जनहित के आठ मुद्दों पर सिसौदिया ने कलेक्टर को लिखा पत्र ट्रॉमा सेंटर, यातायात, स्कूल, रेलवे स्टेशन की दुकानें और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े विषय उठाए
मंदसौर। पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने कलेक्टर दिव्यांक सिंह को पत्र लिखकर विकास कार्यों और जनहित से जुड़े आठ प्रमुख मुद्दों के निराकरण की मांग की है। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट में हुई चर्चा के दौरान इन विषयों को सामने रखा गया था। कलेक्टर द्वारा समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद उन्होंने सभी बिंदुओं को लिखित रूप में प्रस्तुत किया है। सिसौदिया ने दलोदा के समीप एलची सोसायटी के कृषक बहुउद्देशीय सेवा केंद्र भवन को सब्जी मंडी के रूप में उपयोग करने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि भवन वर्तमान में अनुपयोगी है। क्षेत्र के किसानों की मांग पर दलोदा कृषि मंडी इस भवन को किराए पर लेकर सब्जी मंडी संचालित करने और भवन का किराया देने के लिए तैयार है। ट्रॉमा सेंटर के निर्माण को लेकर उन्होंने बताया कि उनके विधायक कार्यकाल में 3 करोड़ 80 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे और राशि पीआईयू के पास उपलब्ध है। एमआईटी कॉलेज के पास भूमि भी आवंटित की गई थी, लेकिन निर्माण शुरू नहीं हो सका। उन्होंने मेडिकल कॉलेज परिसर, आवंटित भूमि या जिला चिकित्सालय परिसर में से उपयुक्त स्थान तय कर निर्माण शुरू करने का सुझाव दिया। जिला चिकित्सालय में सीएमएचओ के पुराने बंगले के पास करीब 2 बीघा जमीन उपलब्ध होने की जानकारी भी दी। आक्या के 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम के संबंध में उन्होंने बताया कि यह करीब 20 वर्षों से सोसायटी के उपयोग में नहीं है। नकली खाद से जुड़े मामले का न्यायालय से निराकरण हो चुका है, लेकिन खाद का डिस्पोजल नहीं होने से गोदाम अब भी अनुपयोगी है। उन्होंने मामले का समाधान कराने की मांग की। रेलवे स्टेशन के सामने दुकानों को शिफ्ट करने का सुझाव देते हुए उन्होंने बताया कि स्टेशन के मुख्य भाग में चार निजी और चार नगर पालिका की दुकानें हैं। इन्हें पास स्थित बंद हो चुके आबकारी विभाग के गोदाम की जगह स्थानांतरित किया जा सकता है। इससे यातायात का दबाव कम होने के साथ स्टेशन का फ्रंट भी खुला हो सकेगा। शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सरदार पटेल चौराहा, आजाद चौक, घंटाघर, दया मंदिर मार्ग, सम्राट बाजार, गौतम नगर-कालाखेत और नयापुरा रोड पर बढ़ते यातायात दबाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अस्थायी अतिक्रमण बढ़ रहा है और सड़क के शोल्डर पर लोडर वाहन बेतरतीब खड़े रहते हैं। वाहनों में लगे लाउडस्पीकर से ध्वनि प्रदूषण की समस्या भी बनी हुई है। सांदीपनि विद्यालय के लिए स्कूल भवन और भूमि के उपयोग का सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल को सांदीपनि विद्यालय में तब्दील किया गया है। बालागंज में संचालित प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल का भवन पुराना और जर्जर है। परिसर की करीब 11 बीघा जमीन में से 2 बीघा में सांदीपनि कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल का भवन और शेष करीब 8 बीघा में खेल मैदान विकसित किया जा सकता है। बालागंज के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल को गांधी चौराहे स्थित पुराने महारानी लक्ष्मीबाई विद्यालय भवन में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया गया। नगरी में भी सांदीपनि विद्यालय के लिए भूमि आवंटित करने की मांग की गई है। वहां हायर सेकेंडरी स्कूल को सांदीपनि विद्यालय के लिए स्वीकृति मिलने की बात भी पत्र में कही गई है। जिला चिकित्सालय की मैमोग्राफी और सोनोग्राफी सुविधा को लेकर उन्होंने बताया कि जनभागीदारी से करीब 40 लाख रुपए की मैमोग्राफी मशीन आ चुकी है, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं होने से इसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। सोनोग्राफी सुविधा के लिए भी शासन स्तर अथवा रोगी कल्याण समिति के माध्यम से चिकित्सक की नियुक्ति आवश्यक बताई गई है। अंत में उन्होंने मृतकों के बंदूक लाइसेंस के उत्तराधिकारियों के नामांतरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि योग्य उत्तराधिकारियों की स्वीकृति नहीं होने से कई प्रकरण लंबित हैं और संबंधित बंदूकें वर्षों से थानों में रखी हैं। उन्होंने नियमानुसार योग्य उत्तराधिकारियों के नाम लाइसेंस का नामांतरण कर बंदूकें परिवार को सौंपने की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की।
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