प्रसाद बांटते समय पांडाल में घुसी बेकाबू कार, 7 महिलाएं घायल; गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे जाम किया गणेशोत्सव के दौरान हुआ हादसा, कार्यवाही की मांग को लेकर आंदोलन
पिपलिया स्टेशन। गांव सूपड़ा में रविवार रात गणेशोत्सव के दौरान तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पांडाल में जा घुसी। हादसे में बालिका सहित सात महिलाएं घायल हो गईं। इनमें एक महिला की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर किया गया, जबकि अन्य घायलों का उपचार मंदसौर जिला अस्पताल में चल रहा है। हादसे के बाद ग्रामीणों ने कार सवार एक व्यक्ति को पकड़ लिया। सोमवार सुबह आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर घायलों के परिजन और ग्रामीण पिपलियामंडी थाने पहुंचे। यहां पुलिस से विवाद के बाद ग्रामीण थाने के सामने हाईवे पर धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा और दोनों ओर करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। अधिकारियों की समझाइश और कार्रवाई के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 11 बजे सूपड़ा गांव में कनघट्टी-सेमली मार्ग स्थित बालाजी मंदिर के यहां गणेशोत्सव कार्यक्रम चल रहा था। प्रसाद वितरण के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं पांडाल में मौजूद थीं। इसी दौरान मोड़ से तेज गति से आ रही कार अनियंत्रित होकर सीधे पांडाल में जा घुसी। कार मंदिर के बाहर लगे टेंडर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई। उसका चेंबर फूट गया और मौके पर ऑइल फैल गया। कार की चपेट में आने से महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने घायलों को संभाला और अस्पताल पहुंचाया। ग्रामीणों के अनुसार हादसे के समय कार में दो लोग सवार थे। इनमें से एक मौके से भाग निकला, जबकि दूसरे को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। उसके साथ मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई है। सूचना पर पिपलियामंडी पुलिस मौके पर पहुंची और कार चालक को हिरासत में लिया। उसकी पहचान सुजानपुरा निवासी अर्जुनसिंह (32) पिता कमलसिंह के रूप में हुई। हादसे में सूपड़ा निवासी सन्नाबाई (36) पति ईश्वरलाल ओड़, रुकमणबाई (37) पति रमेश ओड़, लालीबाई (55) पति शंभूलाल ओड़, गीताबाई (55) पति गट्टूलाल मेघवाल, श्यामाबाई (45) पति समरथ ओड़, 13 वर्षीय दुर्गा पिता रमेश ओड़ तथा भंवरासा, नीमच निवासी भगवंताबाई उर्फ शरणीबाई (38) पति भेरूलाल ओड़ घायल हुईं। सभी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को मंदसौर जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें सन्नाबाई की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें उदयपुर रेफर किया। अन्य घायलों का उपचार मंदसौर में जारी है। सोमवार सुबह घायलों के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई, घायलों को समुचित उपचार व सहायता तथा पुलिसकर्मियों के कथित अभद्र व्यवहार पर कार्रवाई की मांग लेकर पिपलियामंडी थाने पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि थाने में पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और धक्का देकर बाहर निकाला। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों के थाने पहुंचने के समय आरोपी चालक को मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार ग्रामीण आरोपी के साथ खिंचतान करने लगे, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें आरोपी से दूर किया। इसी दौरान धक्का-मुक्की और विवाद की स्थिति बनी। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण नारेबाजी करते हुए थाने के सामने हाईवे पर बैठ गए। सुबह करीब 11.30 बजे शुरू हुए धरने के कारण यातायात प्रभावित हो गया और दोनों ओर करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना पर एडिशनल एसपी तेरसिंह बघेल, एसडीओपी पिंटू बघेल, पिपलियामंडी टीआई विक्रमसिंह इवने सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी मांगें सुनीं और दुर्घटना में नियमानुसार कार्रवाई, घायलों को समुचित उपचार तथा पुलिसकर्मियों के कथित अभद्र व्यवहार की जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब डेढ़ बजे ग्रामीण हाईवे से हटे और यातायात बहाल हुआ। टीआई विक्रमसिंह इवने ने बताया कि दुर्घटना के मामले में अर्जुनसिंह पिता कमलसिंह के खिलाफ धारा 281, 125(बी), 110, 351(3), 3(5) तथा 185 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। समाचार भेजे जाने तक पुलिसकर्मियों के खिलाफ किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई थी।
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