खुद को मंदसौर में नारकोटिक्स टीआई बताकर प्रॉपर्टी कारोबारी से 3.45 करोड़ की ठगी का आरोप, महिला गिरफ्तार
रतलाम। खुद को मंदसौर नारकोटिक्स विभाग की टीआई और एनकाउंटर विशेषज्ञ बताकर प्रॉपर्टी कारोबारी से करोड़ों रुपए की ठगी करने के आरोप में माणकचौक थाना पुलिस ने सपना ठाकुर (टांक) को गिरफ्तार किया है। तेजानगर निवासी कारोबारी रूपेश चपरोत (48) की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायत में महिला पर 3 करोड़ 45 लाख 75 हजार 900 रुपए लेने के साथ प्लॉट, मकान और बेटी की शादी के लिए रखे करीब 105 ग्राम सोने के जेवर हड़पने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार दिसंबर 2025 में रूपेश चपरोत का हुंडी दलाल विजय लोढ़ा के खिलाफ रकम लेकर फरार होने से जुड़ा मामला न्यायालय में चल रहा था। इसी दौरान सपना ठाकुर ने रूपेश को फोन कर खुद को मंदसौर नारकोटिक्स विभाग की टीआई बताया। उसने कथित तौर पर विजय लोढ़ा से फंसी रकम वापस दिलाने और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद वह लगातार कारोबारी के संपर्क में रही और अलग-अलग काम कराने के नाम पर रकम लेने का आरोप है।
शिकायत के अनुसार महिला ने विजय लोढ़ा के मकान और फ्लैट की कुर्की सहित अन्य कानूनी कार्रवाई कराने का भरोसा देकर करीब 70 लाख रुपए नकद लिए। इसके बाद कारोबारी के जीजा कमल मल्लारा के मुंबई से जुड़े मामले में मदद कराने के नाम पर 15 लाख रुपए लेने का भी आरोप है। फरवरी 2026 में 42 लाख रुपए का उधारीनामा लिखवाने और बाद में 22 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से अपने खाते में ट्रांसफर कराने की बात शिकायत में कही गई है। स्टाम्प शुल्क और अन्य खर्च के नाम पर भी रकम लेने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार विजय लोढ़ा से जुड़े मामले में उसे न्यायालय के सामने उधारदार दिखाने के लिए दस्तावेज की जरूरत बताई गई। इसी बहाने तुलसी विहार कॉलोनी स्थित उसका 13 गुणा 55 फीट का एलआईजी-06 प्लॉट अपने नाम करवाने का आरोप है। महिला ने 10 दिन में रजिस्ट्री वापस करने का भरोसा दिया था, लेकिन प्लॉट वापस नहीं किया।
इसके बाद नामली क्षेत्र में आठ लेन के पास पेट्रोल पंप लगाने और साझेदारी में निवेश करने का प्रस्ताव देकर करीब 35 लाख रुपए लेने का आरोप है। बिरमावल रोड स्थित जमीन पर केसीसी ऋण चुकाने के नाम पर भी करीब 20 लाख रुपए लेने की बात शिकायत में कही गई है।
रूपेश का आरोप है कि बेटी मुस्कान की शादी के लिए रखे करीब 105 ग्राम सोने के जेवर भी महिला ने ले लिए। इसके बाद विजय लोढ़ा प्रकरण में उसे दिवालिया दिखाने और उच्च न्यायालय में मामला मजबूत करने की बात कहते हुए तेजानगर स्थित मकान की रजिस्ट्री भी अपने नाम कराने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार बेचाननामे में मकान की कीमत करीब 32 लाख 93 हजार रुपए दर्ज की गई। महिला ने बैंक के माध्यम से 20 लाख रुपए दिए, लेकिन अगले दिन यह रकम नकद वापस ले ली। मकान की रजिस्ट्री 10 दिन में वापस करने का भरोसा दिए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार महिला ने उससे एक वीडियो भी बनवाया, जिसमें उससे कथित तौर पर तेजानगर का मकान 1 करोड़ 30 लाख रुपए में बेचने और मकान पर किसी तरह का कर्ज या उधारी नहीं होने की बात कहलवाई गई। बाद में मकान का नामांतरण भी महिला के नाम होने का आरोप है। इसके बाद मकान पर कैमरे लगवाकर ताला लगवाने और परिवार को घर से बाहर करने की बात शिकायत में कही गई है। महिला द्वारा उच्च न्यायालय की टीम के सर्वे के लिए आने की बात कहे जाने के बाद रूपेश अपनी पत्नी और बेटी के साथ भाई के काटजू नगर स्थित मकान में रहने चला गया।
रूपेश ने शिकायत में आरोप लगाया कि जब उसने आगे रकम देने से इनकार किया और अपनी संपत्ति वापस मांगी तो महिला ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। उसने खुद को एनकाउंटर विशेषज्ञ बताते हुए एनकाउंटर करने की धमकी दी। इसके अलावा रूपेश, उसकी पत्नी और बेटी के पास एमडी पाउडर रखकर झूठे एनडीपीएस मामले में फंसाने, बेटी की सगाई तुड़वाने और जान से खत्म करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत में यह भी आरोप है कि महिला ने रूपेश का मोबाइल फोन फॉर्मेट करवाया, जिससे उसमें मौजूद कथित साक्ष्य खत्म हो जाएं। उसके नाम से जियो और एयरटेल की दो सिम जारी करवाकर अपने पास रखने की बात भी कही गई है। महिला ने कथित तौर पर इन नंबरों पर उच्च न्यायालय से संबंधित संदेश और ओटीपी आने की बात कही थी।
२३ सितंबर को रूपेश ने फोन पर सपना ठाकुर से मकान और प्लॉट वापस करने की बात की। शिकायत के अनुसार महिला ने इसके बाद उसे दोबारा फोन नहीं करने की चेतावनी दी।
माणकचौक थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं ३१८(४), ३०८(२) और ३५१(३) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने सपना ठाकुर को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ठगी की रकम, संपत्तियों और मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच कर रही है। शिकायत में बताए गए आरोपों की जांच के बाद ही उनकी पुष्टि हो सकेगी।
शिकायत में ३ करोड़ ४५ लाख ७५ हजार ९०० रुपए की कथित ठगी के अलावा मकान की कीमत को भी नुकसान में शामिल किया गया है। इसी आधार पर कुछ विवरणों में कुल नुकसान करीब ४ करोड़ ७५ लाख रुपए बताया गया है।