गणेश चतुर्थी पर गूंजे जयकारे, ढोल-ढमाकों के साथ हुआ बप्पा का भव्य आगमन 12 दिन तक गणेशमय रहेगा मंदसौर, घर-घर और पंडालों में शुभ मुहूर्त में हुई प्रतिमाओं की स्थापना

मंदसौर। गणेश चतुर्थी के साथ ही मंगलमूर्ति और विघ्न विनाशक भगवान गणेश का मंदसौर में भव्य आगमन हुआ। इस बार गणेशोत्सव 10 दिन के बजाय 12 दिन तक मनाया जाएगा। महादेव की नगरी मंदसौर सोमवार को सुबह से देर रात तक गणेशमय नजर आई। मुख्य बाजारों सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में उत्सवी माहौल रहा। शुभ मुहूर्त में घरों, गली-मोहल्लों, कॉलोनियों, चौराहों और सार्वजनिक पंडालों में विधि-विधान से गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की गई। गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के लिए सुबह से ही बाजारों में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। लोग अपनी पसंद की प्रतिमाएं लेकर घरों और पंडालों की ओर जाते दिखाई दिए। सार्वजनिक गणेशोत्सव वाले स्थानों पर छोटी-छोटी शोभायात्राओं के रूप में प्रतिमाओं को ले जाया गया। कहीं दोपहिया और चार पहिया वाहनों पर, तो कहीं ट्रैक्टर और ट्रकों में प्रतिमाओं को विराजमान कर ढोल-ढमाकों के साथ पंडालों तक पहुंचाया गया। बाजार में छोटी से लेकर मध्यम, बड़ी और विराट आकार की गणेश प्रतिमाएं उपलब्ध रहीं। बंगाल के शिल्पकारों द्वारा तैयार प्रतिमाओं ने भी श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। पर्यावरण संरक्षण को लेकर पीओपी की प्रतिमाओं के बजाय मिट्टी और अन्य सामग्री से बनी प्रतिमाओं को प्राथमिकता देने का संदेश दिया जा रहा है। इसका असर इस बार प्रतिमाओं की विविधता में भी नजर आया। अलग-अलग गणेश पंडालों में शुभ मुहूर्त के अनुसार प्रतिमाओं की स्थापना की गई। इसके साथ ही दिनभर शहर में ढोल-ढमाकों की गूंज सुनाई देती रही। घरों के साथ गली-मोहल्लों, कॉलोनियों, चौराहों और वाहनों में भी गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गईं। गणपति चौक में पूजन, हवन और महाआरती धार्मिक और प्राचीन नगरी दशपुर मंदसौर की पहचान भगवान पशुपतिनाथ के साथ ही द्विमुखी चिंताहरण गणपति मंदिर से भी है। गणपति चौक स्थित मंदिर में एक ही पाषाण के दोनों भागों में बनी भगवान गणेश की खड़ी मुद्राओं वाली प्रतिमाएं विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। मुख्य भाग में पंचशुंडीय चिंताहरण गणपति विराजमान हैं, जबकि पीछे के भाग में मारवाड़ी सेठ के स्वरूप में भगवान गणेश श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हैं। पगड़ी धारण किए गणेश प्रतिमा का स्वरूप भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में प्रतिवर्ष की तरह हवन, पूजन और महाआरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पं. सत्यनारायण जोशी के आचार्यत्व में संपन्न हुआ। गणपति मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रमुख गणेश मंदिरों में भी हुए आयोजन कागदीपुरा क्षेत्र स्थित प्राचीन गणेश मंदिर में भी गणेश चतुर्थी पर विशेष पूजन और आरती के साथ 12 दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं में इस मंदिर के प्रति विशेष आस्था है। मान्यता है कि भगवान गणेश की प्रतिमा वायु मार्ग से यहां आकर स्थापित हुई थी। पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में स्थापित विशाल गणेश प्रतिमा का भी विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। अशोक टॉकीज के पास स्थित गणेश मंदिर और नयावादी सहकारी बैंक के समीप प्रसिद्ध गणेश मंदिर में भी गणेश चतुर्थी के साथ गणेशोत्सव का शुभारंभ हुआ। सार्वजनिक पंडालों में भी उत्सव की शुरुआत अभिनंदन नगर युवा मित्र मंडल की ओर से गणेश चतुर्थी पर सार्वजनिक गणेशोत्सव का शुभारंभ किया गया। यहां 12 दिनों तक विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। महाराणा प्रताप बस स्टैंड पर भी सार्वजनिक गणेशोत्सव के लिए भव्य प्रतिमा स्थापित की गई। गोल चौराहा और सम्राट मार्केट क्षेत्र में भी गणेशोत्सव की धूम रहेगी। नेहरू बस स्टैंड पर त्रिनेत्र ग्रुप की ओर से भव्य गणेशोत्सव आयोजित किया जा रहा है। वहीं, डीएसटीवी के लक्कड़पीठा स्थित मुख्य कार्यालय में भी आकर्षक गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है। यहां 12 दिनों तक आरती और विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ गणेशोत्सव मनाया जाएगा। शहर के इन सभी प्रमुख स्थानों पर शुभ मुहूर्त में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के साथ ही गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई। अगले 12 दिनों तक मंदसौर में धार्मिक आयोजनों, आरती, भजन और गणेश वंदना से उत्सवी माहौल बना रहेगा।

Sep 15, 2026 - 08:14
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