13 हजार की फीस 25 हजार हुई तो सड़कों पर उतरे छात्र, लॉ कॉलेज के बाहर चक्काजाम
मंदसौर। संजीत रोड स्थित जवाहरलाल नेहरू विधि महाविद्यालय में फीस वृद्धि के विरोध में सोमवार को छात्रों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। द्वितीय और तृतीय वर्ष की फीस 13 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किए जाने के विरोध में छात्रों ने पहले कॉलेज गेट पर धरना दिया। काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी बातचीत के लिए नहीं पहुंचा तो छात्र कॉलेज के बाहर सड़क पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। छात्रों ने फीस कम करने की मांग को लेकर कॉलेज प्रबंधन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चक्काजाम से मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की। छात्रों का कहना है कि वर्ष 2024-25 में प्रवेश के समय उन्हें करीब 13 हजार रुपए फीस बताई गई थी। अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 में फीस बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दी गई है। उनके अनुसार फीस लगभग दोगुनी होने से मध्यमवर्गीय और किसान परिवारों के विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कई विद्यार्थियों के लिए इतनी फीस जमा कर पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो रहा है। छात्रों ने फीस वृद्धि वापस लेने, फीस में राहत देने अथवा किस्तों में फीस जमा कराने की व्यवस्था करने की मांग की है। फीस कम करने की मांग को लेकर छात्रों ने 17 अगस्त को कलेक्टर को भी आवेदन दिया था। इसमें कहा गया था कि अचानक फीस बढ़ने से विद्यार्थियों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। छात्रों ने मांग की थी कि फीस वृद्धि नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर लागू की जाए और वर्तमान विद्यार्थियों की फीस पहले जैसी ही रखी जाए। इससे पहले एनएसयूआई ने 7 अगस्त को लॉ कॉलेज के सामने फीस वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन किया था। इसके बाद 21 अगस्त को भी छात्रों ने प्रदर्शन किया। उस दौरान छात्रों को फीस कम करने के लिए बोर्ड के सामने प्रस्ताव रखने का भरोसा दिया गया था। प्राचार्य बोले- फीस बढ़ाई नहीं, पुरानी फीस बहाल की लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विनोद पाटीदार ने बताया कि फीस बढ़ाई नहीं गई है, बल्कि वर्ष 2019-20 में निर्धारित फीस को दोबारा लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में कॉलेज की फीस 25 हजार रुपए थी। बाद में फीस रेगुलेटरी कमेटी के स्तर पर फीस कम की गई थी। अब पूर्व निर्धारित फीस को पुन: रिस्टोर किया गया है। प्राचार्य के अनुसार, छात्रों के पहले प्रदर्शन के बाद एफआरसी की बैठक हुई थी। पूरे प्रदेश के कॉलेजों की फीस निर्धारित करने का काम एफआरसी के स्तर पर किया जाता है। बैठक में छात्रों के हित में फीस दो किस्तों में जमा कराने का निर्णय लिया गया है। फीस कम करने के सवाल पर प्राचार्य ने कहा कि कॉलेज प्रशासन शासन के निर्णय के विपरीत फैसला नहीं ले सकता। प्राचार्य डॉ. विनोद पाटीदार फिलहाल छुट्टी पर हैं। सोमवार को छात्रों ने पहले कॉलेज गेट पर धरना दिया था। कोई जिम्मेदार अधिकारी बातचीत के लिए नहीं पहुंचा तो छात्र सड़क पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की। फिलहाल कॉलेज के बाहर छात्रों का प्रदर्शन जारी है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

