काले कपड़े पहनकर बैंक पहुंचे कर्मचारी, आज से तीन दिन की हड़ताल पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर आंदोलन; रविवार को ग्राहकों की सुविधा के लिए खुले रहे सरकारी बैंक, मंदसौर की 141 शाखाओं पर असर
मंदसौर। पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने सहित लंबित मांगों को लेकर बैंक कर्मचारी-अधिकारी सोमवार से तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर 28 से 30 सितंबर तक होने वाली हड़ताल में देशभर के करीब आठ लाख बैंककर्मियों के शामिल होने का दावा यूनियन ने किया है। हड़ताल से पहले रविवार को सरकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक ग्राहकों की सुविधा के लिए खुले रहे। सामान्यतः रविवार को बैंक बंद रहते हैं, लेकिन तीन दिन की हड़ताल से पहले ग्राहकों को एक अतिरिक्त कार्यदिवस देने के लिए 27 सितंबर को बैंक खोलने का निर्णय लिया गया था। भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, संबंधित शाखाएं और मुद्रा तिजोरियां भी संचालित रहीं। मंदसौर में बैंककर्मी रविवार को काले कपड़े पहनकर काम पर पहुंचे और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह सहित अपनी मांगों के समर्थन में सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। जिले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और ग्रामीण बैंक की 141 शाखाएं हैं। हड़ताल के दौरान शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित रहने की संभावना है। 28 से 30 सितंबर तक प्रदर्शन भी मंदसौर में हड़ताल के तीनों दिन बैंक कर्मचारी-अधिकारी सुबह 10.30 बजे गांधी चौराहा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 28 सितंबर को लाल वस्त्र पहनकर प्रदर्शन, 29 सितंबर को काले वस्त्रों में वाहन रैली और 30 सितंबर को सफेद वस्त्र पहनकर प्रदर्शन करने की योजना यूनियन ने बनाई है। संगठन के अनुसार 29 सितंबर को गांधी चौराहे से शहर के प्रमुख मार्गों से वाहन रैली निकाली जाएगी। क्यों हो रही है पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग वर्तमान में बैंक शाखाओं में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है। बैंक यूनियनें सभी शनिवार और रविवार को अवकाश देकर सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग कर रही हैं। यूनियनों के अनुसार, शनिवार के काम की भरपाई कार्यदिवसों में अतिरिक्त समय देकर की जा सकती है। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग मौजूदा वेतन समझौते में भी उठाई गई थी और इसे लागू करने के लिए सरकारी मंजूरी लंबित बताई गई है। सितंबर में पहले भी हुई थी हड़ताल सितंबर में इससे पहले भी बैंकिंग सेवाएं हड़ताल और अवकाश के कारण प्रभावित हुई थीं। अब 28 से 30 सितंबर की हड़ताल महीने के अंतिम दिनों में हो रही है। 30 सितंबर को छमाही लेखाबंदी भी है, इसलिए शाखा स्तर के कामकाज पर इसका असर पड़ने की संभावना है। एटीएम और डिजिटल सेवाओं से मिल सकती है राहत हड़ताल के दौरान शाखाओं का कामकाज प्रभावित रहेगा, लेकिन एटीएम, यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं जारी रहने की उम्मीद है। सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंकों ने ग्राहकों को आवश्यक शाखा संबंधी काम हड़ताल से पहले निपटाने की सलाह दी है। एटीएम शुल्क को लेकर भी ग्राहकों को राहत दी गई है। भारतीय स्टेट बैंक ने 28 से 30 सितंबर तक एटीएम लेन-देन शुल्क माफ करने की घोषणा की है। अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने भी हड़ताल अवधि में एटीएम शुल्क में राहत की घोषणाएं की हैं। इसलिए इस अवधि में एटीएम से नकद निकासी पर सामान्य सीमा से अधिक होने वाला शुल्क लागू नहीं होने की जानकारी बैंकों ने दी है। मंदसौर में यूनाइटेड फोरम की ओर से रमेशचंद जैन, नरेंद्रसिंह राठौड़, सुरेंद्र संघवी, श्रीनिवास मोड़, जिनेंद्र राठौर, गजेंद्र तिवारी, ललित मुंगड़, निलेश परिहार, मनीष गोयल, गायत्री दशोरा और खुशबू श्रीवास्तव ने आंदोलन की जानकारी दी।
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