गेहूं की 42 टन खेप भेजी, 11.82 लाख का भुगतान नहीं; सूरत की फर्म के भागीदार पर केस पिपलियामंडी की अन्नपूर्णा एग्रो पार्क की संचालिका की शिकायत पर कार्रवाई, पुलिस ने शुरू की जांच
पिपलिया स्टेशन (निप्र)। गेहूं की खेप भेजने के बाद भी 11 लाख 82 हजार 533 रुपए का भुगतान नहीं करने के मामले में पिपलियामंडी पुलिस ने सूरत की पार्थ ट्रेडिंग कंपनी के भागीदार मिथुल पारख के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। अन्नपूर्णा एग्रो पार्क की संचालिका प्रियंका जैन की शिकायत और प्रस्तुत दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की है। शिकायत के अनुसार, पिपलियामंडी निवासी प्रियंका जैन कृषि उपज का व्यवसाय करती हैं। सूरत स्थित पार्थ ट्रेडिंग कंपनी के भागीदार मिथुल पारख के ऑर्डर पर 10 अगस्त 2026 को कुल 42 टन गेहूं भेजा गया था। इसमें 30 टन और 12 टन गेहूं की दो खेप शामिल थीं। भेजे गए गेहूं की कीमत 11 लाख 64 हजार 953 रुपए बताई गई है। इसके अलावा पूर्व में आपूर्ति किए गए गेहूं की 17 हजार 580 रुपए की राशि भी बकाया थी। इस तरह कुल 11 लाख 82 हजार 533 रुपए का भुगतान लंबित था। प्रियंका जैन ने शिकायत में आरोप लगाया कि गेहूं प्राप्त करने के बाद भी संबंधित फर्म ने भुगतान नहीं किया। बकाया राशि के संबंध में संपर्क करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। शिकायत के मुताबिक, संपर्क के लिए दिए गए कुछ मोबाइल नंबर बंद मिले, जबकि अन्य नंबरों पर भी भुगतान को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इससे उनके व्यवसाय को आर्थिक नुकसान हुआ। शिकायत के साथ गेहूं की आपूर्ति से संबंधित बिल, कृषि उपज मंडी के अनुज्ञा पत्र और अन्य दस्तावेजों की प्रतियां भी पुलिस को सौंपी गईं। आवेदन और उपलब्ध दस्तावेजों के प्रारंभिक अवलोकन के बाद पुलिस ने मिथुल पारख के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में भुगतान नहीं होने के आरोपों और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
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