इलाज के बाद की मौत, क्लीनिक सील हाई डोज और करीब 15 इंजेक्शन देने से बिगड़ी तबीयत; लाइसेंस निरस्त करने की मांग
मंदसौर। जिले के दलौदा में निजी क्लीनिक पर इलाज कराने के बाद 24 वर्षीय युवक की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे मंदसौर से अहमदाबाद तक इलाज के लिए ले गए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। मंगलवार रात अहमदाबाद में उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने दलौदा स्थित विनयदीप मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक के संचालक पर गलत इलाज और हाई डोज देने के आरोप लगाए। शिकायत के बाद प्रशासन और चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने क्लीनिक का पंचनामा बनाकर उसे सील कर दिया। परिजनों ने क्लीनिक का लाइसेंस निरस्त करने और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों के अनुसार, ग्राम निर्धारी निवासी लखन पिता पप्पूलाल ऊंटवाल (24) की 11 अक्टूबर की सुबह तबीयत खराब होने पर उसे दलौदा स्थित विनयदीप मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि वहां एक बोतल में करीब आठ इंजेक्शन मिलाकर लगाए गए। इसके अलावा शरीर पर अलग-अलग जगह छह से सात इंजेक्शन भी लगाए गए। इस तरह करीब 15 इंजेक्शन देने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। दो-तीन घंटे बाद बिगड़ी तबीयत, अहमदाबाद में मौत परिजनों का कहना है कि क्लीनिक पर इलाज के बाद लखन को कुछ राहत मिली, लेकिन दो से तीन घंटे बाद उसकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी। इसके बाद क्लीनिक संचालक डॉ. सुरेंद्र जैन ने उसे मंदसौर के सिद्धिविनायक अस्पताल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने पर अहमदाबाद ले जाने की सलाह दी। परिजन उसे अहमदाबाद ले गए, जहां भर्ती कर इलाज किया गया। मंगलवार, 13 अक्टूबर की रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। लखन पुणे में सफाईकर्मी के रूप में काम करता था और करीब एक सप्ताह पहले ही छुट्टी लेकर अपने गांव लौटा था। मृतक के भाई परसराम और मामा प्रहलाद ने आरोप लगाया कि क्लीनिक पर कथित तौर पर हाई डोज देने के कारण लखन की तबीयत ज्यादा बिगड़ी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने और क्लीनिक का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है। प्रशासन और चिकित्सा विभाग की टीम ने क्लीनिक किया सील परिजनों की शिकायत के बाद प्रशासन और चिकित्सा विभाग की टीम दलौदा स्थित क्लीनिक पहुंची। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार बृजेश मालवी, नायब तहसीलदार, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. अभिषेक जैन, रवि पटेल, जयसिंह तोमर और पटवारी चंद्रकांत गहलोत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने क्लीनिक का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया और उसे सील कर दिया। दलौदा पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराया है। थाने के प्रधान आरक्षक नारायण डाबी ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाज में लापरवाही और मौत के कारणों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
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