मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर मंत्रि-परिषद ने पारित किया संकल्प 2047 तक आत्मनिर्भर भारत और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण की प्रतिबद्धता दोहराई, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई विशेष बैठक

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद ने विशेष बैठक में अभिनंदन प्रस्ताव पारित कर वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर भारत और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बैठक में प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ से अधिक जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया गया। मंत्रि-परिषद ने संकल्प लिया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कदम से कदम मिलाकर चलेगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानसेवक तक विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बुनियादी ढांचे, डिजिटल तकनीक, विनिर्माण, गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण के क्षेत्र में कई पहल हुई हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘वी विल डू इट’ मंत्र ने देश की सामूहिक शक्ति को जागृत किया है। वर्ष 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ मध्यप्रदेश भी विकसित राज्य बनने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के सिद्धांत के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कल्याणकारी योजनाओं और तकनीकी विकास का उल्लेख मंत्रि-परिषद के संकल्प में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतिगत निर्णयों का उल्लेख किया गया। इनमें 80 करोड़ से अधिक लोगों को निशुल्क खाद्यान्न, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, स्वामित्व, पीएम स्वनिधि और उज्ज्वला योजना शामिल हैं। संकल्प में जीएसटी, नीति आयोग, पीएम गति शक्ति, जन-विश्वास अधिनियम और नई न्याय संहिताओं का भी उल्लेख किया गया। डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में यूपीआई की बढ़ती पहचान, सेमीकंडक्टर मिशन, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और इंडिया एआई मिशन को तकनीकी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया। संकल्प के अनुसार, देश में दो लाख से अधिक स्टार्टअप युवाओं को उद्यमिता के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, जन औषधि केंद्रों और आयुष्मान वय वंदना योजना का भी उल्लेख किया गया। महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महत्वपूर्ण बताया गया। सुरक्षा, विरासत और अंतरिक्ष अभियानों का उल्लेख संकल्प में अनुच्छेद 370 हटाने, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कदमों को रेखांकित किया गया। आदित्य मिशन, चंद्रयान अभियान, श्रीराम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और एकात्म धाम के विकास को भी इसमें शामिल किया गया। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इससे जुड़े निर्णय का भी उल्लेख किया गया। मध्यप्रदेश में सिंचाई और अधोसंरचना परियोजनाओं को गति मंत्रि-परिषद के संकल्प में प्रदेश की विकास परियोजनाओं को प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के प्रयासों का परिणाम बताया गया। केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल और तापी-बेसिन परियोजनाओं से सिंचाई क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम का उल्लेख किया गया। कूनो, गांधीसागर और वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों के रहवास तथा प्रदेश में चीतों की संख्या 60 होने का दावा भी संकल्प में किया गया। भोपाल और इंदौर में लगभग 23 हजार करोड़ रुपए की मेट्रो परियोजनाओं, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और धार जिले को रेल लाइन से जोड़ने का उल्लेख किया गया। धार के पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटन की प्रक्रिया 24 दिनों में पूरी करने को भी उपलब्धि बताया गया। मुरैना में सोलर प्लस बैटरी स्टोरेज परियोजना, प्रदेश की 30 हजार मेगावाट से अधिक ऊर्जा क्षमता और उसमें 30 प्रतिशत स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी का जिक्र किया गया। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा को भी प्रदेश में परिवहन सुविधाओं के विस्तार से जोड़ा गया। युवाओं के रोजगार और कौशल विकास पर जोर संकल्प में प्रदेश में दो लाख से अधिक नई सरकारी नौकरियों के सृजन के लक्ष्य का उल्लेख किया गया। अगले वर्ष 12 नए मेडिकल कॉलेज और 12 स्किल यूनिवर्सिटी शुरू करने, एक लाख युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देने तथा महाविद्यालयों में एआई और एडवांस कंप्यूटिंग लैब स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं को वर्ष में दो बार आयोजित करने की बात भी संकल्प में कही गई है। इसके अलावा पांच वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय का उल्लेख किया गया। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के संदर्भ में बताया गया कि स्व-सहायता समूहों से जुड़कर लगभग 65 लाख महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। लखपति दीदी और ड्रोन दीदी कार्यक्रमों को आत्मनिर्भरता के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया। बालिकाओं के स्वास्थ्य और छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन के लिए आर्थिक सहायता देने संबंधी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। निवेश प्रस्तावों और सिंहस्थ की तैयारियों का जिक्र संकल्प के अनुसार, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में 30.77 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 10 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। उद्योगों की स्थापना को सुगम बनाने के लिए राज्य में 25 नई नीतियां लागू करने और ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना की पहल का भी उल्लेख किया गया। संकल्प में सेवा-संकल्प अभियान-2026 के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में 3 करोड़ 87 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित करने तथा उज्जैन में 33 लाख से अधिक दीप प्रज्वलन से विश्व रिकॉर्ड बनने का दावा किया गया। वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ की तैयारियां मिशन मोड में जारी होने और वर्ष 2027 की दीपावली तक सभी कार्य पूरे करने का लक्ष्य भी बताया गया।

Oct 13, 2026 - 08:17
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