स्वामित्व योजना पर पटवारियों का सरकार से टकराव, 8 से सामूहिक अवकाश 27 प्रोबेशनरी पटवारियों की सेवाएं समाप्त करने के विरोध में प्रदेश के 24 हजार पटवारी लामबंद; मंदसौर के चार भी शामिल
मंदसौर। स्वामित्व योजना में लक्ष्य के अनुरूप रजिस्ट्री नहीं होने को लेकर पटवारियों और सरकार के बीच विवाद गहराता जा रहा है। प्रदेश के सात जिलों में प्रोबेशन अवधि में कार्यरत 27 पटवारियों की सेवाएं समाप्त किए जाने के विरोध में करीब 24 हजार पटवारी लामबंद हो गए हैं। इनमें मंदसौर जिले के चार पटवारी भी शामिल हैं। विरोध में पटवारी 8 से 11 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसके अलावा सरकारी वॉट्सऐप ग्रुप भी छोड़े जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार उज्जैन, शाजापुर, रतलाम और मंदसौर में चार-चार, आगर मालवा में पांच तथा देवास और नीमच में तीन-तीन प्रोबेशनरी पटवारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। भोपाल में तीन पटवारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
पटवारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र बघेल ने कहा कि कार्रवाई के विरोध में पटवारी आंदोलन करेंगे। देवास कलेक्टर कार्यालय में धरना भी दिया जाएगा। पटवारियों का कहना है कि स्वामित्व योजना में एक माह में 50 लाख रजिस्ट्रियों का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 20 दिन बीतने के बाद भी एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई। इसके बाद तीन साल की प्रोबेशन अवधि में कार्यरत पटवारियों पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है।
चार दिन प्रभावित रहेंगे राजस्व के काम
पटवारियों के सामूहिक अवकाश पर रहने से राजस्व और शासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने की आशंका है। इनमें जमीन का नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फसल सर्वे और फसल बीमा, पीएम किसान सम्मान निधि, फार्मर आईडी व ई-केवाईसी, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण, वोटर वेरिफिकेशन, अतिक्रमण संबंधी कार्रवाई और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं।
चार दिवसीय सामूहिक अवकाश के कारण इन सेवाओं के प्रभावित होने से आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।