दलौदा थाने का घेराव, विधायक विपिन जैन ने लगाए ‘सरपंच चोर है’ के नारे भाई नितिन जैन पर एससी-एसटी एक्ट में एफआईआर के विरोध में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता, विधायक ने पुलिस पर भाजपा के दबाव में काम करने का लगाया आरोप
मंदसौर। दलौदा में सरपंच दुर्गा कैथवास और विधायक विपिन जैन के परिवार के बीच विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदल गया है। बुधवार शाम विधायक विपिन जैन के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने दलौदा थाने का घेराव कर उनके भाई नितिन जैन के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर का विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान विधायक ने थाने के बाहर ‘सरपंच चोर है’ के नारे लगाए और पुलिस पर भाजपा के दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया। शाम करीब पांच बजे शुरू हुए प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान विधायक ने थाना प्रभारी को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अभी टीआई को भाजपा के लोग बचा रहे हैं, लेकिन ईश्वर उन्हें नहीं बचाएगा। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि ईश्वर सब देख रहा है और भाजपा के लोग भी पुलिसकर्मियों को नहीं बचा पाएंगे। विधायक ने नितिन जैन के खिलाफ दर्ज मामले को राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताया। दरअसल, 28 सितंबर को उज्जैन की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में दलौदा की सरपंच दुर्गा कैथवास और उनके पति अनिल कैथवास को पकड़ा था। इस कार्रवाई के दौरान नितिन जैन द्वारा सरपंच को ‘चोर’ कहकर नारेबाजी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद दुर्गा कैथवास ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के बाद घर लौटते समय नितिन जैन और उनके साथियों ने उन्हें तथा उनके पति को जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर नितिन जैन और अन्य लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। प्रमाण पत्र के बदले रिश्वत मांगने का आरोप ईओडब्ल्यू की कार्रवाई सीतामऊ तहसील के मुवाला निवासी विक्रम सिंह की शिकायत पर की गई थी। शिकायत के अनुसार, उनके पिता तखत सिंह ने दलौदा पंचायत क्षेत्र में एक भूखंड खरीदा था। नामांतरण के बाद निर्माण अनुमति से संबंधित पंचायत प्रमाण पत्र बैंक से ऋण लेने के लिए जरूरी था। आरोप था कि प्रमाण पत्र जारी करने के बदले पांच हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। सत्यापन के दौरान रिश्वत की रकम चार हजार रुपए तय हुई थी। इसमें से 500 रुपए पहले दिए जा चुके थे। शेष 3,500 रुपए लेते समय ईओडब्ल्यू की टीम ने सरपंच दुर्गा कैथवास और उनके पति अनिल कैथवास को पकड़ लिया था। ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के बाद शुरू हुआ विवाद अब नितिन जैन के खिलाफ एफआईआर और कांग्रेस के राजनीतिक प्रदर्शन तक पहुंच गया है। बुधवार शाम थाने के घेराव के दौरान विधायक ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

