चंबल एक्सप्रेस-वे के आसपास विकसित होंगे नए औद्योगिक क्षेत्र, दीपावली से पहले होगा संभागीय सम्मेलन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यमियों से किया संवाद, ग्लास उद्योग में 1500 करोड़ के निवेश से 2000 रोजगार की संभावना

भोपाल। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक विकास और निवेश को गति देने के लिए राज्य सरकार नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर जोर दे रही है। चंबल एक्सप्रेस-वे के आसपास नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि दीपावली से पहले चंबल संभाग स्तरीय औद्योगिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इससे क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को विस्तार देने और नए उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनविश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित उद्यम संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों से निवेश, रोजगार सृजन, निर्यात और उद्योगों के विस्तार पर चर्चा की। संवाद में करीब 20 उद्यमियों ने हिस्सा लिया और शासन से मिले सहयोग, उपलब्ध सुविधाओं तथा विभागीय समन्वय के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इनका लाभ लेने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने, औद्योगिक क्लस्टर स्थापित करने और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। ग्लास विनिर्माण इकाई में 1500 करोड़ का निवेश प्रस्तावित मुख्यमंत्री ने एजीआई ग्रीन पैक की ग्लास विनिर्माण इकाई की सराहना करते हुए कहा कि ग्लास उद्योग को प्रोत्साहित कर प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने और उद्योगों में इनके इस्तेमाल की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। कंपनी को करीब 27 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है और इकाई का निर्माण कार्य जारी है। परियोजना में लगभग 1500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे करीब 2000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। कंपनी का मुख्यालय हैदराबाद में है। कृषि अपशिष्ट से तैयार होंगे उपयोगी उत्पाद मुख्यमंत्री ने बायोरा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की पहल की भी सराहना की। कंपनी बायोमास पैलेट्स का निर्माण करती है। उन्होंने कहा कि ऐसी इकाइयां फसल अवशेषों के बेहतर उपयोग और पराली प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। कृषि अपशिष्ट से बायोमास पैलेट्स और बायोचार तैयार कर उसे उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास को एक साथ प्रोत्साहन मिलेगा। दीपावली तक शुरू हो सकता है चिकित्सा उपकरणों का उत्पादन उद्यम संवाद में सिनोरिया फार्मा के कपिल सत्यवानी ने बताया कि उनकी इकाई का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2024 में वर्चुअल माध्यम से किया था। इकाई में चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा संबंधी उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और दीपावली तक उत्पादन शुरू करने की तैयारी है। इस इकाई में करीब 6 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। मुख्यमंत्री ने इकाई की स्थापना और उत्पादन शुरू करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए उद्यमी को बधाई दी। पोरसा और सबलगढ़ में भी औद्योगिक विस्तार की संभावनाएं विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पोरसा और सबलगढ़ सहित क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं हैं। उद्योगों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। औद्योगिक विकास का लाभ सभी क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए, ताकि युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर मिल सकें। संवाद में शामिल उद्यमियों ने बताया कि शासन के सहयोग और विभागीय समन्वय से औद्योगिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। उनकी इकाइयों में स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जा रहा है और कुछ इकाइयों के उत्पादों का निर्यात भी किया जा रहा है। कार्यक्रम में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बटेश्वर इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, योगराज हेल्थकेयर, एजीआई ग्रीन पैक, फ्यूमा लैब्स, अन्नपूर्णा दाल मिल, बायोरा एनर्जी, सिंघसा मेडीकेयर और सिनोरिया फार्मा सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों से चर्चा की।

Oct 17, 2026 - 08:09
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