21 करोड़ की साइबर ठगी में तीसरी बड़ी गिरफ्तारी, कंबोडिया गैंग का हैंडलर पिंकेश सूर्यवंशी दबोचा
मंदसौर। चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर हुई 21.05 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में राज्य साइबर पुलिस को तीसरी बड़ी सफलता मिली है। विशेष टीम ने कंबोडिया में बैठे अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह के भारत में प्रमुख हैंडलर पिंकेश सूर्यवंशी पिता फकीर चंद्र सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया है। मूल रूप से मल्हारगढ़, मंदसौर निवासी पिंकेश इंदौर से फर्जी डिजिटल मार्केटिंग और इन्वेस्टमेंट कंपनी की आड़ में साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहा था। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से 10 लाख रुपए सीधे उसके करंट अकाउंट में ट्रांसफर हुए थे। इसके बाद उसने यह रकम देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय म्यूल खातों में पहुंचाई। पुलिस जांच के अनुसार पिंकेश कंबोडिया में बैठे साइबर गिरोह के सरगनाओं के निर्देश पर भारत में ठगी के पैसों को खपाने और बैंक खातों का नेटवर्क संचालित करने का काम कर रहा था। इंदौर में उसने फर्जी डिजिटल मार्केटिंग और इन्वेस्टमेंट कंपनी की आड़ में अवैध कॉल सेंटर खोल रखा था। यहां बेरोजगार युवाओं को नौकरी पर रखकर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता था। इसके बाद इन युवाओं के माध्यम से म्यूल खातों का नेटवर्क संचालित कराया जाता था। आरोपी देशभर में फर्जी बैंक खातों का बड़ा नेटवर्क भी चला रहा था, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग स्तरों पर ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। प्राथमिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि पिंकेश बैंक खातों को संचालित करने के लिए विशेष एपीके फाइल और संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल करता था। इनके माध्यम से वह दूसरे राज्यों में मौजूद बैंक खातों को कंबोडिया में बैठे गिरोह के सरगनाओं के निर्देश पर रिमोटली कंट्रोल करता था। खातों के इस तरह संचालन के कारण उसकी वास्तविक लोकेशन तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। पुलिस जांच में सामने आया कि सीए अशोक विजयवर्गीय ने ठगी के दौरान कुल 76 बैंक खातों में 106 बार ट्रांजेक्शन किए थे। इसके बाद ठगी की रकम 15 अलग-अलग लेयर से गुजरते हुए 20 हजार से अधिक बैंक खातों तक पहुंची। शुरुआती जांच में करीब 35 प्रतिशत रकम दक्षिण भारत के अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इन खातों और रकम के आगे हुए लेन-देन की भी जांच कर रही है। इस मामले में अब तक तीन बड़ी गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इससे पहले भाजपा नेता और शाजापुर जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा अंकित वर्मा को भी सागर से पकड़ा गया था, जिसे एक अन्य गैंग का हैंडलर बताया गया है। अब पिंकेश सूर्यवंशी की गिरफ्तारी से कंबोडिया गैंग के भारत में संचालित नेटवर्क और ठगी की रकम को खपाने के तंत्र की महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आने की उम्मीद है। राज्य साइबर पुलिस के डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि सीए से हुई साइबर ठगी के मामले में एक और गिरफ्तारी की गई है। आरोपी के खाते में ठगी की रकम में से 10 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

