केंद्रीय गणेशोत्सव समिति के तत्वावधान में अनंत चतुर्दशी पर आज रात सजेगा मंदसौर, 16 झांकियों और 7 अखाड़ों के साथ निकलेगा 62वां गणपति विसर्जन चल समारोह रात 9 बजे गणपति चौक से शुरू होगा कारवां, सुबह 7 बजे तक शहर में रहेगी उत्सव की छटा; सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम
मंदसौर। अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार रात मंदसौर शहर गणपति भक्ति और आकर्षक झांकियों से सराबोर रहेगा। गणपति विसर्जन के 62वें चल समारोह में इस बार 16 नयनाभिराम झांकियां और 7 अखाड़े प्रमुख आकर्षण रहेंगे। अखाड़ों के पहलवान अपने हैरतअंगेज करतबों से लोगों का मनोरंजन करेंगे। इसके अलावा शहर में 10 स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं के विभिन्न स्वरूपों के विशेष दर्शन भी श्रद्धालुओं को होंगे। चल समारोह की शुरुआत रात 9 बजे गणपति चौक स्थित श्री द्विमुखी चिंताहरण गणपति मंदिर से होगी। परंपरा के अनुसार यहां पूजा-अर्चना के बाद झांकियों और अखाड़ों का कारवां आगे बढ़ेगा। परम्परानुसार आयोजन में जिला कलेक्टर दिव्यांकसिंह और जिला पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा भी पूजा-अर्चना में शामिल होंगे। केंद्रीय गणेशोत्सव समिति के संरक्षक पंडित दिलीप शर्मा, अध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल, परामर्शदाता राधेश्याम शर्मा पार्टनर, संयोजक बसंत शर्मा, प्रदीप भाटी, महासचिव गोपाल मंडोवरा, कोषाध्यक्ष राजकुमार सिंघल और प्रवक्ता कपिल मावर ने बताया कि इस बार शहर के विभिन्न क्षेत्रों और संस्थाओं की झांकियां चल समारोह का हिस्सा बनेंगी। समिति के अनुसार चल समारोह में द्विमुखी चिंताहरण गणपति मंदिर, राधेश्याम शर्मा एंड पार्टनर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, सकल वाल्मीकि समाज, नगरपालिका, श्रीराम गणेश उत्सव समिति राम टेकरी, देहली गेट गणेश उत्सव समिति सम्राट मार्केट, श्रीकृष्ण गणेश उत्सव समिति नयापुरा, श्री भैरवनाथ नवयुवक गणेश उत्सव समिति नयापुरा, श्री क्षत्रिय मेवाड़ा कुमावत समाज मित्र मंडल नरसिंहपुरा, श्री जय कालका माता ग्रुप बालाजी व्यायामशाला गुप्तानंद आश्रम, जनपद पंचायत मंदसौर, वैश्य महासम्मेलन, संयुक्त माली समाज, श्री त्रिनेत्र ग्रुप नेहरू बस स्टैंड, कालका माता गणेशोत्सव समिति संजीत नाका और श्री राधाकृष्ण ग्रुप की झांकियां शामिल रहेंगी। चल समारोह का निर्धारित मार्ग महाराणा प्रताप चौराहा से शुरू होकर बीपीएल चौराहा, गांधी चौराहा, बस स्टैंड, घंटाघर और सदर बाजार होते हुए श्री पशुपतिनाथ मंदिर तक रहेगा। व्यवस्था के अनुसार रात 9 बजे तक झांकियां महाराणा प्रताप बस स्टैंड से आगे बढ़ेंगी। सुबह 4 बजे तक झांकियों के बीपीएल चौराहा पार करने का क्रम रहेगा। इसके बाद सुबह 4 से 7 बजे तक बीपीएल चौराहे से घंटाघर तक झांकियों का मुख्य कारवां देखने को मिलेगा। आयोजन के दौरान झांकियां अपनी निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार आगे बढ़ेंगी। बैठक में तय किया गया है कि मार्ग और चिन्हित स्थानों पर झांकियों को आवश्यकता के अनुसार रोका जाएगा और तय समय पर ही आगे बढ़ाया जाएगा। समिति ने झांकी संचालकों से व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। शहर में गणेश प्रतिमाओं के दर्शन के लिए भी कई स्थानों पर विशेष सजावट की गई है। त्रिनेत्र गणेशोत्सव समिति बस स्टैंड, जय कालका माता गणेश उत्सव समिति सम्राट मार्केट, चौक के राजा गणेश उत्सव समिति नरसिंहपुरा, त्रिलोक युवा संघ नरसिंहपुरा, सिद्धिविनायक गणेश उत्सव समिति गोल चौराहा, संत कंवरराम गणेश उत्सव समिति और बसेर चौक के राजा सहित अन्य स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी। चल समारोह को रोशन रखने के लिए विद्युत मंडल द्वारा विभिन्न खंभों पर विद्युत पॉइंट लगाए जाएंगे। मार्ग में आने वाली विद्युत लाइनों के रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक झांकी के साथ विद्युत मंडल के दो कर्मचारी तैनात रहेंगे। आयोजन समाप्त होने तक झांकियों के लिए लगाए गए विद्युत मीटर नहीं हटाए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी व्यापक तैयारी की है। बीपीएल चौराहा, गांधी चौराहा, बस स्टैंड, घंटाघर और मंडी गेट पर वॉच टावर बनाए जाएंगे। यहां तैनात पुलिस जवान ऊंचाई से चल समारोह पर नजर रखेंगे। वॉच टावरों पर माइक, टॉर्च, विद्युत और साउंड की व्यवस्था रहेगी। