मंडी के पीछे खड़े पिकअप से दो क्विंटल लहसुन चोरी, किसानों ने किया हंगामा, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसानों में आक्रोश, दो घंटे धरना देकर रखी गार्ड, सीसीटीवी, बिजली-पानी व पुलिस गश्त की मांग
पिपलिया स्टेशन (निप्र)। कृषि उपज मंडी के पीछे रात्रि में खड़े लहसुन से भरे पिकअप वाहन से अज्ञात बदमाश करीब दो क्विंटल लहसुन चोरी कर ले गए। चोरी की घटना का पता रविवार सुबह चलने के बाद किसानों में आक्रोश फैल गया। धार, इंदौर और बड़नगर क्षेत्र से आए किसानों ने मंडी गेट नंबर-2 के बाहर धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों ने मंडी परिसर के पीछे वाहनों को खुले में खड़ा करवाए जाने के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने पर मंडी प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। जानकारी के अनुसार सिजावत (बड़नगर) निवासी सुनील पिता मनोहरलाल पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 14 जीसी 1695 में करीब सात किसानों का लहसुन लेकर पिपलिया कृषि उपज मंडी पहुंचा था। रात्रि में मंडी में प्रवेश नहीं दिए जाने के कारण पिकअप को करीब रात 1 बजे मंडी के पीछे खुले स्थान पर खड़ा करवाया गया। यहां पहले से भी कई किसानों के लहसुन से भरे वाहन खड़े थे। रात्रि के दौरान अज्ञात बदमाशों ने पिकअप वाहन पर लगा तिरपाल हटाया और रस्सियां काटकर वाहन में रखे लहसुन के कट्टों में से करीब दो क्विंटल लहसुन, जिसकी कीमत लगभग 40 हजार रुपए बताई गई है, चोरी कर लिया। रविवार सुबह जब ड्राइवर सुनील की नजर वाहन पर पड़ी तो तिरपाल और रस्सियां कटी हुई मिलीं तथा लहसुन के कट्टे गायब थे। चोरी की जानकारी मिलते ही किसानों में हड़कंप मच गया। बताया गया कि सुनील उक्त पिकअप वाहन को महज 300 रुपए प्रतिदिन की मजदूरी पर लेकर आया था। चोरी के बाद जिन किसानों का लहसुन चोरी हुआ, उन्होंने कथित तौर पर चोरी की भरपाई की जिम्मेदारी ड्राइवर पर डाल दी। यह बात अन्य किसानों को पता चली तो वे भी आक्रोशित हो गए और बड़ी संख्या में मंडी गेट नंबर-2 के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन करने लगे। धरने पर बैठे सगडोद (देपालपुर) निवासी किसान मुकेश प्रजापत ने कहा कि मंडी के पीछे किसानों के वाहनों को एकांत और अंधेरे स्थान पर खड़ा करवाया जाता है। यहां रात के समय चोरी का खतरा बना रहता है। किसानों द्वारा पूर्व में भी कई बार चोरी की शिकायतें की गई हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। कड़ोद (बदनावर, धार) निवासी किसान सोनू पंवार ने बताया कि मंडी के पीछे किसानों के वाहन खड़े करवाए जाते हैं, लेकिन वहां सुरक्षा के नाम पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। न बिजली की समुचित व्यवस्था है, न पेयजल, सड़क, शेड, सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध हैं। रात के समय किसानों को चोरी के साथ ही लूटपाट का भी डर बना रहता है। किसानों का कहना है कि पूर्व में भी चार-पांच बार लहसुन चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। किसानों ने मांग रखी कि यदि मंडी प्रबंधन द्वारा मंडी के पीछे किसानों के वाहन खड़े करवाए जाते हैं तो वहां सुरक्षा की पूरी व्यवस्था भी की जाए। किसानों ने तत्काल सिक्यूरिटी गार्ड नियुक्त करने, पर्याप्त बिजली व्यवस्था करने, पेयजल के लिए पानी की टंकी लगाने, सीसीटीवी कैमरे लगवाने तथा मंडी की दीवार पर तार फेंसिंग करवाने की मांग की। साथ ही मंडी के पीछे रात के समय पुलिस गश्त करवाने की भी मांग रखी गई। किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे धरने से नहीं उठेंगे। सूचना मिलने पर पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। किसानों की सूचना पर मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता अनिल शर्मा ने किसानों की समस्याओं को लेकर एसडीएम स्वाति तिवारी, तहसीलदार पंकज जाट और मंडी सचिव जगदीशचंद भामर से चर्चा की। उन्होंने मंडी के पीछे किसानों के वाहनों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने तथा चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद दोपहर करीब 1 बजे मंडी सचिव जगदीशचंद भामर मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से चर्चा कर उन्हें लिखित आश्वासन दिया कि सिक्यूरिटी गार्ड, बिजली और पानी की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से की जाएगी। वहीं अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। मंडी सचिव के लिखित आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद किसान लहसुन चोरी की घटना को लेकर पुलिस चौकी पहुंचे और अज्ञात बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई तथा चोरी हुए लहसुन की बरामदगी की मांग को लेकर आवेदन सौंपा। आवेदन पुलिस चौकी पर भी दिया।
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