लूट के लिए बुजुर्ग दंपती की हत्या, तीन गिरफ्तार; चौथा आरोपी फंदे पर झूला चांदबर्डा के दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश, चांदी के आमलों की जानकारी से रची थी साजिश; जेवर, बाइक, मोबाइल और खून से सने कपड़े बरामद
गरोठ। ग्राम चांदबर्डा में खेत की झोपड़ी में सो रहे बुजुर्ग दंपती की पत्थरों से हमला कर हत्या करने और चांदी के जेवर लूटने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात में शामिल चौथे आरोपी राजेश कीर ने घटना के बाद मनासा स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर करीब 50 हजार रुपए कीमत के चांदी के आमले, वारदात में प्रयुक्त बिना नंबर की मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन, खून से सने कपड़े और हत्या में इस्तेमाल किए गए बड़े पत्थर बरामद किए हैं। 25 अगस्त को नारायण पिता देवीलाल बंजारा निवासी चांदबर्डा ने गरोठ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसके माता-पिता देवीलाल और भुलीबाई गांव से दूर खेत पर बनी झोपड़ी में रात के समय सो रहे थे। अज्ञात व्यक्ति ने भारी पत्थरों से हमला कर देवीलाल की हत्या कर दी, जबकि भुलीबाई गंभीर रूप से घायल मिलीं। पुलिस ने अपराध क्रमांक 334/2026 के तहत धारा 103(1), 109(1) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। उपचार के दौरान भुलीबाई की भी मौत हो गई। जांच के दौरान मृतक के पुत्र ने पुलिस को बताया कि उसकी मां चांदी के आमले पहनती थीं, लेकिन घटना के बाद उनके पैरों में आमले नहीं थे। इससे पुलिस को हत्या के पीछे लूट की आशंका हुई। दोहरे हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के निर्देशन में साइबर सेल, डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम को मौके पर भेजा गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरोठ राम सनेही मिश्रा और एसडीओपी गरोठ विजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गरोठ उपनिरीक्षक बलवीरसिंह यादव के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस टीमों ने गरोठ, शामगढ़ और भानपुरा थाना क्षेत्रों के साथ झालावाड़, भवानीमंडी, नीमच और मनासा में संभावित ठिकानों पर तलाश की। साइबर सेल से मिली जानकारी और विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कान्हा उर्फ करण पिता विष्णु निवासी दुरगपुरा थाना मनासा, हाल सगोरिया थाना शामगढ़; पवन पिता उदयराम निवासी सातलखेड़ी थाना भानपुरा तथा संतोषबाई उर्फ संता पति अमरलाल निवासी भाटखेड़ी थाना नाहरगढ़, हाल चांदबर्डा थाना गरोठ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपियों ने वारदात की बात स्वीकार की। जांच में सामने आया कि संतोषबाई करीब दो वर्ष से अपने पति से अलग होकर चांदबर्डा में अपने माता-पिता के साथ रह रही थी। उसके कान्हा उर्फ करण से प्रेम संबंध थे। करण के मित्र पवन और राजेश भी उसके संपर्क में थे। पुलिस के मुताबिक संतोषबाई ने साथियों को बताया था कि देवीलाल और भुलीबाई गांव से दूर खेत की झोपड़ी में अकेले रहते हैं तथा भुलीबाई चांदी के भारी आमले पहनती हैं। इसी जानकारी के आधार पर आरोपियों ने पैसों के लिए लूट की योजना बनाई। 24 और 25 अगस्त की दरमियानी रात आरोपी झोपड़ी पर पहुंचे। सो रहे देवीलाल और भुलीबाई के सिर पर भारी पत्थरों से हमला किया गया। हमले में देवीलाल की हत्या हो गई, जबकि भुलीबाई गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके बाद आरोपियों ने भुलीबाई के पैरों से चांदी के आमले निकाले और मौके से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार वारदात में शामिल राजेश कीर ने हत्या और लूट की घटना का उल्लेख करते हुए सुसाइड नोट लिखा और इसके बाद मनासा स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह प्रकरण में मृत आरोपी है। आरोपियों की निशानदेही पर करीब 50 हजार रुपए कीमत के पुराने चांदी के आमले, वारदात में प्रयुक्त करीब 50 हजार रुपए कीमत की बिना नंबर की हीरो एक्सट्रीम मोटरसाइकिल और करीब 45 हजार रुपए कीमत के तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इसके अलावा वारदात के समय आरोपियों द्वारा पहने गए खून से सने कपड़े और घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किए गए खून से सने बड़े पत्थर भी पुलिस ने जब्त किए हैं। मामले में अग्रिम कार्रवाई जारी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी गरोठ उपनिरीक्षक बलवीरसिंह यादव, उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह चौहान, उपनिरीक्षक मांगीलाल चौहान, उपनिरीक्षक मनोज महाजन, चौकी प्रभारी चंदवासा, सहायक उपनिरीक्षक जसराज सिंह चंदेल, सहायक उपनिरीक्षक मीना राठौर सहित साइबर सेल मंदसौर और गरोठ पुलिस टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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