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ महिला पुलिस बल भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया जाएगा। नगरपालिका को चल समारोह मार्ग से आवारा पशुओं को हटाने की जिम्मेदारी दी गई है। आपात स्थिति के लिए बस स्टैंड, शहर कोतवाली और जिला चिकित्सालय में एंबुलेंस उपलब्ध रहेगी। फायर ब्रिगेड को कंट्रोल रूम और शहर कोतवाली पर तैनात किया जाएगा। नगरपालिका की ओर से मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही शहर के सामाजिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क अल्पाहार और पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। केंद्रीय गणेशोत्सव समिति के पदाधिकारियों ने धर्मप्रेमी नागरिकों से सपरिवार चल समारोह में पहुंचने और झांकियों का आनंद लेने की अपील की है। समिति ने शहर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा की जा रही सेवा गतिविधियों में सहयोग और उनका उत्साहवर्धन करने का भी आग्रह किया है। आयोजन से जुड़े केंद्रीय गणेशोत्सव समिति के पदाधिकारियों में संरक्षक पं. दिलीप शर्मा, अध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल, परामर्शदाता राधेश्याम शर्मा पार्टनर, संयोजक बसंत शर्मा, प्रदीप भाटी, महासचिव गोपाल मंडोवरा, कोषाध्यक्ष राजकुमार सिंघल, प्रवक्ता कपिल मावर के साथ रमेश ग्वाला, गोवर्धन कुमावत, राधेश्याम बरानिया, कैलाशचंद पुरोहित, देव डगवार, श्याम पहलवान, सुनील जैन महाबली, अनिरुद्ध शर्मा, लखन डागर, सुनील रिल, विश्व मोहन अग्रवाल, विक्की गोसर और सोनू शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। 62 साल से जारी मंदसौर की गणेशोत्सव परंपरा, झांकी समितियों को सम्मानित करेगी केंद्रीय समिति स्व. पं. रामनारायण शर्मा ने छह दशक पहले रखी थी परंपरा की नींव, विधायक विपिन जैन ने प्रत्येक झांकी के लिए 5 हजार रुपए देने की स्वीकृति दी मंदसौर। अनंत चतुर्दशी पर मंदसौर में निकलने वाला गणेश विसर्जन चल समारोह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर की छह दशक पुरानी परंपरा का हिस्सा बन चुका है। केंद्रीय गणेशोत्सव समिति के अध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि समिति लगातार 62 वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन कर रही है। समाजसेवी स्व. पंडित रामनारायण शर्मा ने करीब छह दशक पहले जिस परंपरा की शुरुआत की थी, वह आज वटवृक्ष का रूप ले चुकी है और इसमें शहर के विभिन्न सामाजिक संगठन व संस्थाएं लगातार जुड़ रही हैं। अग्रवाल ने बताया कि इंदौर में झांकियां निकालने वाली संस्थाओं को विकास प्राधिकरण और अन्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आर्थिक सहयोग दिया जाता है। इसी तर्ज पर मंदसौर में भी झांकी निकालने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्रीय गणेशोत्सव समिति ने जनप्रतिनिधियों से पत्राचार किया था। समिति के प्रयासों के बाद विधायक विपिन जैन ने विधायक स्वेच्छानुदान निधि से अनंत चतुर्दशी पर झांकी निकालने वाली प्रत्येक संस्था को 5 हजार रुपए की राशि दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। समिति ने इसे शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग बताया है। नगरपालिका की ओर से भी झांकी समितियों को शील्ड देकर सम्मानित किए जाने की परंपरा है, हालांकि यह सम्मान कार्तिक पूर्णिमा के मेले के अवसर पर किया जाता है। इसी व्यवस्था को देखते हुए केंद्रीय गणेशोत्सव समिति ने पिछले वर्ष एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया था। समिति के अनुसार अब अनंत चतुर्दशी पर झांकियां निकालने वाली समितियों के साथ-साथ शहर में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए स्वल्पाहार, खाद्य सामग्री और पेयजल के स्टॉल लगाने वाली सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही एक समारोह आयोजित करने की योजना है। समिति का उद्देश्य गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक आयोजन के साथ सेवा कार्यों में योगदान देने वाली संस्थाओं और समितियों का सार्वजनिक रूप से उत्साहवर्धन करना है।
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