राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 37 शिक्षकों का सम्मान, वरिष्ठ शिक्षकों के लिए ऑफलाइन टीईटी का ऐलान

भोपाल। शिक्षक बच्चों के भविष्य के शिल्पकार हैं। वे केवल पाठ नहीं पढ़ाते, बल्कि ज्ञान, संस्कार और नैतिक मूल्यों से भावी पीढ़ी को तैयार करते हैं। शिक्षक दिवस पर शनिवार को आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह-2026 में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शिक्षकों से बच्चों को आत्मीयता और धैर्य के साथ पढ़ाने का आह्वान किया। समारोह में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान-2026 और गत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्राप्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला घर होती है, जहां माता-पिता उन्हें प्रारंभिक शिक्षा और संस्कार देते हैं। शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व को दिशा देकर उन्हें आदर्श नागरिक बनाने का कार्य करते हैं। बच्चे विकसित भारत के कर्णधार हैं और शिक्षक इन कर्णधारों के शिल्पकार हैं। इसलिए शिक्षकों को पहले स्वयं ज्ञान और नैतिक गुणों का आदर्श बनना चाहिए तथा बच्चों में ईमानदारी, सहनशीलता और जुझारूपन जैसे गुण विकसित करने चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक आवश्यकताओं और रोजगार के नए अवसरों के अनुरूप शिक्षा में निरंतर सुधार और नवाचार जरूरी है। भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़कर शिक्षा को नई शक्ति देनी होगी। विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुसार कला, विज्ञान, खेल, कौशल और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र चुनने का अवसर मिलना चाहिए। शिक्षक अब केवल पाठ पढ़ाने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानकर उन्हें सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक बनें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की अनुपम धरोहर है। देश की किस्मत कक्षाओं में शिक्षक बनाते हैं। शिक्षक एक दीपक की तरह स्वयं प्रकाश देते हुए विद्यार्थियों का जीवन रोशन करते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार शिक्षकों की मेहनत का सम्मान करती है और उनकी बेहतरी के लिए आवश्यक निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के जिन वरिष्ठ शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देनी है और जिन्हें इसकी आवश्यकता है, उनके लिए ऑफलाइन टीईटी परीक्षा कराने के प्रयास और प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार प्रयासरत है और प्रदेश के शासकीय विद्यालयों को निजी विद्यालयों से बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की थी। उन्होंने कहा कि महर्षि सांदीपनि ने श्रीकृष्ण में भविष्य का पुरुषार्थ और पराक्रम पहचान लिया था। इसी प्रकार महर्षि विश्वामित्र ने बाल्यकाल में श्रीराम और उनके भाइयों की प्रतिभा को पहचाना और श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनने की दिशा दी। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षक दिवस गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। देश की भावी पीढ़ी को आगे बढ़ाने में अभिभावकों के साथ शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का प्रत्येक शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की अहम कड़ी है। विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मां सरस्वती और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। राज्यपाल का मुख्यमंत्री ने पौधा भेंट कर स्वागत किया, जबकि स्कूल शिक्षा मंत्री ने स्मृति चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया। समारोह में सुसनेर के शिवलाल दांगी, बालाघाट के धन्नालाल बिसेन, बैतूल के रीतेश कुमार पथाड़े, दमोह के सुखनंदन साहू, गुना के नरेंद्र कुमार भारद्वाज, नर्मदापुरम के ओम प्रकाश विश्वकर्मा, कटनी के महेंद्र सिंह ठाकुर, मंदसौर के राकेश कुमार गुप्ता, नरसिंहपुर की शिखा शर्मा, नीमच के लोकेंद्र सिंह पंवार, निवाड़ी की ज्योति पाठक, रायसेन के राकेश कुमार वर्मा, राजगढ़ के सुरेश चंद्र सोनी, रतलाम की शर्मिला उपाध्याय, सिवनी की रीनादेवी कटरे, शाजापुर के हेमंत कुमार वैद्य, सीधी के राकेश द्विवेदी, उज्जैन की सीमा परमार सहित अन्य शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया। राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्राप्त शिक्षकों शीला पटेल और भैरूलाल ओसारा को भी सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और 25 हजार रुपए की नगद सम्मान राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, विधायक भगवानदास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, सम्मानित शिक्षक और उनके परिजन उपस्थित रहे।

Sep 6, 2026 - 09:33
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