इथेनॉल फैक्ट्री में युवक की संदिग्ध मौत से आक्रोश, शव हाईवे पर रखकर ग्रामीणों का धरना; 5-5 किमी लंबा जाम

पिपलिया स्टेशन। जीरन क्षेत्र के ग्राम चल्दू स्थित इथेनॉल फैक्ट्री में चंगेरी निवासी 24 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद रविवार को ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शव को चंगेरी फंटे पर महू-नीमच हाईवे पर रखकर धरना शुरू कर दिया। करीब दो घंटे तक चले जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर करीब पांच-पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों और प्रशासन के बीच मांगों को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी और धरना जारी था। जानकारी के अनुसार चंगेरी निवासी मनीष (24) पिता गणपत धमधारा, ग्राम चल्दू स्थित कृपा बायोटेक इथेनॉल फैक्ट्री में पिछले करीब पांच माह से कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। रविवार सुबह उसका भाई कन्हैयालाल रोजाना की तरह फैक्ट्री में टिफिन देने पहुंचा। वहां मनीष के नहीं मिलने पर उसने कर्मचारियों से जानकारी ली। उसे बताया गया कि मनीष की तबीयत बिगड़ने के कारण नीमच जिला अस्पताल ले जाया गया है। जानकारी मिलते ही परिजन नीमच जिला अस्पताल पहुंचे, जहां मनीष की मौत हो चुकी थी। परिजनों के अनुसार उन्हें बताया गया कि मनीष की मौत करंट लगने से हुई है। हालांकि घटना की परिस्थितियों को लेकर परिजनों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल में फैक्ट्री प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था। कुछ समय बाद फैक्ट्री पर ताला लगा दिए जाने की जानकारी भी सामने आई, जिससे परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। परिजनों ने मनीष की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराने और मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शव गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन एकत्रित हो गए। इसके बाद शाम करीब 4.30 बजे ग्रामीण शव लेकर चंगेरी फंटे पहुंचे और महू-नीमच हाईवे पर शव रखकर धरना शुरू कर दिया। धरने के कारण हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर करीब पांच-पांच किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। जाम में यात्री वाहन, निजी वाहन और अन्य वाहन फंस गए। सूचना मिलने पर एसडीओपी पिंटू बघेल, तहसीलदार पंकज जाट सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर जाम समाप्त कराने और स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। धरने में किसान नेता श्यामलाल जोकचन्द, मोगिया समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष भगतराम डाबी, कांग्रेस नेता अनिल शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और अन्य लोग शामिल हुए। ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए कहा कि जब तक परिवार के एक सदस्य को नौकरी, एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता तथा मनीष की मौत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक शाम 6.30 बजे तक ग्रामीणों का धरना जारी था। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच मांगों को लेकर कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे तथा स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। दो साल पहले हुई थी शादी, पत्नी सात माह की गर्भवती मनीष के परिवार में माता-पिता, एक भाई और दो बहनें हैं। परिवार कृषि और मजदूरी पर निर्भर है। मनीष की शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी। उसकी पत्नी सात माह की गर्भवती है। युवक की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं घटना को लेकर ग्रामीणों में भी गहरा आक्रोश बना हुआ है।

Sep 14, 2026 - 08:31
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