युवक की आत्महत्या के मामले में गवाह को धमकाने और परिजनों की जमीन-मकान पर कब्जे के प्रयास का आरोप, एसपी से की शिकायत
पिपलिया स्टेशन (निप्र)। वर्ष 2020 में युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन होने के बावजूद मृतक के परिजनों को परेशान करने, मामले के गवाह को धमकाने, झूठी शिकायतें करने और कृषि भूमि व मकान पर कब्जे का प्रयास करने के आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में गांव बोरखेड़ी के पूर्व सरपंच देवेंद्रसिंह शक्तावत सहित मृतक के परिजनों ने मल्हारगढ़ पुलिस थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय मंदसौर में शिकायत देकर संबंधित महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पूर्व सरपंच देवेंद्रसिंह शक्तावत ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2020 में गांव के दिनेश दमामी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में दिनेश ने अपनी पत्नी मंजू और मंदसौर के एक युवक को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया था। इस मामले में पुलिस ने मंजू के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। प्रकरण वर्तमान में इंदौर हाईकोर्ट में विचाराधीन है। शक्तावत ने बताया कि वे इस मामले में गवाह हैं। उनका आरोप है कि महिला द्वारा उन्हें बदनाम करने की नीयत से झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके खिलाफ पुलिस में शिकायतें की जा रही हैं तथा मीडिया को भ्रामक जानकारी देकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से झूठे वीडियो प्रसारित करवाए जा रहे हैं। इधर, मृतक दिनेश के पिता मदनलाल, माता सज्जनबाई और भाई संजय ने आरोप लगाया कि दिनेश ने पत्नी से प्रताड़ित होकर आत्महत्या की थी। इस मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद न्यायालय में प्रकरण लंबित है। इसके बावजूद महिला द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है तथा झूठी शिकायतों के माध्यम से परिवार की कृषि भूमि और मकान पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद इस प्रकार की गतिविधियों से उन्हें मानसिक और पारिवारिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व सरपंच एवं मृतक के परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर संबंधित महिला के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने और परिवार की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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