रिमझिम बारिश में महका मालपुओं का स्वाद, पशुपतिनाथ मंदिर में उमड़ी श्रद्धा हरियाली अमावस्या पर भगवान पशुपतिनाथ को लगा मालपुओं का भोग, बाजारों में भी दिनभर रही खरीदी की धूम
मंदसौर। रिमझिम बारिश, चारों ओर पसरी हरियाली और मालपुओं की भीनी-भीनी खुशबू के बीच बुधवार को हरियाली अमावस्या का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। बारिश ने पर्व के उत्साह को और बढ़ा दिया। सुबह से ही भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। बड़ी संख्या में लोगों ने मालपुओं का नैवेद्य भगवान को अर्पित किया और बाद में प्रसाद के रूप में उसका आनंद लिया। भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार श्रद्धालु मालपुए लेकर पहुंचे। मंदिर के पुजारी के माध्यम से भगवान की प्रतिमा तक मालपुओं का भोग लगाया गया। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। बारिश के बीच श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते रहे। हरियाली अमावस्या के पर्व पर बारिश का विशेष महत्व माना जाता है। नाम के अनुरूप इस दिन चारों ओर हरियाली और वर्षा का वातावरण रहे तो पर्व का आनंद दोगुना हो जाता है। बुधवार को रिमझिम बारिश के साथ कभी तेज बौछारें भी हुईं। चारों ओर हरियाली नजर आई और मौसम ने भी पर्व के अनुरूप रंग जमा दिया। लोगों ने बारिश और हरियाली के बीच पर्व का भरपूर आनंद लिया। समय के साथ मालपुओं की परंपरा घरों की रसोई से निकलकर बाजारों तक पहुंच गई है। पहले हरियाली अमावस्या पर घरों में मालपुए बनाकर भगवान को भोग लगाया जाता था, लेकिन अब शहर के प्रमुख बाजारों और चौराहों पर भी मालपुओं की दुकानें सजती हैं। जनकूपुरा क्षेत्र में करीब 10 से 12 दुकानें लगी रहीं। श्रद्धालु यहां से मालपुए खरीदकर घर ले जाते रहे और शुभ मुहूर्त में भगवान को भोग लगाने के बाद प्रसाद के रूप में उनका सेवन किया। गणपति चौक में भी मालपुओं की कई दुकानें सजी रहीं। कालाखेत क्षेत्र के होटल और भोजनालयों में भी मालपुओं की खुशबू लोगों को आकर्षित करती रही। सामान्य मालपुओं के साथ रबड़ी वाले मालपुओं की भी बिक्री हुई। दिनभर लोग मालपुए खरीदते और खाते नजर आए। शहर के अन्य क्षेत्रों में भी लोगों ने इसी परंपरा के साथ हरियाली अमावस्या मनाई। हरियाली अमावस्या पर भगवान शिव को मालपुओं का भोग लगाने के पीछे धार्मिक मान्यता जुड़ी है। मान्यता है कि माता पार्वती ने इसी दिन भगवान शिव के लिए मालपुए बनाकर उन्हें खिलाए थे। तभी से इस दिन भगवान शिव को मालपुओं का भोग लगाने की परंपरा चली आ रही है। मंदसौर में भगवान पशुपतिनाथ के प्रति गहरी आस्था के कारण यह परंपरा विशेष श्रद्धा के साथ निभाई जाती है। इस बार बारिश और हरियाली के बीच पर्व का उल्लास और भी बढ़ गया।
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