बारिश के साथ बढ़ा वायरल का प्रकोप, बुखार उतरने के बाद भी मरीजों को घेर रहा दर्द और संक्रमण

मंदसौर। बारिश के साथ मौसमी वायरल का असर तेजी से बढ़ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या अब करीब 1000 तक पहुंच गई है। बुखार, ठंड और कमजोरी के साथ अब कई मरीज बुखार उतरने के बाद भी तेज कमर दर्द, पेट दर्द और संक्रमण की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार वायरल संक्रमण के दौरान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे में दूसरे वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। संक्रमण के कारण मांसपेशियों और कमर में दर्द, अत्यधिक थकान तथा सांस की नली में सूजन जैसी परेशानियां हो सकती हैं। डॉ. निशांत श्रीवास्तव ने बताया कि बुखार उतरने के कुछ दिन बाद फिर तेज बुखार, सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी हो तो इसे सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। विशेषज्ञों ने मरीजों को पर्याप्त आराम करने और पानी पीने की सलाह दी है। खुद से एंटीबायोटिक या दूसरी दवाएं लेने से बचने को कहा गया है। शरीर को लू के बाद पूरी तरह रिकवर होने में दो से चार सप्ताह लग सकते हैं। 500-600 से बढ़कर 1000 पहुंची ओपीडी चिकित्सकों के अनुसार कुछ समय पहले तक जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 500 से 600 मरीज पहुंच रहे थे। इसके बाद मरीजों की संख्या बढ़कर 800 और अब करीब 1000 तक पहुंच गई है। मौसमी बीमारियों की चपेट में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी आयु वर्ग के लोग आ रहे हैं। दिन में धूप निकलने के बाद अचानक बादल छाने या बारिश होने से तापमान में तेजी से बदलाव हो रहा है। शरीर को बदलते तापमान के साथ सामंजस्य बिठाने में समय लगता है। पसीना आने के बाद ठंडी हवा या बारिश के संपर्क में आने से सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया और वायरस के संक्रमण के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं। जिला अस्पताल के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. आकाश चौधरी ने बताया कि मौसम बदलने के साथ संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इन दिनों सर्दी-जुकाम, खांसी, वायरल फीवर और गले में संक्रमण के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। इसके अलावा दस्त और पेट दर्द की शिकायत वाले मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टर की सलाह : साफ और उबला पानी पिएं चिकित्सकों ने बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। मच्छरों से बचाव के साथ साफ पानी पीने पर ध्यान देने को कहा गया है। पानी को उबालकर पीना अधिक बेहतर रहेगा। ताजा भोजन का सेवन करें और मौसम के अनुसार कपड़ों का इस्तेमाल करें। डॉक्टरों के अनुसार यदि बुखार दो से तीन दिन तक बना रहता है तो बिना देरी किए सरकारी अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

Aug 30, 2026 - 08:38
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