युवाओं के कंधों पर होगी विकसित भारत की जिम्मेदारी, तकनीक के गुलाम नहीं मालिक बनें : तोमर 32वें राष्ट्रीय भारतीय युवा संसद अधिवेशन का शुभारंभ, देशभर से पहुंचे युवा; विधानसभा अध्यक्ष ने कहा- राष्ट्रहित को हमेशा सर्वोपरि रखें

मंदसौर। विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर होगी। इसके लिए उन्हें शिक्षा, खेल और तकनीक के क्षेत्र में दक्षता हासिल करने के साथ अपनी संस्कृति और संस्कारों से भी जुड़े रहना होगा। तकनीक का उपयोग जरूर करें, लेकिन उसके गुलाम न बनें। तकनीक हमारी दासी होनी चाहिए, हम उसके दास नहीं। यह बात मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में 32वें राष्ट्रीय भारतीय युवा संसद अधिवेशन के शुभारंभ अवसर पर कही। मीडिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से युवा प्रतिभागी शामिल हुए। कार्यक्रम में सांसद सुधीर गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, विधायक हरदीप सिंह डंग, विधायक चंदर सिंह सिसोदिया, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, पूर्व विधायक देवीलाल धाकड़, मदनलाल राठौर और कार्यक्रम संयोजक आशुतोष जोशी सहित जनप्रतिनिधि एवं विद्यार्थी मौजूद रहे। तोमर ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए व्यक्ति निर्माण जरूरी है। यह सबसे कठिन कार्यों में से एक है। इस दिशा में काम कर रही संस्थाओं और संगठनों के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि तरुण शब्द में बड़ी ताकत है। युवा शक्ति का स्मरण होते ही भगत सिंह, खुदीराम बोस, चंद्रशेखर आजाद और महारानी लक्ष्मीबाई जैसे नाम सामने आते हैं, जिन्होंने कम उम्र में देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि आजादी हमारे पूर्वजों के बलिदान का परिणाम है। इसलिए इसकी कीमत समझना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मर्यादा में रहकर उपयोग करना जरूरी है। युवाओं को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक जड़ों से जुड़े रहना चाहिए। देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी किसी उम्र की मोहताज नहीं होती, यह भाव जीवन की शुरुआत से ही विकसित होना चाहिए। तोमर ने स्टार्टअप संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में देश में करीब 400 स्टार्टअप थे, जबकि आज भारत में स्टार्टअप का माहौल तेजी से विकसित हुआ है। युवाओं ने इस क्षेत्र में देश को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ज्ञान-विज्ञान में अग्रणी रहा है। कोरोना काल में भारत ने कम समय में वैक्सीन तैयार कर 100 देशों को उपलब्ध कराई और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए बेटा-बेटी दोनों का सर्वांगीण विकास जरूरी है। राष्ट्रहित हमेशा सर्वोपरि रहना चाहिए। युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। दीनदयाल के विचारों में समूचे प्राणी जगत के कल्याण की भावना : गुप्ता सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि भारत में लोकतंत्र की परंपरा प्राचीन काल से रही है और लोकतांत्रिक मूल्य हमेशा सर्वोपरि रहे हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों में मनुष्य ही नहीं, बल्कि नदी, पहाड़, पशु-पक्षी और समूचे प्राणी जगत के कल्याण की भावना समाहित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश समृद्धि की ओर तेजी से आगे बढ़ा है और गरीबी में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने युवाओं से बदलते भारत में नेशन फर्स्ट की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में संयोजक आशुतोष जोशी ने युवा संसद अधिवेशन की अवधारणा से अवगत कराया। पूर्व विधायक देवीलाल धाकड़ ने स्वागत उद्बोधन दिया। अधिवेशन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने युवा प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

Nov 1, 2026 - 08:38
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