मंदसौर में विकास की नई संभावनाएं, एयरपोर्ट और भोपाल की सीधी बस कनेक्टिविटी मिलेगी : मुख्यमंत्री बलराम कृषि महोत्सव में वर्चुअल बोले डॉ. मोहन यादव- किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने की तैयारी, लहसुन की ब्रांडिंग से बढ़ेगा बाजार
मंदसौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खेती-किसानी और औषधीय फसलों के लिए पहचान रखने वाला मंदसौर जिला अब विकास के नए आयाम छू रहा है। जिले को ऐट लेन एक्सप्रेस-वे, गांधीसागर चीता परियोजना और पशुपतिनाथ लोक जैसी महत्वपूर्ण सौगातें मिली हैं। आने वाले समय में मंदसौर-नीमच जिले को एयरपोर्ट सुविधा के साथ परिवहन सेवा की बसों के माध्यम से भोपाल से सीधी कनेक्टिविटी भी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बुधवार को वर्चुअल माध्यम से मंदसौर जिले से जुड़कर कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से जिले में खेती के क्षेत्र में बेहतर काम हो रहा है। मंदसौर औषधीय फसलों के उत्पादन में भी आगे है। एक जिला-एक उत्पाद के तहत मंदसौर के लहसुन को बाजार उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर पर ब्रांडिंग और मार्केटिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए रात में बिजली का इंतजार नहीं करना पड़े, इसके लिए अब दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गांव-गांव दुग्ध समितियां गठित की जा रही हैं। ऑर्गेनिक दूध और घी की योजना पर भी काम किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गोवर्धन पूजा के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित कर उन्नत पशुपालकों को सम्मानित किया जाएगा। सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। सिंचाई योजनाओं के बजट में वृद्धि की गई है और वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है। सोयाबीन में पीला मोजेक बीमारी को लेकर सर्वे कराया गया है। किसानों को उनकी उपज के आधार पर उद्यम से जोड़ने के लिए योजना भी संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान देश का अन्नदाता और अर्थव्यवस्था का आधार है। मध्यप्रदेश अपेक्स बैंक के चेयरमैन महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि किसान हित में सरकार द्वारा वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण और सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। दिन में पर्याप्त बिजली मिलने से किसानों को रात में सिंचाई करने की परेशानी से राहत मिलेगी। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 255 करोड़ रुपए की लागत से दुग्ध संयंत्र का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि गांवों में मकानों का दस्तावेजीकरण कराने से ग्रामीणों को अपनी संपत्ति के आधार पर बैंक ऋण सहित अन्य सुविधाएं प्राप्त करने में मदद मिलेगी। प्रदेश में राज्य परिवहन की बस सेवा भी शुरू की गई है। जिला योजना समिति सदस्य राजेश दीक्षित ने कहा कि किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण और पर्याप्त बिजली सहित कई सुविधाएं दी जा रही हैं। कप्तान सिंह ने कहा कि किसानों के सुझाव और मांग के आधार पर सरकार किसान हितैषी नीतियां तैयार कर रही है। पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि प्रदेश में खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। बलराम कृषि महोत्सव इसी उद्देश्य की कड़ी है। उन्होंने बताया कि भावांतर राशि का लाभ देने के लिए किसानों के पंजीयन किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में जिले के उन्नत किसानों को अतिथियों ने सम्मानित किया। परिसर में कृषि एवं संबंधित गतिविधियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा विजय पाटीदार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. मनुप्रिया यादव, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व विधायक देवीलाल धाकड़, कलेक्टर दिव्यांक सिंह, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा, एसडीएम शुभम पाटीदार, उपसंचालक कृषि रवीन्द्र मोदी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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