरतअंगेज करतब, भक्ति नृत्य और पारंपरिक वेशभूषा में शामिल मातृशक्ति ने जन्माष्टमी के उत्सव को भव्य बना दिया। विश्व हिंदू परिषद ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व और स्थापना दिवस के अवसर पर विशाल चल समारोह निकाला। केशव सत्संग भवन, खानपुरा में चल समारोह के शुभारंभ से पहले भगवान श्री कृष्ण के विग्रह की महाआरती की गई। केशव सत्संग भवन में चातुर्मासिक वास के लिए विराजे संत सन्निष्ठानंद महाराज भी महाआरती में विशेष रूप से शामिल हुए। विहिप जिला अध्यक्ष प्रवीण सिंह मंडलोई, महामंत्री हेमंत बुलचंदानी, नगर अध्यक्ष कन्हैयालाल सोनगरा सहित पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से आरती की। इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिक, सामाजिक संस्थाओं और संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। महाआरती के बाद चल समारोह केशव सत्संग भवन से रवाना हुआ। यह वीर सावरकर पुलिया, धान मंडी, बड़ा चौक, गणपति चौक, शुक्ला चौक, घंटाघर, कालिदास मार्ग, भारत माता चौराहा, श्री बड़े बालाजी मंदिर, पुराना बस स्टैंड, युवराज क्लब मार्ग होते हुए गांधी चौराहा पहुंचा, जहां चल समारोह का समापन हुआ। चल समारोह में भगवान श्री कृष्ण के संपूर्ण जीवन चरित्र और उनकी लीलाओं पर आधारित विविध झांकियां शामिल थीं। आकर्षक और जीवंत झांकियां लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कृष्ण जन्म से लेकर उनकी बाल लीलाओं तक के प्रसंगों को झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इन्हें देखने के लिए मार्ग में बड़ी संख्या में लोग जमा रहे। चल समारोह में 26 अखाड़े भी शामिल हुए। अलग-अलग स्थानों पर अखाड़ों से जुड़े कार्यकर्ताओं और व्यायामशालाओं के पहलवानों ने शानदार करतब दिखाए। अखाड़ों के प्रदर्शन ने लोगों का खूब ध्यान खींचा। भाजपा जिला अध्यक्ष पं. राजेश दीक्षित ने भी अखाड़े के प्रदर्शन में हिस्सा लिया। वहीं विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष और समाजसेवी अर्जुन डाबर ने कदमताल करते हुए अखाड़े का प्रदर्शन किया। चल समारोह का नगर में जगह-जगह स्वागत किया गया। विभिन्न स्थानों पर स्वागत मंच बनाए गए थे। श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों की ओर से फलाहार, जलपान और प्रसादी का वितरण किया गया। गणपति चौक में साबूदाना खिचड़ी की प्रसादी बांटी गई। सिंधी समाज के लोगों ने परंपरागत रूप से चल समारोह का स्वागत किया। समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी, सेवाभावी कार्यकर्ता और युवा चल समारोह में शामिल हुए तथा भक्ति नृत्य के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त की। चल समारोह में मातृशक्ति की विशेष भागीदारी रही। महिलाएं पारंपरिक परिधान में सिर पर कलश धारण कर चल समारोह में शामिल हुईं। कलश धारण किए महिलाओं की कतार ने आयोजन की शोभा बढ़ाई और यह दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। ग्वाला गवली समाज ने भी निकाला भव्य जुलूस भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर ग्वाला गवली समाज ने भी नगर में भव्य जुलूस निकाला। बालागंज स्थित श्री कृष्ण मंदिर से जुलूस शुरू हुआ। इसमें समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। जुलूस में भगवान श्री कृष्ण के चरित्र से जुड़ी आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं। अघोरी की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। महिलाओं और युवाओं ने भक्ति नृत्य प्रस्तुत किए। जुलूस में अखाड़ों के प्रदर्शन भी हुए। खाटू श्याम मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ जन्माष्टमी पर श्री खाटू श्याम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। सुबह से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला दोपहर, शाम और रात तक जारी रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान के दर्शन किए। रात 12 बजे मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब नगर के अन्य मंदिरों में भी जन्माष्टमी की धूम रही। जनता कॉलोनी स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर, स्टेशन क्षेत्र स्थित राधा कृष्ण मंदिर, जीवागंज स्थित श्री गोवर्धन नाथ मंदिर और श्री जगदीश मंदिर में विशेष दर्शन और आरती के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। रात 12 बजे भगवान श्री कृष्ण के जन्म के समय दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे। जनकूपुरा क्षेत्र के नरसिंह मंदिर और चारभुजा नाथ मंदिर में भी जन्माष्टमी पर विशेष दर्शन हुए। जिला जेल में आकर्षक झांकियां सजाईं भगवान श्री कृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में होने के कारण जिला जेल में भी जन्माष्टमी विशेष रूप से मनाई गई। मंदसौर की जिला जेल में प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी आकर्षक झांकियां सजाई गईं। विद्युत साज-सज्जा से सजी झांकियों को देखने और दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कृष्णमय हुआ माहौल जन्माष्टमी का उल्लास मंदसौर शहर तक सीमित नहीं रहा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी जुलूस, झांकियों और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। ग्रामीण शिक्षा समिति द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर डीगांव माली में जन्माष्टमी भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। विद्यालय परिसर को विशेष रूप से सजाया गया। विद्यार्थियों ने भगवान श्री कृष्ण, राधा और गोपियों की आकर्षक वेशभूषा धारण कर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बाल लीलाओं, भजनों और वृत्त प्रस्तुतियों के साथ मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर कृष्णमय नजर आया।
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