70 हजार का मुनाफा लौटाकर जीता भरोसा, फिर 14 लाख की ठगी यूएस ड्रॉप शिपिंग में निवेश के नाम पर दलौदा के व्यक्ति को फंसाया, सोनीपत से 22 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार; खाते में ठगी की 10 लाख की राशि फ्रीज, पुलिस कप्तान की अगुवाई में बड़ी सफलता मिली
मंदसौर। यूएस ड्रॉप शिपिंग कारोबार में निवेश कर घर बैठे मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर दलौदा के एक व्यक्ति से 14 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने पहले 4 लाख रुपये निवेश करवाकर कुछ दिन बाद पूरी मूल राशि के साथ 70 हजार रुपये मुनाफा वापस कर दिया। रकम लौटने से पीड़ित का भरोसा बढ़ा तो आरोपी ने बड़ी राशि लगाने पर ज्यादा मुनाफे का लालच दिया और बाद में 14 लाख रुपये निवेश करा लिए। रकम वापस मांगने पर 8 लाख रुपये और जमा करने को कहा गया। संदेह होने पर पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। मंदसौर पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हरियाणा के सोनीपत से 22 वर्षीय सिद्धांत पिता दुर्गादास दहिया, निवासी पटेल नगर, सोनीपत को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खाते में ठगी की करीब 10 लाख रुपये की राशि फ्रीज कराई है।
पुलिस के अनुसार पीड़ित को 12 दिसंबर 2025 को अनजान व्हाट्सऐप नंबर से संदेश आया था। इसमें यूएस ड्रॉप शिपिंग कारोबार में निवेश करने पर अच्छा रिटर्न मिलने की बात कही गई। शुरुआत में पीड़ित ने मना कर दिया, लेकिन आरोपी लगातार संदेश भेजकर उसे निवेश के लिए तैयार करता रहा। वह विदेशी बाजार में निवेश कर घर बैठे मुनाफा दिलाने का भरोसा देता था। आरोपी व्हाट्सऐप पर एआई से तैयार फर्जी पोर्टफोलियो भेजकर लगातार मुनाफे और रिटर्न के आंकड़े दिखाता था।
इसके बाद पीड़ित से पहले 4 लाख रुपये निवेश करवाए गए। कुछ दिन बाद आरोपी ने 4 लाख रुपये मूल राशि और 70 हजार रुपये मुनाफे के साथ वापस कर दिए। रकम वापस मिलने पर पीड़ित का विश्वास बढ़ गया। आरोपी ने अधिक निवेश पर ज्यादा मुनाफे का लालच दिया और अन्य लोगों से निवेश कराने पर कमीशन देने की बात भी कही। इसके बाद पीड़ित ने स्वयं और अपने एक मित्र से कुल 14 लाख रुपये आरोपी द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
निवेश की निर्धारित अवधि पूरी होने पर पीड़ित ने रकम वापस मांगी तो आरोपी ने पैसे अटकने का बहाना बनाया और पूरी राशि वापस लेने के लिए 8 लाख रुपये और निवेश करने को कहा। इसके बाद पीड़ित को ठगी का संदेह हुआ। आरोपी ने विश्वास बनाए रखने के लिए अपना नाम, पिता का नाम, सरनेम और पता बदलकर बनाए गए फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड की तस्वीरें भी भेजी थीं। पुलिस जांच में ये दस्तावेज फर्जी पाए गए। घटना के बाद आरोपी ने अपने मोबाइल नंबर भी बंद कर लिए थे।
शिकायत मिलने के बाद दलौदा पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देश पर विशेष टीम गठित की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेरसिंह बघेल और मंदसौर ग्रामीण एसडीओपी जितेंद्र भास्कर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उप निरीक्षक रविंद्र प्रताप डांगी के नेतृत्व में टीम ने मामले से जुड़े तथ्यों का विश्लेषण कर तकनीकी साक्ष्य जुटाए। लगातार जांच के बाद आरोपी की पहचान सिद्धांत दहिया के रूप में हुई।
पुलिस टीम सोनीपत, हरियाणा पहुंची तो आरोपी के मकान पर ताला लगा मिला। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी गतिविधियों का पता लगाकर पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से आईफोन कंपनी के दो मोबाइल और मोटोरोला कंपनी का एक एंड्रॉयड मोबाइल, जिनकी कीमत करीब 3 लाख रुपये है, जब्त किए गए। आरोपी के मूल आधार कार्ड और पैन कार्ड भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी इसी तरीके से अनजान लोगों को व्हाट्सऐप पर संपर्क कर निवेश के नाम पर घर बैठे मोटा मुनाफा कमाने का लालच देता था। शुरुआत में रकम लेकर कुछ समय बाद मुनाफे के साथ वापस कर विश्वास कायम करता और फिर बड़ी राशि निवेश करवाता था। इसके बाद रकम वापस मांगने पर भुगतान अटकने या अन्य कारण बताकर अतिरिक्त रकम जमा करने के लिए कहा जाता था। बड़ी राशि लेने के बाद मोबाइल बंद कर संपर्क तोड़ दिया जाता था।
पुलिस ने आरोपी के खाते में ठगी की करीब 10 लाख रुपये की राशि फ्रीज कराई है। वैधानिक प्रक्रिया के तहत न्यायालयीन कार्रवाई के बाद यह राशि पीड़ित को सुपुर्द कराने की प्रक्रिया की जाएगी। पुलिस आरोपी से मनी ट्रेल, अन्य लोगों से की गई संभावित ठगी और मामले में शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
कार्रवाई में थाना प्रभारी दलौदा उप निरीक्षक रविंद्र प्रताप डांगी, सहायक उप निरीक्षक कैलाश बघेल, दलौदा पुलिस टीम और साइबर सेल मंदसौर की भूमिका रही।