दो बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, छोटी कोटड़ी में 8 टीमें तैनात मलेरिया की आशंका के बीच घर-घर सर्वे और स्क्रीनिंग के निर्देश, गांधीसागर के पठार क्षेत्र में भी बीमारी की सूचना
भानपुरा। जिले की भानपुरा तहसील के ग्राम छोटी कोटड़ी में दो बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। बच्चों को मलेरिया और प्लेटलेट्स कम होने की समस्या बताई गई थी। गांव में अन्य लोगों के भी बीमार होने की सूचना के बाद प्रशासन ने सर्वे, स्क्रीनिंग और संदिग्ध मरीजों की पहचान के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर दिव्यांक सिंह के निर्देश पर शनिवार सुबह 9 बजे गरोठ एसडीएम राहुल चौहान ने स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जनपद पंचायत, राजस्व विभाग और जिला मलेरिया अधिकारी के साथ गांव में बैठक की।
बैठक में मलेरिया के संभावित स्रोतों की पहचान करने, पूरे गांव की स्क्रीनिंग कराने और संदिग्ध मरीजों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए आठ टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें गांव में सर्वे कर बीमार लोगों की जानकारी जुटाएंगी, ताकि संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान कर उनकी जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
गांधीसागर के पठार क्षेत्र में भी बीमारी की सूचना
इधर, गांधीसागर के पठार क्षेत्र में भी मलेरिया के प्रकोप और बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की सूचनाएं सामने आई हैं। क्षेत्र में दो मौतों की खबर भी सामने आई है, हालांकि इनके कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) अपनी टीम के साथ गांवों में लार्वा सर्वे और फीवर सर्वे करवा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें बीमारी के संभावित स्रोतों का पता लगाने और बुखार से पीड़ित लोगों की जांच करने में जुटी हैं।
मौतों के कारणों की पुष्टि का इंतजार
छोटी कोटड़ी में दो बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे और स्क्रीनिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि, बच्चों की मौत मलेरिया से हुई या इसके पीछे अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण थे, इसकी पुष्टि आधिकारिक जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी। फिलहाल प्रशासन का जोर प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी के संभावित स्रोतों की पहचान, संदिग्ध मरीजों की जांच और समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर है।