कुएं में नहाने उतरी 13 वर्षीय प्रियांशी की डूबने से मौत, करीब 50 फीट गहरे पानी से पांच सदस्यीय गोताखोर टीम ने निकाल
पिपलिया स्टेशन (निप्र)। पिपलिया मंडी थाना क्षेत्र के ग्राम नेनोरा में रविवार को एक हृदयविदारक हादसे में 13 वर्षीय किशोरी प्रियांशी पिता सुनील पाटीदार की कुएं में डूबने से मौत हो गई। गांव में खेड़ा खदान रोड स्थित जगदीश पाटीदार के कुएं में दोपहर 12 बजे करीब तैरना सीखने के दौरान रस्सी के सहारे नहाने उतरी किशोरी अचानक गहरे पानी में चली गई। बताया गया रस्सी खुलने से यह हादसा हुआ। मोके ओर करीब 7 बच्चे और भी थे। घटना के बाद ग्रामीणों ने उसे बचाने के लिए काफी मशक्कत की, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर मंदसौर से पांच सदस्यीय गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद ही टीम ने दोपहर लगभग 2 बजे किशोरी को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की खबर से पूरे गांव में शोक छा गया। परिवार में किशोरी की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। *रस्सी के सहारे कुएं में नहाने उतरी थी किशोरी* प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम नेनोरा निवासी प्रियांशी रविवार दोपहर करीब 12 बजे खेड़ा खदान रोड स्थित जगदीश पाटीदार के कुएं पर नहाने गई थी। बताया जा रहा है कि वह रस्सी के सहारे कुएं में उतरी थी। कुआं करीब 50 फीट गहरा था और पानी से पूरा भरा हुआ था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चली गई और डूब गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों को स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ तो उसे बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए गए। *ग्रामीणों ने किए प्रयास, लेकिन नहीं मिली सफलता* किशोरी के कुएं में डूबने की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। लोगों ने अपने स्तर पर उसे बाहर निकालने के भरसक प्रयास किए, लेकिन कुएं की गहराई और पानी अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। समय बीतने के साथ परिजनों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ती गई। इसके बाद मंदसौर से गोताखोरों की टीम को बुलाया गया। सूचना मिलने पर मंदसौर से पांच सदस्यीय गोताखोरों की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने कुएं में उतरकर किशोरी की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद दोपहर करीब 2 बजे प्रियांशी को बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। करीब दो घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान कुएं के आसपास ग्रामीणों की भीड़ जमा रही। किशोरी को मृत अवस्था में बाहर निकाले जाने की खबर से मौके पर मौजूद लोगों में शोक छा गया। हादसे की सूचना मिलने पर पिपलियामंडी थाना एएसआई संतोष कुमार मुनिया, प्रधान आरक्षक वसीम खान, प्रधान आरक्षक नरेंद्र सांवलिया तथा डायल-112 पर तैनात आरक्षक राजू आर्या ने पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इस संबंध में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। *आठवीं कक्षा में पढ़ती थी प्रियांशी, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़* प्रियांशी की 13 वर्ष थी और वह आठवीं कक्षा में अध्ययनरत थी। इतनी कम उम्र में उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसके पिता सुनील पाटीदार कृषि कार्य करते हैं। परिवार में उसका एक बड़ा भाई और एक बड़ी बहन हैं। हादसे की खबर मिलने के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस उम्र में बच्चे पढ़ाई और भविष्य के सपने संजोते हैं, उस उम्र में प्रियांशी की जिंदगी का इस तरह अंत हो जाने से ग्रामीण भी स्तब्ध हैं। घटना के बाद ग्राम नेनोरा में शोक का माहौल है। *गहरे जलस्रोतों में सावधानी बरतने की जरूरत* इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर कुओं और अन्य गहरे जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। गहरे और पानी से लबालब भरे कुओं में उतरना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे स्थानों पर नहाने या उतरने के दौरान विशेष सावधानी जरूरी है, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
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