अफीम किसानों के पट्टों और बिजली संकट पर पूर्व मंत्री कैलाश चावला ने उठाए सवाल सांसद सुधीर गुप्ता और बिजली कंपनी के सीएमडी को पत्र लिखकर किसानों की समस्याओं के निराकरण की मांग, बरथून के तीन मामलों में पट्टा जारी करने और बहाली का मुद्दा उठाया

मंदसौर। मध्यप्रदेश शासन के पूर्व गृह एवं उद्योग मंत्री कैलाश चावला ने अफीम किसानों की पट्टा संबंधी समस्याओं और मंदसौर-नीमच जिले में बिजली कटौती को लेकर आवाज उठाई है। उन्होंने सांसद सुधीर गुप्ता को दो अलग-अलग पत्र लिखकर नारकोटिक्स विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और किसानों के लंबित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। वहीं, विद्युत वितरण कंपनी के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) को पत्र लिखकर कृषि सीजन में पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। पत्र की प्रतियां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को भी भेजी गई हैं। पूर्व मंत्री चावला ने सांसद को लिखे पहले पत्र में नीमच जिले की मनासा तहसील के ग्राम बरथून के अफीम काश्तकार शालिगराम पिता मोहनराम का पट्टा रोके जाने का मामला उठाया। उन्होंने विभागीय सूची और आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि शालिगराम का औसत और पट्टा निरस्ती का कारण अन्य पांच किसानों करण सिंह, बंशीलाल, भंवरलाल, मांगीलाल और राधेश्याम के समान दर्ज होने के बावजूद उन्हें पट्टा जारी नहीं किया गया, जबकि अन्य किसानों को पट्टे मिल गए। चावला ने इसे समानता के अधिकार से जुड़ा मामला बताते हुए शालिगराम को तत्काल पट्टा जारी करने के निर्देश देने की मांग की। मंदिर की भूमि पर खेती करने वाले पुजारियों का मामला उठाया दूसरे पत्र में चावला ने ग्राम बरथून के लक्ष्मीनारायण मंदिर की भूमि पर अफीम की खेती करने वाले पुजारियों की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि मंदिर के पुजारी कैलाश दास और सुरेशचन्द्र प्रजापत को शासन से मंदिर की भूमि पर कृषि का वैध अधिकार प्राप्त होने के बावजूद नारकोटिक्स विभाग के स्थानीय अधिकारी आपत्ति दर्ज कर रहे हैं। चावला के अनुसार, इसके चलते दोनों को आर्थिक नुकसान उठाकर दूसरी जमीन लीज पर लेकर खेती करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि नारकोटिक्स विभाग की पट्टा नीति में मंदिर की भूमि पर खेती करने से रोकने संबंधी कोई नियम नहीं है। साथ ही, क्षेत्र के अन्य स्थानों पर पुजारियों को पट्टे जारी किए जाने का हवाला देते हुए दोनों मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। वर्ष 1997 तक के पट्टों की बहाली का मुद्दा चावला ने ग्राम बरथून की कुसुमलता बेवा जुगलकिशोर का मामला भी उठाया। उन्होंने बताया कि कुसुमलता का पट्टा वर्ष 2009 में मार्फीन की मात्रा कम होने के कारण निरस्त कर दिया गया था। पूर्व मंत्री ने वर्ष 1997 तक के पट्टों को बहाल करने संबंधी नई नीति का हवाला देते हुए कुसुमलता का पट्टा भी नियमानुसार बहाल करने की मांग की। रबी सीजन में बिजली कटौती से किसान परेशान मंदसौर और नीमच जिले में बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर पूर्व मंत्री चावला ने विद्युत वितरण कंपनी के सीएमडी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि कृषि कार्य का महत्वपूर्ण सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन अनियमित बिजली आपूर्ति और बार-बार कटौती से किसानों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने पूर्व वर्षों की व्यवस्था के अनुसार विद्युत वितरण केंद्रों को दो समूहों में विभाजित कर बारी-बारी से बिजली आपूर्ति करने का सुझाव दिया। इससे किसानों को पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। चावला ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए तत्काल निर्णय लेने का आग्रह किया है।

Oct 13, 2026 - 08:10
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