ऋतुराज की मौत के मामले में अब जांच रिपोर्ट का इंतजार, पोस्टमार्टम के बाद मनासा खुर्द लाया गया शव परिजनों के आरोपों और पुलिस के पक्ष के बीच मजिस्ट्रियल जांच अहम, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी समेत अन्य साक्ष्यों की होगी जांच

पिपलिया स्टेशन। जयपुर के मुहाना थाना क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई के बाद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती 16 वर्षीय ऋतुराज लोहार की मौत के मामले में अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मजिस्ट्रियल जांच पर सभी की नजर है। मंगलवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को गृह ग्राम मनासा खुर्द ले आए। करीब 24 घंटे तक पोस्टमार्टम नहीं होने के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन इसके लिए सहमत हुए थे। ऋतुराज की सोमवार सुबह करीब 3.30 बजे मौत हुई थी। इसके बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने और शव ले जाने से इनकार करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। परिजनों ने नाबालिग के साथ कथित मारपीट की जांच, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने और परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग रखी थी। मामले में सरकार की ओर से मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए जाने की जानकारी के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए सहमति दी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पांच चिकित्सकों के मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों से जुड़े निष्कर्ष जांच के लिए महत्वपूर्ण होंगे। परिजनों ने घटना को लेकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ऋतुराज के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी। दूसरी ओर पुलिस का पूर्व में कहना था कि ऋतुराज के पिता प्रकाश लोहार के खिलाफ सस्ते सोने के नाम पर करीब 22 लाख रुपए लेने की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा रही थी। पुलिस ने नाबालिग के साथ मारपीट के आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि उसे परिजन ही थाने लेकर आए थे और वहां तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। इस मामले में ऋतुराज की मां हेमा लोहार ने 29 सितंबर को एसीजेएम क्रम संख्या-18 की अदालत में परिवाद भी पेश किया था। इसमें मुहाना थानाधिकारी सहित पुलिसकर्मियों पर नाबालिग को अवैध हिरासत में रखकर मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं। परिवाद में पुलिसकर्मियों और ऋतुराज की मोबाइल लोकेशन की जांच तथा घटनाक्रम से जुड़े लोगों के बयान लेने की मांग की गई है। अब मजिस्ट्रियल जांच में घटनाक्रम से जुड़े दस्तावेज, अस्पताल के रिकॉर्ड, मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और संबंधित लोगों के बयान महत्वपूर्ण साक्ष्य होंगे। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ऋतुराज की तबीयत बिगड़ने तथा मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है। मामले को लेकर मंदसौर से किसान नेता श्यामलाल जोकचंद सहित अन्य लोग भी जयपुर पहुंचे थे। उन्होंने परिजनों के साथ अधिकारियों से चर्चा कर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग रखी। अब परिवार और क्षेत्र के लोगों की नजर मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है।

Oct 7, 2026 - 08:21
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