कुत्तों ने राष्ट्रीय पक्षी मोर को घेरा, शिक्षकों ने जान पर खेलकर बचाया नारायणगढ़ स्कूल परिसर में मची अफरा-तफरी; पंख और पैर बुरी तरह घायल, वन विभाग ने रेस्क्यू कर उपचार के लिए मंदसौर भेजा
पिपलिया स्टेशन/नारायणगढ़। शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नारायणगढ़ परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चार आवारा कुत्तों ने राष्ट्रीय पक्षी मोर को घेरकर उस पर हमला कर दिया। कुत्ते मोर को नोच रहे थे। मोर की जान बचाने के लिए शिक्षक मधुसूदन इंदौरा ने तत्काल साथी शिक्षकों और विद्यालयकर्मियों के साथ मिलकर कुत्तों को खदेड़ा। इसके बाद घायल मोर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उसकी देखभाल शुरू की गई।
कुत्तों के हमले में मोर के पंख और पैर बुरी तरह घायल हो गए। चोट इतनी गंभीर थी कि मोर जमीन से करीब दो फीट से अधिक ऊंचाई तक भी उड़ पाने में असमर्थ था। घटना की जानकारी मिलते ही जिला वन विभाग मंदसौर को सूचना दी गई। वन विभाग की टीम में मयूर सिंह चौहान और बलवंत मालवीय घायल मोर के रेस्क्यू के लिए मंदसौर से नारायणगढ़ रवाना हुए।
वन विभाग की टीम पहुंचती, उससे कुछ समय पहले ही विद्यालय के छात्रों ने घायल मोर को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया और उसे विद्यालय के एक कक्ष में ले गए। वहां उसे पानी पिलाया गया और दाना चुगाया गया। घायल मोर काफी घबराया हुआ था, लेकिन विद्यालय परिवार और छात्रों की देखभाल से उसे राहत मिली।
कुछ समय बाद मंदसौर से वन विभाग की टीम विद्यालय पहुंची और घायल मोर को अपने साथ उपचार के लिए मंदसौर ले गई। इस दौरान भावुक कर देने वाला दृश्य भी सामने आया। घायल मोर को अपने बीच नहीं पाकर क्षेत्र में मौजूद अन्य मोर उसके आसपास चक्कर लगाते नजर आए। यह दृश्य विद्यालय परिवार और मौजूद लोगों के लिए भावुक करने वाला रहा।
विद्यालय परिवार ने वन विभाग की टीम से आग्रह किया कि उपचार के बाद मोर पूरी तरह स्वस्थ हो जाए तो उसे दोबारा इसी क्षेत्र में छोड़ दिया जाए, ताकि वह अपने साथी मोरों के बीच वापस लौट सके। वन विभाग की टीम ने विद्यालय परिवार के आग्रह को स्वीकार कर लिया।
घटना के दौरान शिक्षक मधुसूदन इंदौरा के साथ सुरेशचंद्र चौहान, खेल शिक्षक उदयराम गायरी, महिला शिक्षक पिंकी पाटीदार, हेमलता पाटीदार, गीता पाटीदार सहित अन्य विद्यालयकर्मियों ने मोर को कुत्तों से बचाने में सहयोग किया। शिक्षकों और छात्रों की तत्परता से घायल राष्ट्रीय पक्षी की जान बच सकी।